विश्व गौरैया दिवस पर विलुप्तप्राय गौरैया संरक्षण का अभियान जारी

हर वर्ष 20 मार्च को देशभर में World Sparrow Day मनाया जाता है। इस अवसर पर विलुप्तप्राय होती गौरैया के संरक्षण हेतु समाज में जागरूकता फैलाने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं।________Roshan Rana, Shri Mahakal Seva Samiti के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ समाजसेवी, ने बताया कि वे वर्ष 2014 से गौरैया संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उनका कहना है कि प्रायः मार्च माह में गौरैया जोड़े बनाकर घोंसले तैयार करती है, लेकिन शहरों में तेज़ी से बढ़ते विकास और पेड़ों की कटाई के कारण इनके प्राकृतिक आवास समाप्त होते जा रहे हैं।______________उन्होंने बताया कि आज की शहरी संरचना में गौरैया को घोंसले बनाने के लिए सुरक्षित स्थान नहीं मिल पा रहा है। साथ ही मोबाइल टावरों से निकलने वाले रेडिएशन के कारण भी इनकी संख्या में निरंतर गिरावट देखी जा रही है।_________इसी को ध्यान में रखते हुए रोशन राणा हर वर्ष सैकड़ों कृत्रिम घोंसले तैयार कर निःशुल्क वितरित करते हैं, ताकि गौरैया को सुरक्षित आश्रय मिल सके।____________इस अभियान में उनकी पुत्री Anushka Rana भी सक्रिय रूप से सहयोग करती हैं। वे घरों और सार्वजनिक स्थानों पर गौरैया के लिए घोंसले लगाने तथा पीने के पानी की व्यवस्था करने में मदद करती रहती हैं।_________समिति द्वारा आमजन से अपील की गई है कि वे भी अपने घरों, बालकनी और आसपास के स्थानों पर पानी और दाना रखकर गौरैया संरक्षण में भागीदारी निभाएं। 🐦🌿
