न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां का मताधिकार पर वकत्व स्वागत योग्य- जोशी
देहरादून दून : प्रदेश कांग्रेस के सचिव महेश जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार संविधान में मिले मुलभूत अधिकारों को दर किनार कर संवेधानिक पदो पर बैठे लोगो का दुरूपयोग कर रही है ।सत्ता में आते ही लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ पत्रकारिता को अपने पक्ष में किया। उसके बाद न्याय पालिका में बैठे लोगों को न्याय प्रक्रिया प्रभावित करने का दुरूपयोग किया गया ।फिर चुनाव प्रक्रिया प्रभावित करने को चुनाव आयोग में बैठे लोगों को प्रलोभन देकर इनके अनुसार कार्य करें। चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लग रहे है जिससे चुनाव की प्रक्रिया विवादों में है । अभी हाल ही में इंडियन एक्सप्रेस की पत्रकार ऋतिका चोपडा ने खुलासा किया था कि ईआरओ की कानूनी शक्ति को खत्म करके चुनाव आयोग की आईटी ईसीआइ नेट को केंद्रीयकृत कर दिया गया है। चुनाव आयुक्त की 13आपत्तियो को नजरअंदाज किया गया। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर आरोप लग रहे है जिससे निष्पक्ष चुनाव पर सवालिया निशान लग रहे है ऐसे मे लोकतंत्र की स्वस्थ परम्परा को बनाये रखने को ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त किया जाये।कांग्रेस शुरु से चुनाव आयोग पर सत्ता के दबाव में कार्य करने का आरोप लगा रही है और वोट चोरी कर रही है ।उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में न्याय मूर्ति उज्जल भुइयां का वक्तव्य मताधिकार से वंचित करना मनमानी है और संविधान की मूलभावना के विपरीत है ऐसे में ज्ञानेश कुमार को संवैधानिक पद पर बैठे रहना न्याय संगत न होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा संविधान की मूल भावना के अनुकूल कार्य करती आई है और लोकतंत्र की मजबूती को लोकतंत्र की लगातार हत्या कर रही भाजपा के खिलाफ लामबंद होकर आंदोलन कर रही है जिससे लोकतंत्र मजबूत हो और लोकतान्त्रिक अधिकारों की रक्षा की जा सके ।
