हल्द्वानी शुद्धिकरण पर मुख्यमंत्री का वक्तव्य छुआछूत, जातीय भेदभाव एवं नफरत को बढ़ावा देने वाला : महेश जोशी

हल्द्वानी शुद्धिकरण पर मुख्यमंत्री का वक्तव्य छुआछूत, जातीय भेदभाव एवं नफरत को बढ़ावा देने वाला : महेश जोशी

हल्द्वानी शुद्धिकरण पर मुख्यमंत्री का वक्तव्य छुआछूत, जातीय भेदभाव एवं नफरत को बढ़ावा देने वाला : महेश जोशी

देहरादून : प्रदेश कांग्रेस के सचिव महेश जोशी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्वतंत्रता दिवस के भाषण में हल्द्वानी में हुई शुद्धिकरण की घटना की निंदा करने और दोषियों पर कार्रवाई की बात करने के बजाय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे एवं कांग्रेस नेताओं पर घटना को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाए जाने को बेहद दुखद बताया है।महेश जोशी ने कहा कि हल्द्वानी में रैली के उपरांत मंच का गंगाजल से शुद्धिकरण किया जाना अत्यंत शर्मनाक एवं सामाजिक समानता की भावना के विपरीत है। ऐसी घटना में शामिल तत्वों के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए थी, लेकिन मुख्यमंत्री के वक्तव्य में घटना की गंभीरता पर ध्यान देने के बजाय कांग्रेस नेताओं पर आरोप लगाना दुर्भाग्यपूर्ण है।उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं समाज में छुआछूत, जातीय भेदभाव और नफरत को बढ़ावा देती हैं। लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को समानता का अधिकार प्राप्त है और जाति के आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव या छुआछूत स्वीकार्य नहीं हो सकता।जोशी ने आरोप लगाया कि भाजपा देश और समाज को जाति एवं धर्म के आधार पर बांटने की राजनीति कर रही है, जो सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि दलित समाज के प्रति इस प्रकार की सोच रखने वाले तत्वों को किसी भी प्रकार का संरक्षण नहीं मिलना चाहिए।उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि हल्द्वानी की घटना को गंभीरता से लेते हुए पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि समाज में सामाजिक समानता, भाईचारा और सद्भाव कायम रहे।महेश जोशी ने कहा कि छुआछूत और जातीय भेदभाव का समाज में कोई स्थान नहीं है। सरकार को ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने चाहिए, जिससे संविधान की भावना के अनुरूप सभी वर्गों को समान सम्मान और अधिकार मिल सकें