
भगवान महावीर जयंती महोत्सव जन्म कल्याणक महोत्सव गिरनार पीठाधीश कर्मयोगी 105 क्षुल्लकरत्न श्री समर्पण सागर जी महाराज के पावन आशीर्वाद एवं सानिध्य में श्री दिगम्बर जैन समाज देहरादून में श्रीमती वीना जैन के निर्देशन में जैन महिला ‘एकता’ व वीतराग विज्ञान पाठशाला के तत्वावधान में नृत्य-नाटिका वीरप्रभु का गर्भ, *जन्मोत्सव, *वैराग्य* कार्यक्रम जैन धर्मशाला गांधी रोड़ पर आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोकेश जैन ,रचना जैन रेस कोर्स राजीव जैन फोम हाउस
चित्र अनावरणकर्ता डॉ मनीष जैन, डॉ भावना जैन
दीप प्रज्वलन श्री मुनेंद्र स्वरूप जैन, दीपक जैन सी ए ने किया
इस अवसर पर क्षुल्लक श्री समर्पण सागर जी महाराज ने बताया कि महावीर जयंती जैन धर्म का एक महत्वपूर्ण त्योहार है। बेहद धूमधाम और पारंपरिक तरीके से मनाया जाने वाला यह हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर मनाई जाती है। भगवान महावीर का जन्म राजा सिद्धार्थ और रानी त्रिशला के घर हुआ था। उनका जन्म 599 ईसा पूर्व में बिहार के कुंडलग्राम में हुआ, बचपन में उनका नाम वर्धमान रखा गया। ।
महावीर जयंती 2026 का महत्व
महावीर जयंती जैन समुदाय के लिए सबसे महत्वपूर्ण पर्वों में से एक है। इस दिन भगवान महावीर की जयंती को बेहद हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। वे जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर थे। इन्होंने धर्म और सत्य के मार्ग का प्रचार किया। महावीर स्वामी ने 30 वर्ष की आयु में सबकुछ छोड़कर आध्यात्मिक मार्ग अपना लिया था। भगवान महावीर ने जीवन जीने के लिए कई महत्वपूर्ण सिद्धांत बताए, जिनमें ये 5 प्रमुख हैं। इन सिद्धांतों का उन्होंने खूब प्रचार-प्रसार किया है।
भगवान महावीर के सिद्धांत अहिंसा किसी भी जीव को मन, वचन और कर्म से कष्ट न पहुंचाना। सत्य हमेशा सच बोलना और झूठ से दूर रहना।
अस्तेय जो वस्तु आपको स्वेच्छा से न दी गई हो, उसे कभी न लेना ब्रह्मचर्य (शुद्धता)- अपनी इंद्रियों और इच्छाओं पर नियंत्रण रखना। गैर-भौतिक चीजों से दूरी भौतिक वस्तुओं और सांसारिक मोह-माया से दूरी बनाकर रखना। जिनके आधार पर उन्होंने अपना व जन जन तक उसका संदेश पहुचाया। इस अवसर पर मीडिया कोऑर्डिनेटर मधु जैन ने बताया कि
इस अवसर पर वीतराग विज्ञान पाठशाला जैन महिला एकता द्वारा भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं नृत्य नाटिकाएं भगवान महावीर के जन्म कल्याणक महोत्सव पर प्रस्तुत की गई । जिसका भारी संख्या में लोगों ने उत्साह वर्धन करते हुए आनंद लिया और धर्म लाभ उठाया।______इस अवसर पर देहरादून जैन समाज के सभी गणमान्य एवं उत्सव समिति के सभी पदाधिकारी मौजूद रहे।_____मधु जैन
मीडिया समन्वयक
जैन समाज
