पुलिस ने आवास को बना दिया छावनी तहसीलदार साहब को आवास पर आकर लेना पड़ा ज्ञापन।: प्रमिला रावत

पुलिस ने बना दिया आवास को छावनी तहसीलदार साहब को आवास पर आकर लेना पड़ा ज्ञापन।: प्रमिला रावत

सेवा में,
श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी
महामहिम राष्ट्रपति
भारत
विषय- उत्तराखण्ड प्रदेश मे लचर कानून व्यवस्था व महिलाओं के साथ बढ़ रहे जघन्य अपराधों के विषय में।
माननीय महोदया,
हम उत्तराखण्ड राज्य में उत्तराखण्ड क्रांतिदल की ओर से आपका हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन करते हैं। तथा विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाले इस सीमांत राज्य की समस्यायें उनके त्वरित समाधान हेतु निम्न प्रकार आपके सम्मुख रख रहे हैं-
1- उत्तराखण्ड राज्य एक सीमांत एवं सैनिक बाहुल्य प्रदेश है। पर्वतीय क्षेत्र के लगभग वीरान हो चुके गांवों के अधिकांश पुरुष सेना में देश की सरहदों पर तैनात हैं, युवा शिक्षा या रोजगार की तलाश में पलायन को विवश है और महिलायें अपने घरों में अकेली रहने को विवश हैं।
2- उत्तराखण्ड राज्य के निर्माण में यहां की मातृशक्ति का अहम योगदान है।राज्य आंदोलन के दौरान तत्कालीन उत्तर प्रदेश पुलिस प्रशासन ने राज्य आंदोलनकारियों पर लाठीचार्ज किया, गोलियां चलाई व महिलाओ के साथ बलात्कार जैसे जघन्य काण्डों को अंजाम दिया। खेद है कि आज 31 वर्ष बीत जाने के बाद भी दोषियों को सजा नहीं मिल पाई है।
3- पर्वतीय क्षेत्रों में पहाड़ व जंगलों के हरे भरे दृश्य जितने मनोरम नजर आते हैं वहां के निवासियों का जीवन उतना ही विकट व संघर्ष पूर्ण है।
4- पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार के साधन न होने के कारण अपनी पढ़ाई लिखाई पूर्ण करने के उपरांत वहां का युवा वर्ग रोज़गार की तलाश में राज्य के मैदानी क्षेत्रों या अन्य राज्यों की ओर पलायन करने को विवश है।
5- पलायन कर चुके युवक युवतियों को घर से बाहर अनेक प्रकार के उत्पीड़न व शोषण का शिकार होना पड़ रहा है।विशेष कर युवतियों व महिलाओ के साथ यौन अपराध, हत्या व बलात्कार की घटनाओं में वृद्धि हो रही। उत्तराखण्ड सरकार न तो उनको रोज़गार देने में सक्षम है न ही महिलाओ के प्रति हत्या व बलात्कार की घटनाओं को रोकने में ही समर्थ है। हाल ही में अंकिता भंडारी, दिल्ली में किरण नेगी, अंशु नौटियाल आदि अनेकों युवतियां यौन उत्पीड़न, हत्या व बलात्कार की शिकार हुई हैं। अफसोस की बात यह है कि सरकार व सरकार के नुमाइंदों ने दोषियों के चिन्हित हो जाने के बाबजूद उनके विरुद्ध साक्ष्य मिटाने का काम किया जिस कारण या तो अपराधी साफ बच निकले या हल्की फुल्की धाराओं में मुकदमें दर्ज करवा कर सरकार ने उनके बच निकलने का अवसर प्रदान कर दिये है।
6- उत्तराखण्ड की महिलायें अपने गांव खेतों में जंगली जानवरों के आतंक से जूझ रही हैं और शहरों में इंसानी दरिंदों से। सरकार ने आग में घी डालने का कृत्य यह कर दिया कि इस पवित्र देवभूमि में हर शहर व छोटे बडे कस्बों में शराब के ठेके खोल दिये हैं। शराब माफिया व सरकार का गठजोड़ इतना गहरा है कि शराब के ठेके पुलिस संरक्षण में चल रहे हैं। अवैध शराब की तस्करी रोकने की बजाय पुलिस शराब बेचने वाले माफियाओं व उनके संरक्षण में लगी है।
माननीय महामहिम , आप स्वयं एक महिला हैं और महिला उत्पीड़न, यौन अपराध, हत्या व बलात्कार के दर्द को भली भांति महसूस कर सकती हैं।
अतः उपरोक्त तथ्यों के प्रकाश में आपसे अत्यंत विनम्रतापूर्वक निवेदन है कि उत्तराखण्ड सरकार को उपरोक्त सभी बिंदुओं का निराकरण करने व देवभूमि उत्तराखण्ड में पूर्ण शराबबंदी सहित आम नागरिक व महिलाओं के लिए भयमुक्त वातावरण तैयार करने के सख्त निर्देश जारी करने की कृपा कीजिएगा।
भवदीय
प्रमिला रावत
केंद्रीय उपाध्यक्ष
उत्तराखण्ड क्रांतिदल