दसरथ पुत्रजन्म सुनि काना। मानहुँ ब्रह्मानंद समाना॥
परम प्रेम मन पुलक सरीरा। चाहत उठन करत मति धीरा॥

यह पावन चौपाई उस दिव्य क्षण का स्मरण कराती है जब महाराज दशरथ ने प्रभु श्रीराम के जन्म का शुभ समाचार सुनकर ब्रह्मानंद की अनुभूति की थी। आज भी प्रभु श्रीराम का स्मरण समस्त मानवता के लिए श्रद्धा, आस्था और आत्मिक ऊर्जा का स्रोत है।सीएम
Yogi Adityanath ने कहा कि करुणा, मर्यादा, धर्म और अनुपम सौंदर्य के साक्षात स्वरूप प्रभु श्रीराम भारतीय संस्कृति और सनातन जीवन मूल्यों के सर्वोच्च आदर्श हैं। उनका जीवन लोककल्याण, कर्तव्यनिष्ठा, त्याग एवं सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश एवं देशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की मंगलकामना करते हुए प्रार्थना की कि प्रभु श्री रामलला की कृपा समस्त जनमानस पर बनी रहे तथा समाज में प्रेम, सद्भाव और नैतिक चेतना का विस्तार हो।
उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम का आदर्श चरित्र प्रत्येक पीढ़ी को राष्ट्रसेवा, परिवार-निष्ठा और मर्यादित आचरण की दिशा प्रदान करता है। वर्तमान समय में भी प्रभु श्रीराम के जीवन-मूल्य समाज को एकता, संयम और आत्मबल का संदेश देते हैं।
सियावर रामचन्द्र की जय।
