त्वचा रोगों में स्वयं इलाज करना पड़ सकता है भारी ________डॉ. अनिल आर्य त्वचा विशेषज्ञ


_______Dr. Anil Arya, स्किन स्पेशलिस्ट ने कहा कि बरसात और नमी वाले मौसम में फंगल इन्फेक्शन, Scabies, Psoriasis तथा Eczema जैसे त्वचा रोगों के मरीजों की संख्या अधिक बढ़ जाती है। हालांकि वर्तमान समय में ऐसे मरीज वर्ष के बारहों महीने उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
डॉ. अनिल आर्य के अनुसार अक्सर देखा जाता है कि त्वचा पर हल्की-सी समस्या होते ही मरीज सीधे विशेषज्ञ चिकित्सक के पास आने के बजाय आसपास के केमिस्ट, झोलाछाप डॉक्टर या इंटरनेट विशेषकर यूट्यूब पर बताए गए उपायों के आधार पर स्वयं इलाज शुरू कर देते हैं। ऐसे में कई बार मरीजों को स्टेरॉयड युक्त तेज दवाइयाँ दे दी जाती हैं, जिनका बिना सही जांच और परामर्श के उपयोग त्वचा के लिए अत्यंत हानिकारक सिद्ध हो सकता है।
उन्होंने बताया कि स्टेरॉयड दवाइयों के गलत और अत्यधिक उपयोग से त्वचा रोग धीरे-धीरे गंभीर और जटिल रूप ले लेते हैं। कई मरीज जब देर से डॉक्टर के पास पहुंचते हैं, तब तक त्वचा पर दवाओं का दुष्प्रभाव बढ़ चुका होता है और सामान्य दवाइयाँ भी असर करना कम कर देती हैं, क्योंकि पहले से ही अत्यधिक शक्तिशाली दवाओं का प्रयोग किया जा चुका होता है।
डॉ. अनिल आर्य ने स्पष्ट सलाह दी है कि यदि किसी भी व्यक्ति को त्वचा संबंधी छोटी या बड़ी समस्या हो, तो वह स्वयं डॉक्टर बनने की कोशिश न करे और न ही केमिस्ट, झोलाछाप डॉक्टर या सोशल मीडिया पर बताए गए घरेलू उपायों के भरोसे इलाज करे।
उन्होंने कहा कि यूट्यूब पर दिखाई जाने वाली अनेक रेमेडी वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं होतीं। बिना चिकित्सकीय सलाह के कोई भी क्रीम, सीरम, घरेलू नुस्खा या उत्पाद प्रयोग करने से त्वचा को स्थायी नुकसान हो सकता है। आजकल लोग सोशल मीडिया देखकर विभिन्न उत्पादों का अत्यधिक प्रयोग कर रहे हैं, जिसके कारण त्वचा की प्राकृतिक स्थिति बिगड़ रही है।
डॉ. अनिल आर्य की एडवाइस कि त्वचा से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या होने पर सीधे योग्य चिकित्सक से संपर्क करें, स्वयं उपचार से बचें और इंटरनेट आधारित अप्रमाणित सलाहों से दूरी बनाए रखें। ⚕️🩺📌
