पृथ्वी बचाने का संकल्प: खाराखेत में विश्व पृथ्वी दिवस पर जुटे सामाजिक संगठन, प्लास्टिक मुक्त दून का आह्वान

ब्रेकिंग हाई वोल्टेज न्यूज संपादक रेणु सेमवाल _______पृथ्वी बचाने का संकल्प: खाराखेत में विश्व पृथ्वी दिवस पर जुटे सामाजिक संगठन, प्लास्टिक मुक्त दून का आह्वान

आज दिनांक 22 अप्रैल 2026 को विश्व पृथ्वी दिवस एवं गांधी जी के सत्याग्रह नमक छोडो आन्दोलन 96वीं वर्षगाठ के अवसर पर खाराखेत के नूननदी पर स्थित स्माकर पर दून के सामाजिक संगठनों ने कार्यक्रम का आयोजन किया जिसमें मैती आंदोलन, संयुक्त नागरिक संगठन, उत्तराखण्ड राज आन्दोलनकारी, महावीर सेवा समिति, पहाड़ी पैडलर ग्रुप द्वारा संयुक्त रूप से किया गया । यहां वन विभाग की टीम के साथ पर्यावरण प्रेमियों तथा युवा पैडलर्स ने पौधारोपण में भाग लिया। यहां आयोजित संवाद में वक्ताओं ने कहा जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान, प्लास्टिक प्रदूषण के खतरों का सामना करने के लिए आज प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति सभी नागरिकों को जागरूक किया जाना जरूरी है।हमे घरों में या घर से बाहर प्लास्टिक या पॉलीथीन के बैग का प्रयोग बिल्कुल खत्म करना होगाए इसके रीसायकल और रीयूज को भी अपनाना होगा। कुछ वक्ताओं ने एयर कंडीशनर का कम से कम प्रयोग करने का भी आह्वान किया और बताया इससे कंक्रीट के बढ़ते जंगलों में वातावरण अधिक गर्म और प्रदूषित हो रहा है।कुछ लोगों की सुविधा के लिए आमजन के स्वास्थ्य को खतरा पहुंचना अन्याय है, अब दून में नई ऊंची हाई राइज बिल्डिंग्स की जगह ऊंचे वृक्षों की जरूरत है तभी विनाश से बच जा सकता है। वक्ताओं ने रायपुर स्टेडियम के बाहरी क्षेत्र में सूखे तथा कटे पेड़ों के श्मशान की जगह नया जंगल उगाने की मांग सरकार से की।वक्ताओं का विचार था की पेड़ पौधे लगाना भी जरूरी है लेकिन इनके पनपने की पूर्ण जिम्मेदारी भी ली जानी जरूरी हैएसरकारी पौधारोपण में लाखों पेड़ लगाए गए हैं परंतु सरकारी आंकड़ों के अनुसार ही केवल एक तिहाई बच पाए हैं जो लापरवाही का नमूना है।वृद्ध नागरिकों का कहना था की मानव वन्यजीव संघर्ष के बुनियादी कारणों पर विचार कर वन्य जीव जंतुओंएपशु पक्षियों के प्राकृतिक आवासों को नष्ट होने से बचाने हेतु वनों के कटान पर पूर्ण रोक लगाई जानी जरूरी है।उत्तराखंड के वनों को आग से बचाना पहाड़ी क्षेत्र के स्थानीय निवासियों की भी वनविभाग के साथ पहली जिम्मेदारी हैएइन्हें भी अग्निशमन यंत्रों किट आदि वन कर्मियों की भांति दिए जाने चाहिए। कार्यक्रम का समापन खाराखेत नून नदी से भरकर लाए जल कलश को गांधी पार्क स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर लाकर अर्पित किया गया। यहां नमक तोड़ो आंदोलन में भाग लेने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग और समर्पण की सराहना करते हुए उनके मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में समाजसेवी/राज्यआन्दोलन कारी मोहन खत्री, पदमश्री कल्याण सिह रावत, ले0 कर्नल बीएस थापा, नागरिक संगठन सचिव सुशील त्यागी, वनरेंज अधिकारी सुनोल पनेरु, ताराचंद गुप्ता, अवधेश शर्मा, गजेन्द्र सिह रमोला, राकेश भाटिया ,जे0पी0 मल्होत्रा , नीरज उनियाल, राकेश डंगवाल, मोहन सिह नेगी, गजपाल रावत, सुदर्शन नेगी, प्रदीप डबराल, जीवन झा, डॉ राकेश डंगवाल, एवं अर्जुन कोहली आदि लोग शामिल हुए।

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