रेणु सेमवाल ब्रेकिंग हाई वोल्टेज न्यूज _____________महाकुंभ की ‘वायरल गर्ल’ मोनालिसा नाबालिग निकली, पति फरमान खान पर POCSO केस दर्ज
नई दिल्ली______________10 अप्रैल 2026
महाकुंभ से वायरल हुई मोनालिसा भोंसले को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की जांच में दावा किया गया है कि मोनालिसा नाबालिग है। इस खुलासे के बाद उनके पति फरमान खान के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
जांच में क्या सामने आया
आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य के निर्देश पर हुई जांच में पाया गया कि मोनालिसा की वास्तविक जन्मतिथि 30 दिसंबर 2009 है। इस आधार पर 11 मार्च 2026 को हुई शादी के समय उनकी उम्र लगभग 16 साल थी।

जांच में यह भी सामने आया कि:
शादी के लिए इस्तेमाल किया गया जन्म प्रमाण पत्र गलत था
महेश्वर नगर परिषद से गलत तारीख (1 जनवरी 2008) वाला प्रमाण पत्र जारी हुआ था
सरकारी अस्पताल के रिकॉर्ड में सही जन्मतिथि दर्ज पाई गई
फरमान खान पर गंभीर धाराएं
मध्य प्रदेश के महेश्वर थाने में फरमान खान के खिलाफ निम्न कानूनों के तहत FIR दर्ज हुई है:
POCSO एक्ट (नाबालिग से संबंध)
SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराएं
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
आयोग की सख्ती
आयोग ने इस मामले को गंभीर मानते हुए:
मध्य प्रदेश और केरल के DGP को 22 अप्रैल 2026 को तलब किया है
विस्तृत रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजने की तैयारी की है
जांच पूरी होने तक निगरानी जारी रखने की बात कही है
राजनीतिक और संगठनात्मक एंगल पर आरोप
अधिवक्ता प्रथम दुबे ने आरोप लगाया है कि इस मामले में कुछ राजनीतिक तत्वों और संगठनों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
परिवार और विवाद का दूसरा पक्ष
मामले में एक और विवाद तब बढ़ा जब मोनालिसा ने फिल्म निर्देशक सनोज मिश्रा पर छेड़छाड़ के आरोप लगाए।
इसके जवाब में:
सनोज मिश्रा ने आरोपों को गलत बताया
मोनालिसा के पिता जय सिंह भोंसले और परिवार ने भी उनके दावों को झूठा बताया
परिवार का कहना है कि:
मोनालिसा के आरोप निराधार हैं
उन्हें परिवार और निर्देशक दोनों का समर्थन मिला था
मोनालिसा की अपील
मोनालिसा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और केरल सरकार से मदद की मांग की है।
उन्होंने अपनी शादी को वैध बताया और कहा कि उन्हें परेशान किया जा रहा है।
यह मामला अब कानूनी, सामाजिक और राजनीतिक रूप से काफी संवेदनशील हो गया है।
एक ओर नाबालिग होने के दावे और कानूनी कार्रवाई
दूसरी ओर परिवार और व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप
अभी अंतिम सच्चाई जांच और अदालत के फैसले के बाद ही स्पष्ट होगी।
