मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी को हरिद्वार के खड़खड़ी श्मशान घाट में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई🕉️🙏🏼🥹

खड़खड़ी श्मशान घाट में राजकीय सम्मान के साथ दी गई मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी को अंतिम विदाई सेना और पुलिस के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर दी अंतिम सलामी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर सहित अनेक गणमान्य लोग रहे उपस्थित रहे हरिद्वार। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व केंद्रीय मंत्री तथा भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी रहे मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी (सेवानिवृत्त) को बुधवार को हरिद्वार के खड़खड़ी श्मशान घाट में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान प्रदेश और देशभर से आए हजारों लोगों ने नम आंखों से अपने प्रिय नेता को श्रद्धांजलि अर्पित की।

अंतिम संस्कार के दौरान भारतीय सेना एवं पुलिस के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर मेजर जनरल खंडूरी को अंतिम सलामी दी। उनके पुत्र मनीष खंडूरी ने मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार की विधि पूर्ण की। वातावरण “भुवन चंद्र खंडूरी अमर रहें” के नारों और श्रद्धा-सुमनों से भावुक हो उठा।मेजर जनरल खंडूरी की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों के साथ आमजन ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उनकी सादगी, ईमानदारी और अनुशासित जीवन को याद करते हुए हर किसी की आंखें नम थीं।Pushkar Singh Dhami ने कहा कि मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी का निधन उत्तराखंड और पूरे देश के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि खंडूरी जी ने सेना के अधिकारी, केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री के रूप में पारदर्शिता, अनुशासन और जनसेवा की मिसाल कायम की। उनका व्यक्तित्व और कृतित्व सदैव आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने आज एक मार्गदर्शक और अभिभावक को खो दिया है।Manohar Lal Khattar ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि मेजर जनरल खंडूरी का संपूर्ण जीवन सादगी, ईमानदारी और राष्ट्रसेवा को समर्पित रहा। उन्होंने मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और सेना अधिकारी के रूप में हर जिम्मेदारी को पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ निभाया। उनके योगदान को उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरा देश सदैव स्मरण रखेगा।

इस अवसर पर Bhagat Singh Koshyari, Vijay Bahuguna, Ramesh Pokhriyal Nishank, Tirath Singh Rawat, Ajay Tamta, Anil Baluni, Ajay Bhatt, Subodh Uniyal, Satpal Maharaj, Dhan Singh Rawat, Ganesh Joshi, Saurabh Bahuguna, Madan Kaushik, Pradeep Batra, Khajan Das सहित अनेक जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी का निधन केवल एक राजनीतिक युग का अंत नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी, सादगी और सुशासन की एक ____प्रेरणादायी परंपरा का अवसान है। उनका योगदान और आदर्श सदैव जनमानस के हृदय में अमर रहेंगे।

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