छात्र-छात्राओं को नशे से दूर रहने की प्रेरणा बने राज्य आंदोलनकारी देवी सिंह पंवार“शराब नहीं, संस्कार दो; नशा छोड़ो, गुस्सा छोड़ो और परमपिता परमात्मा से नाता जोड़ो” का दिया संदेश

टिहरी गढ़वाल_____5 अक्टूबर 2026।राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टागधार, चंबा, टिहरी गढ़वाल में सोमवार को छात्र-छात्राओं को नशे से दूर रहने तथा उत्तराखंड की संस्कृति, बोली और भाषा के संरक्षण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम विश्व शक्तिपीठ तीर्थ शांतिकुंज, हरिद्वार के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ, जिसकी अध्यक्षता श्री सुशील तिवाड़ी ने की।कार्यक्रम में राज्य आंदोलनकारी एवं नशा मुक्त भारत अभियान से जुड़े देवी सिंह पंवार ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को नशे से बचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि बच्चे और युवा नशे से दूर रहेंगे तो उत्तराखंड का भविष्य सुरक्षित और सशक्त बनेगा।श्री पंवार ने कहा कि उत्तराखंड केवल एक भौगोलिक प्रदेश नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत की धरती है। यह वह पवित्र भूमि है जहां मां गंगा और यमुना का उद्गम क्षेत्र है तथा बाबा केदारनाथ और बद्रीनाथ जैसे धाम स्थित हैं। आदि गुरु शंकराचार्य और राजा भगीरथ जैसे महापुरुषों के योगदान ने इस धरती को गौरव प्रदान किया है।उन्होंने कहा कि उत्तराखंड वीरों और बलिदानियों की धरती है। श्रीदेव सुमन जैसे महान बलिदानियों ने अपने संघर्ष और त्याग से प्रदेशवासियों को प्रेरणा दी। ऐसे वीर सपूतों के आदर्शों से प्रेरणा लेकर हमें अपने समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प लेना चाहिए।छात्र-छात्राओं को संदेश देते हुए उन्होंने कहा— “आओ बच्चों, हम सब मिलकर उत्तराखंड को नशामुक्त बनाएं। शराब नहीं, संस्कार दो; नशा छोड़ो, गुस्सा छोड़ो और परमपिता परमात्मा से नाता जोड़ो।”उन्होंने आचार्य श्रीराम शर्मा के विचारों और वंदनीय माता भगवती शर्मा के मिशन को गांव-गांव और गली-गली पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि शांतिकुंज हरिद्वार तथा गायत्री शक्तिपीठ टिहरी में विभिन्न संस्कारों से संबंधित सेवाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से शांतिकुंज हरिद्वार की यात्रा कर वहां की गतिविधियों और संस्कार परंपरा को समझने का भी आग्रह किया।कार्यक्रम का शुभारंभ गायत्री मंत्र के साथ हुआ तथा समापन शांति पाठ के साथ किया गया। कार्यक्रम का संचालन श्री सुरेश चंद्र रतूड़ी ने किया। छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया और नशामुक्ति एवं संस्कारों से जुड़े संदेशों को गंभीरता से सुना।इस अवसर पर गायत्री परिवार के सदस्य ओमप्रकाश, विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री सुशील तिवाड़ी, राजेश चंद्र रमौला, सुरेश चंद्र रतूड़ी, श्रीमती नीलम, सुरेश सिंह रावत, श्रीमती मनीषा सेमवाल, डॉ. नेहा अग्रवाल, सौरभ घड़ियाल, श्रीमती राजबाला चौहान, प्रवीण कुमार चौहान, जयप्रकाश गौड़, श्रीमती अनुसूया राणा, देव कुमार, श्रीमती डांगर, श्रीमती प्रमिला मखलोगा तथा अरुण चंद सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को नशे से दूर रहकर स्वस्थ, संस्कारवान एवं जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया गया।
