देहरादून के पैनेसिया अस्पताल में भीषण अग्निकांड: ICU में AC ब्लास्ट से लगी आग, महिला मरीज की दर्दनाक मौत, कई घायल

देहरादून_____20 मई पैनेसिया अस्पताल में बुधवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अस्पताल के ICU में लगे एयर कंडीशनर (AC) में अचानक ब्लास्ट होने के बाद भीषण आग लग गई। देखते ही देखते पूरा ICU धुएं से भर गया और अस्पताल में भर्ती मरीजों, तीमारदारों तथा स्टाफ के बीच भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। इस दर्दनाक हादसे में एक 60 वर्षीय महिला मरीज की मौत हो गई, जबकि कई मरीज, अस्पताल कर्मी और पुलिसकर्मी घायल हो गए।घटना सुबह करीब 9:22 बजे की बताई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ICU की फॉल सीलिंग में स्थापित AC यूनिट में तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट के चलते विस्फोट हुआ, जिसके बाद आग तेजी से फैल गई। आग और धुएं के कारण ICU में भर्ती मरीजों की जान पर बन आई।महिला मरीज की मौत, कई घायल हादसे में मृत महिला की पहचान वीरवती (60 वर्ष), निवासी देहरादून के रूप में हुई है। उन्हें गंभीर अवस्था में कैलाश अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक तौर पर मौत का कारण धुएं से दम घुटना और झुलसना माना जा रहा है। हालांकि वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा।घायलों में राहुल कुमार, मुकेश, शंभू दास, गौरी (ढाई वर्ष), दौलत सिंह, बेबी उर्फ पायल (नवजात), संगीता देवी, खान बहादुर, नित्यानंद और निहाल शामिल हैं।राहत कार्य के दौरान तीन पुलिसकर्मी भी घायल मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने के दौरान तीन पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। इनमें ASI नरेंद्र कुमार, कांस्टेबल बृजमोहन रावत और कांस्टेबल बृजमोहन कनवासी शामिल हैं। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया। ICU के मरीजों को अन्य अस्पतालों में किया गया शिफ्ट घटना के समय अस्पताल में कुल 13 से 14 मरीज भर्ती थे। ICU में भर्ती मरीजों को तत्काल रेस्क्यू कर कैलाश अस्पताल और कोरोनेशन अस्पताल सहित अन्य चिकित्सा संस्थानों में भर्ती कराया गया। फायर ब्रिगेड, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।छह मिनट में मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड गढ़वाल मंडलायुक्त विनय शंकर पांडे ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद बताया कि सूचना मिलने के मात्र छह मिनट के भीतर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई थी और तत्परता से आग पर काबू पा लिया गया। उन्होंने बताया कि अस्पताल पैनेसिया ग्रुप द्वारा लीज पर संचालित किया जा रहा था।मंडलायुक्त ने कहा कि प्रथम दृष्टया आग का कारण AC यूनिट में तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट प्रतीत हो रहा है, लेकिन पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जाएगी।अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल इस हृदयविदारक घटना के बाद देहरादून सहित पूरे उत्तराखंड में निजी और सरकारी अस्पतालों की फायर सेफ्टी व्यवस्था तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन ने अस्पताल की फायर एनओसी, सुरक्षा मानकों और नियमित ऑडिट की जांच के आदेश दे दिए हैं।चीफ फायर ऑफिसर अभिनय त्यागी ने बताया कि राहत एवं बचाव कार्य के दौरान प्राथमिकता मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने की रही।जांच के आदेश, जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई जिला प्रशासन ने घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं। साथ ही अस्पताल की फायर सेफ्टी व्यवस्था, उपकरणों की स्थिति और आपातकालीन तैयारियों की गहन समीक्षा की जाएगी। यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।यह हादसा एक बार फिर अस्पतालों में सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन की आवश्यकता को रेखांकित करता है। एक चूक ने एक परिवार से उनका अपना छीन लिया और कई जिंदगियों को खतरे में डाल दिया। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।
