जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के आंदोलन को मिल रहा व्यापक समर्थन, सरकार पर बढ़ा दबाव
देहरादून______प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ उत्तराखंड द्वारा शिक्षकों की 13 सूत्रीय मांगों को लेकर चलाया जा रहा आंदोलन लगातार गति पकड़ता जा रहा है। जनपद स्तर पर आंदोलन के द्वितीय चरण के सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद शासन एवं प्रशासन में हलचल तेज हो गई है। शिक्षक समाज की एकजुटता और आंदोलन की सफलता ने सरकार को शिक्षकों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करने के लिए मजबूर किया है।प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के मंडलीय सचिव गढ़वाल सैन सिंह नेगी ने कहा कि सरकार हमारी मांगों को इतनी आसानी से स्वीकार नहीं करेगी, इसलिए सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं, पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को संयम, धैर्य और अनुशासन बनाए रखना होगा। यह समय अत्यंत संवेदनशील है तथा सरकार भी आंदोलन की शक्ति और एकजुटता को परखने का प्रयास कर रही है।उन्होंने कहा कि आगामी प्रदेश स्तरीय आंदोलन शिक्षक समाज की वास्तविक परीक्षा होगी। आंदोलन में जितनी अधिक संख्या में शिक्षक भागीदारी करेंगे, उतनी ही मजबूती से सरकार पर दबाव बनेगा और हमारी मांगों के समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल संभव होगी।संघ ने सभी पदाधिकारियों एवं शिक्षकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अनर्गल बयानबाजी, आरोप-प्रत्यारोप एवं आपसी मतभेदों से बचें। संगठन की एकता ही आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत है। साथ ही विभिन्न कर्मचारी एवं शिक्षक संगठनों से मिल रहे समर्थन का स्वागत करने की भी अपील की गई है।मंडलीय सचिव ने यह भी कहा कि जिन शिक्षक साथियों की विभिन्न जनप्रतिनिधियों एवं नेताओं से व्यक्तिगत पहचान है, वे अपने स्तर से भी वार्ता कर शिक्षकों की मांगों को शासन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का प्रयास करें। अंततः शासन में बैठे जिम्मेदार माननीयों द्वारा ही समस्याओं का समाधान संभव है।प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने स्पष्ट किया कि शिक्षक हितों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जब तक 13 सूत्रीय मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा।— सैन सिंह नेगी मंडलीय सचिव, गढ़वाल**प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ
