साधु नदी के पानी के जैसा है बहता रहता है जहां जाता है पानी पिलाता है:आचार्य श्री 108 सौरभ सागर जी महामुनिराज


विषय :- पिच्छी परिवर्तन तत्पश्चात देहरादून से आचार्य श्री का मंगल विहार
पंचकल्याणक समिति 31 व पुष्प वर्षा योग समिति एवं सकल दिगंबर जैन समाज के तत्वाधान में
श्री मज्जिनेन्द्र आदिनाथ जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव आचार्य श्री की पिच्छी परिवर्तन के साथ बड़े ही भव्य रूप हर्षोल्लास के साथ श्री दिगम्बर जैन पंचायती मंदिर एवं जैन भवन (जैन धर्मशाला) 60,गांधी रोड, में सम्पन्न हुआ।जिसमें परम पूज्य पुष्पगिरी तीर्थ प्रणेता ग़णचार्य श्री 108 पुष्पदंतसागर जी महामुनिराज के आशीर्वाद से परम पूज्य संस्कार प्रणेता ज्ञानयोगी जीवन आशा हॉस्पिटल प्रेरणा स्तोत्र आचार्य श्री 108 सौरभ सागर जी महामुनिराज सानिध्य में किया गया ।

मंगल प्रवचन-ज्ञानयोगी, संस्कार प्रणेता, आचार्य श्री 108 सौरभ सागर जी महामुनिराज के हुए अपने आशीर्वचन में कहा******साधु नदी के पानी के जैसा है बहता रहता है जहां जाता है पानी पिलाता है इस तरह साधु होते हैं जहां जाते हैं अपने समाज के लोगों को धर्म से जोड़ता है
साधु आता है ये संयोग है जाता हुआ वियोग है लेकिन जो इस बीच धर्म लाभ उठा लेता है वह भला है।[
साधु जो भी मंत्र पढ़ते हैं वह सबसे पहले पिच्छी में आता है हर् श्रावक चाहता है कि हमारे सिर पर लगाओ ताकि उनका भला हो
पिच्छी का उपयोग साधु अपने बैठने की जगह को साफ करने के लिए किया जाता है महाराज श्री ने अपने प्रवचनों में कहा कि उत्तराखंड देहरादून में जी आनंद के साथ भक्ति के साथ हर्षोल्लास के साथ वात्सल्य के साथ नए-नए भक्तों के साथ आनंद में चातुर्मास संपन्न हुआ वह निश्चित रूप से स्मरणीय है
मैं तो भूल ही गया था कि मुझे जाना है लेकिन आप लोगों की चिंता चेहरों पर देखकर की महाराज जी 3 तारीख को जा रहे हैं मुझे याद दिला दिया कि मुझे जाना है और मैं नहीं जा रहा हूं आप लोग मुझे छोड़ने जा रहे हैं
आज के भोजन के पुण्यर्जक श्री सुशील कुमार जैन( डिपार्टमेंटल स्टोर रहा)********कार्यक्रम में स्थानीय लोगों के अलावा बाहर से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु देहरादून आकर धर्म लाभ उठाया ।*****कार्यक्रम की जानकारी देते हुए मुख्य संयोजक संदीप जैन* ने बताया कि सोमवार, 3 नवम्बर 2025″शाश्वत विदाई” श्री जिनाभिषेक एवं नित्यार्चन
मंगल आशीवर्चन-ज्ञानयोगी, संस्कार प्रणेता आचार्य श्री 108 सौरभ सागर जी महामुनिराज के हुए। तत्पश्चात जाप्यानुष्ठान, अभिषेक, शांतिधारा, मोक्ष कल्याणक दृश्य, संस्कार विधि ,सम्मान समारोह आयोजित किया गया तत्पश्चात आचार्य जी का मंगल विहार मोहब्बेवाला के लिए हुए जिसमें सभी श्रद्धालु गण उन्हें बड़े भक्ति के साथ उनके साथ वहां तक भावुक ओर अश्रु की धाराओं लिए उनको मंगल विहार की कामना के साथ वहां तक गए ।
बहुमान होने वाली (सम्मानित) होने वाली सभी संस्थाओं में
पंचकल्याणक समिति, सौरभ सेवा युवा मंडल, जैन मिलन पारस, प्रभु समर्पण समिति, वीतरण विज्ञान पाठशाला ,जैन मंदिर माजरा कमेटी, विधान में लगने वाले सभी मुख्य पात्र , 31 वा पुष्प वर्षा योग समिति, संयोजक मंडल, विधानाचार्य संदीप जैन सजल शास्त्री इंदौर पंडित अरविंद जैन आदर्श रोहिणी दिल्ली मुख्य सेवक आशु जैन जैन भवन कार्यकारिणी, जैन समाज कार्यकारणी एवं अन्य सभी कर्मठ पदाधिकारियों को श्रद्धालुओं को बहुमान ओर आचार्य श्री ने अपना आशीर्वाद प्रदान किया ।*****आज के सामग्री प्रदाता स्व. श्री शान्ती प्रकाश जैन स्व. श्रीमती उषा रानी जैन की पुण्य स्मृति में श्री अंकित जैन-श्रीमती रीना जैन, अमितोष जैन, मेघांश जैन, शक्ति विहार द्वारा उपलब्ध कराई गई।