जिला पंचायत सदस्यों की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं, मांगें पूरी न होने पर होगा प्रदेशव्यापी आंदोलन

देहरादून,जिला पंचायत सदस्य संगठन उत्तराखंड ने आज अपनी लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एक जोरदार ज्ञापन एडीएम के माध्यम से सौंपा। संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जिला पंचायत सदस्यों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो पूरे प्रदेश में व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा।ज्ञापन में संगठन ने प्रमुख रूप से डीपीसी (जिला योजना समिति) के चुनाव शीघ्र कराने, जिला पंचायत सदस्यों के मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि करने तथा पंचायत प्रतिनिधियों को विकास कार्यों के लिए पर्याप्त अधिकार और संसाधन उपलब्ध कराने की मांग उठाई।संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि जिला पंचायत सदस्य ग्रामीण क्षेत्रों की जनता और सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं, लेकिन लंबे समय से उनकी लगातार उपेक्षा की जा रही है। न तो समय पर डीपीसी चुनाव कराए जा रहे हैं और न ही मानदेय में वृद्धि की जा रही है, जिससे जनप्रतिनिधियों में भारी रोष और असंतोष व्याप्त है।प्रदेश महामंत्री प्रवीन रावत ‘प्रिंस’ ने कहा कि जिला पंचायत सदस्यों को मजबूत किए बिना ग्रामीण विकास की कल्पना अधूरी है। उन्होंने सरकार से मांग की कि पंचायत प्रतिनिधियों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा हेतु तत्काल ठोस कदम उठाए जाएं।संगठन के संरक्षक संजय किशोर ने कहा कि यदि सरकार ने जिला पंचायत सदस्यों की जायज़ मांगों को नजरअंदाज किया, तो प्रदेशभर के सदस्य सड़कों पर उतरकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होंगे।ज्ञापन सौंपने के दौरान संरक्षक संजय किशोर, प्रदेश महामंत्री प्रवीन रावत प्रिंस, गोविन्द सिंह पुंडीर, जिला पंचायत सदस्य अमिता वर्मा, वीरेंद्र रावत सहित जिला पंचायत सदस्य उपस्थित रहे।
