मथुरा-वृन्दावन में श्रीमलूक जयंती महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री Yogi Adityanath, संत परंपरा को बताया भारत की सांस्कृतिक शक्ति का आधार

मथुरा-वृन्दावन। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कहा कि भारत के संतों की दिव्य परंपरा सदैव राष्ट्र की आत्मा को दिशा देने वाली रही है। उन्होंने कहा कि संत समाज ने हर युग में अपने मूल्यों, आदर्शों और आध्यात्मिक चेतना से समाज को जागृत किया तथा किसी भी विपरीत परिस्थिति में अपने धर्म और संस्कृति से विचलित हुए बिना जनमानस का मार्गदर्शन किया। यही चेतना आज के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक भारत का सशक्त आधार है।
मुख्यमंत्री ने यह विचार Mathura-Vrindavan में आयोजित भारत भूमि के महान संत श्रीमद् जगद्गुरु द्वाराचार्य श्रीमलूकदास देवाचार्य जी महाराज की 452वीं जयंती के पावन अवसर पर व्यक्त किए। इस दौरान उन्होंने श्रीमलूक जयंती महोत्सव एवं श्री सीताराम निकुंज अष्टयाम लीला महोत्सव में सहभागिता की। कार्यक्रम पूज्य संत स्वामी राजेंद्र दास देवाचार्य जी महाराज के सानिध्य में सम्पन्न हुआ, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत-महात्मा और धर्माचार्य उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संत परंपरा ने भारतीय समाज को केवल आध्यात्मिक ऊर्जा ही नहीं दी, बल्कि सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रभाव को भी मजबूत किया है। उन्होंने संतों के जीवन को प्रेरणा का स्रोत बताते हुए कहा कि वर्तमान समय में भी समाज को उनके आदर्शों से दिशा मिल रही है।
इस अवसर पर विभिन्न अखाड़ों और पीठों से पधारे पूज्य साधु-संतों एवं धर्माचार्यों की गरिमामयी उपस्थिति रही। मुख्यमंत्री ने सभी संतों का अभिनंदन करते हुए जगद्गुरु मलूकदास जी महाराज की पुण्य स्मृतियों को नमन किया और कहा कि उनका जीवन लोकमंगल, भक्ति और आध्यात्मिक जागरण का अद्वितीय उदाहरण है।
मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन नई पीढ़ी को भारतीय परंपराओं से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। 🙏🕉️📿
