साल का पहला सूर्य ग्रहण 17 को

सूर्य ग्रहण_______साल का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को लग रहा है. इसका आरंभ भारतीय समय से दोपहर 03.26 बजे होगा। सूर्य ग्रहण का मध्य समय शाम 05.42 बजे होगा। और इस ग्रहण का समापन शाम 07.57 बजे होगा। यह वलयाकार सूर्यग्रहण है, जो भारत में दर्शनीय नहीं ।

सूर्य ग्रहण किस राशि और नक्षत्र में लगेगा? –
यह सूर्य ग्रहण अमावस्या के दिन घटित होगा। यह ग्रहण कुम्भ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में लगने वाला है।

सूर्य ग्रहण का सूतक काल –
चूँकि यह ग्रहण भारत में कहीं भी दिखाई नहीं देगा। इसलिए इसका सूतक काल भी भारत में मान्य नहीं होगा।
हालाँकि शास्त्रों के अनुसार, ग्रहण का सूतक ग्रहण से 12 घंटे पूर्व प्रारंभ हो जाता है। इस आधार पर, 17 फरवरी अर्ध रात्रि 03:25 बजे से 17 फरवरी शाम 7:57 बजे तक सूतक काल रहेगा। यद्यपि सूतक औपचारिक रूप से मान्य नहीं है, फिर भी धार्मिक सावधानियाँ रखना हितकारी माना गया है।

सूर्य ग्रहण कहाँ दिखाई देगा? –
खगोलविदों के अनुसार, यह कंकण सूर्य ग्रहण मुख्य रूप से दक्षिणी अफ्रीका, अंटार्कटिका और दक्षिण अमेरिका के कुछ क्षेत्रों में ही देखा जा सकेगा। जिन देशों में यह सूर्य ग्रहण नजर आएगा, उनमें जिम्बाब्वे, जाम्बिया, तंजानिया, नामीबिया, मॉरीशस, बोत्सवाना, मोजाम्बिक, अर्जेंटीना और चिली शामिल हैं। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोग विशेष उपकरणों की मदद से इस दुर्लभ खगोलीय घटना का आनंद ले सकेंगे।

सूर्य ग्रहण के दिन मंत्र जप का महत्व –
धार्मिक मान्यता है कि ग्रहण के समय नकारात्मक शक्तियाँ सक्रिय हो जाती हैं। ऐसे में मंत्र-जप से शुभ फल प्राप्त होता है और मानसिक शांति मिलती है। इस अवसर पर निम्न मंत्रों का जप विशेष रूप से लाभकारी है:

महामृत्युंजय मंत्र –
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

गायत्री मंत्र –
ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं। भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात॥

सूर्य मंत्र –
ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय नमः॥


साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण भले ही भारत में दिखाई न दे, फिर भी इसका सूतक और ज्योतिषीय प्रभाव अवश्य रहेगा। ग्रहण काल में ध्यान, जप और दान करने से नकारात्मकता दूर होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

सूर्य ग्रहण सूतक काल और
इससे जुड़ी मान्यताओं के बारे में______धर्म गुरूओं के मुताबिक हमें ग्रहण के दौरान कई ऐसे कार्य है जिससे परहेज करना चाहिए, नहीं तो इसका दुष्परिणाम हमारे जीवन पर पड़ सकता है. सूतक लगते ही कई नकारात्मक शक्तियां हावी हो जाती है. अत: उसी समय से हमें निम्नलिखित सावधानियां बरतनी चाहिए…….. सूर्य ग्रहण के दौरान की गई साधना और जप-तप का अनन्त गुना फल मिलता है। मान्यता है कि ग्रहण की के दौरान मंत्र जाप करने वह सिद्ध हो जाता है और काफी फलदायी होता है। ग्रहण का प्रभाव मानव के शरीर के साथ उसके मन पर भी पड़ता है इसलिए सूतक के समय से ही खाने-पीने से दूरी बनाकर सात्विक रहकर देव आराधना मानसिक रूप से करने की सलाह दी जाती है।
सूतक काल को अशुभ समय माना जाता है। सामान्यत: सूतक काल में शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं। ग्रहण काल में सूतक काल लगता है। ग्रहण के समय 12 घंटे से पूर्व ही सूतक काल आरम्भ हो जाता है। ग्रहण का सूतक ग्रहण समाप्ति के मोक्ष काल के बाद स्नान पूजा स्थलों को फिर से पवित्र करने की क्रिया के बाद ही समाप्त होता है। सूर्य ग्रहण के दौरान 12 घंटों के लिए सूतक काल लगने पर देवालयों के पट बंद कर दिए जाते हैं। ऐसे सें पूजा, आराधना निषेध माना जाता है।
भगवान का पूजा नहीं करना है और उनकी प्रतिमा को हाथ भी नहीं लगाना है.
आसपास के देवालयों का कपाट बंद कर देना चाहिए. ऐसा ही घर में भी करें और कोई भी शुभ कार्य इस दौरान न करें क्योंकि कोई लाभ नहीं मिलने वाला.
गर्भवती महिलाओं को इससे विशेष रूप से बचने की जरूरत है. ग्रहण के समय न तो उन्हें घर से बाहर निकलना चाहिए और न ही चांद की तरफ देखना चाहिए. इससे बच्चे और मां दोनों पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है.
ग्रहण के दौरान भूल के भी वैवाहिक जीवन का आनंद नहीं लेना चाहिए. इससे गर्भाशय पर बुरा प्रभाव पड़ेगा.
इस दौरान श्मशान के आसपास भी नहीं भटकना चाहिए क्योंकि नकारात्मक शक्ति हावी हो जाती है.
कोशिश करें की इस दौरान कुछ भी न पकाएं और न खाएं
ग्रहण के दौरान नाखून, दाढ़ी और बाल कभी नहीं कटवाना चाहिए.

इन उपायों से सूर्य ग्रहण के असर नहीं होगा –
वैसे तो लग रहे इस सूर्य ग्रहण का असर भारत में नहीं होगा लेकिन सावधानी के तौर पर इस दिन कुछ खास उपाय किए जा सकते हैं। शास्त्रों में बताया गया है कि सूर्य ग्रहण की अशुभ छाया से बचने के लिए आदित्य ह्दय स्तोत्र का जाप करना चाहिए। जिनकी कुंडली में सूर्य ग्रह कूपित हो उन्हें इस दिन सूर्य अष्टकम स्तोत्र का पाठ करना चाहिए इससे सूर्य मजबूत होता है और व्यक्ति के आत्मविश्वास, मान-सम्मान, बल में वृद्धि होती है।

सूर्य ग्रहण खत्म होने पर करे ये उपाय –
ग्रहण के बुरे प्रभावों से बचने के लिये महा मृत्युंजय मंत्र का जाप करें। सूर्य ग्रहण समाप्त होने के तुरंत बाद घर में झाड़ू और नमक के पानी का पोछा लगाएं। इसके बाद पूरे घर में गंगाजल छिड़कें। ऐसा करने से घर में प्रवेश सूर्य ग्रहण की नकारात्मक शक्तियां दूर भागती हैं। सूर्य ग्रहण खत्म होने के बाद छह नारियल लें और अपने सिर पर से वार कर बहते जल में प्रवाहित कर दें। इससे सूर्य ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव आप पर नहीं पड़ेगा। सूर्य ग्रहण के अगले दिन आप सूर्य से संबंधित कोई वस्तु दान करें। आप अगले दिन तांबा, गेहूं, गुड़, लाल वस्त्र और तांबे की कोई वस्तु दान कर सकते हैं।

क्यों सूर्य को ग्रहण लगाते हैं राहु और केतु?
पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब समुद्र मंथन हुआ और उसके बाद समुद्र मंथन के निकले सामान का बटवारा असुर और देवताओं के बीच में हुआ तो अमृत कलश को लेकर दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। इसके बाद भगवान विष्णु जो मोहिनी रूप में थे उन्होंने कहा कि दोनों को बराबर अमृत मिलेगा। लेकिन, पहले देवता अमृत ग्रहण करेंगे। इस दौरान स्वरभानु नाम के एक राक्षस ने देवताओं को रूप लेकर छल से अमृत पी लिया। यह सब सूर्यदेव और चंद्रदेव ने देख लिया। दोनों ने तुरंत ही भगवान विष्णु को अमृत पान रोकने के लिए कहा। स्वरभानु के बारे में सारी बात बताई। लेकिन, उस समय से स्वरभानु के गले में अमृत की कुछ बूंदे जा चुकी थीं। भगवान विष्णु ने क्रोधित होकर स्वरभानु का गला अपने सुदर्शन चक्र से काट दिया। जिससे स्वरभानु के दो भाग हो गए। सिर वाला भाग राहु और शरीर का बाकी हिस्सा केतु बन गया। अमृत पीने के कारण राहु और केतु अमर हो गए। लेकिन, उसी दिन से सूर्य और चंद्रमा उनके दुश्मन बन गए। तब से राहु केतु सूर्य और चंद्रमा को ग्रहण लगाने लगे।

सूर्य ग्रहण : क्या करें – क्या न करें
सूर्य ग्रहण के सूतक काल में क्या करें –
सूर्य ग्रहण के सूतक काल से लेकर सूर्य ग्रहण के समाप्त होने तक अपने ईष्ट के मंत्रों का जाप करना चाहिए। यदि आप अपने ईष्ट के बारे में नहीं जानते तो किसी भी भगवान के मंत्रों का जाप कर सकते हैं।
सूर्य ग्रहण का सूतक काल लगने से पहले ही अपने खाने पीने की वस्तुओं में तुलसी दल अवश्य डाल लें।
यदि आपके बच्चे छोटे हैं तो उन्हें सूर्य ग्रहण के सूतक काल के समय बिल्कुल भी अकेला न छोड़ें और यदि वह नवजात हैं तो आपको इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
यदि आप गर्भवती हैं तो सूर्य ग्रहण के सूतक काल से ही आपको घर के अंदर रहना चाहिए। किसी भी प्रकार से सूर्य ग्रहण की छाया अपने गर्भ पर न पड़ने दें।
यदि आपके घर में मंदिर है तो सूर्य ग्रहण का सूतक लगने पर उसके दरवाजे बंद कर दें या फिर उस पर परदा डाल दें।
यदि आप किसी प्रकार की सिद्धि प्राप्त करना चाहते हैं तो सूर्य ग्रहण के सूतक काल से ही उस देवी या देवता की पूजा और उसके मंत्रों का जाप करें।
सूर्य ग्रहण का सूतक काल समाप्त होने के बाद अपने पीने के पानी को अवश्य बदलें यदि हो सके तो पूरे घर के ही पानी को बदल लें।
सूर्य ग्रहण का सूतक समाप्त होने के बाद अपने बच्चों को स्नान अवश्य कराएं और स्वंय भी स्नान करें।
सूर्य ग्रहण का सूतक लगने से पहले ही दान के लिए वस्तुएं निकाल लें और सूर्य ग्रहण समाप्त होने के बाद किसी जरूरतमंद को यह दान दे दें।
सूर्य ग्रहण के सूतक काल में पहने वस्त्रों को सूर्य ग्रहण के समाप्त होने के बाद किसी निर्धन व्यक्ति को दान में दे दें यदि आप ऐसा नहीं कर सकते तो आप उन्हें किसी सुरक्षित स्थान पर फेंक दें।

सूर्य ग्रहण के सूतक काल में क्या न करें –
सूर्य ग्रहण के सूतक काल में किसी सुनसान जगह या शमशान आदि जगह से बिल्कुल भी न गुजरें। क्योंकि इस समय में बुरी शक्तियां अत्यंत ही प्रभावी रहती हैं।
सूर्य ग्रहण के सूतक काल से ही गर्भवती महिलाओं को कुछ भी काटना नहीं चाहिए और न हीं किसी भी प्रकार से सूईं धागे का प्रयोग करना चाहिए।
सूर्य ग्रहण का सूतक काल प्रारंभ होने के बाद आपको भूलकर भी कुछ नहीं खाना चाहिए।
सूर्य ग्रहण का सूतक काल प्रारंभ होने के बाद आपको सोना नहीं चाहिए। यह नियम बच्चों, बिमार और वृद्ध लोगों के लिए मान्य नहीं है।
सूर्य ग्रहण का सूतक काल प्रारंभ होने के बाद तुलसी के पत्तों को बिल्कुल भी न तोड़ें। यदि आपको तुलसी का प्रयोग करना हैं तो आप सूर्य ग्रहण के सूतक काल से पहले तुलसी के पत्तों को तोड़ सकते हैं।
सूर्य ग्रहण का सूतक लगने पर भगवान की मूर्तियों को बिल्कुल भी स्पर्श न करें।
सूर्य ग्रहण का सूतक काल लगने के बाद किसी भी प्रकार से मांस और मदिरा का प्रयोग न करें नहीं तो आपको कई प्रकार की परेशानियां हो सकती है।
सूर्य ग्रहण का सूतक काल प्रारंभ होने के बाद शारीरीक संबंध बिल्कुल भी बनाएं क्योंकि ऐसा करने से आपके होने वाले बच्चे पर इसका बुरा प्रभाव पड़ सकता है।
सूर्य ग्रहण का सूतक लगने पर सूर्य की और नंगी आंखों से बिल्कुल भी देखें। क्योंकि ऐसा करने पर आपकी आंखें खराब हो सकती है।
सूर्य ग्रहण का सूतक लगने पर किसी भी शुभ काम का प्रारंभ न करें। यदि आप ऐसा करते हैं तो आपको इसके शुभ परिणाम प्राप्त नहीं होंगे।

सूर्य ग्रहण – ग्रहण का राशियों पर असर_____वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, साल का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी की दोपहर 03 बजकर 26 मिनट से शाम 07 बजकर 57 मिनट तक रहेगा। साल का पहला सूर्य ग्रहण अमावस्या के दिन लगने जा रहा है। यह ग्रहण कुम्भ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में लगने वाला है।

साल का पहला ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा। लेकिन इस सूर्य ग्रहण का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा। जानें किन राशियों पर ग्रहण का शुभ प्रभाव पड़ेगा। और किन राशियों के जातकों को सावधान रहने की जरूरत है।
ग्रहण का राशियों पर असर –

मेष राशि (Aries) –
17 फरवरी 2026 को लगने वाला सूर्य ग्रहण मेष राशि के जातकों के लिए आत्मबल, व्यक्तित्व, प्रतिष्ठा और निर्णय क्षमता को गहराई से प्रभावित करेगा। मेष राशि पर सूर्य ग्रहण का प्रभाव सीधे आपके आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता पर पड़ता है। इस समय आपको अपने व्यवहार, सोच और प्रतिक्रियाओं पर विशेष नियंत्रण रखना होगा। कार्यक्षेत्र और करियर में अचानक जिम्मेदारियाँ बढ़ सकती हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मतभेद की स्थिति बन सकती है, विशेषकर यदि आप जल्दबाजी या अहंकार में निर्णय लेते हैं। राजनीति, प्रशासन, नेतृत्व या स्व-व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए यह समय छवि निर्माण और छवि सुधार – दोनों की परीक्षा है। नए प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले पूरी योजना बनाना आवश्यक होगा। आर्थिक दृष्टि से, यह समय जोखिम उठाने का नहीं है। निवेश, साझेदारी या बड़े लेन-देन में सावधानी रखें। किसी पुराने निर्णय का आर्थिक परिणाम सामने आ सकता है। पारिवारिक और वैवाहिक जीवन में आपकी तेज प्रतिक्रिया या कठोर वाणी तनाव पैदा कर सकती है। पिता या किसी वरिष्ठ पुरुष के स्वास्थ्य पर ध्यान देना पड़ सकता है। संवाद में संयम बहुत आवश्यक रहेगा। स्वास्थ्य के मामले में सिरदर्द, आंखों की समस्या, रक्तचाप या अत्यधिक थकान महसूस हो सकती है। दिनचर्या में संतुलन और पर्याप्त विश्राम जरूरी है।
उपाय
प्रतिदिन सूर्य को जल अर्पित करें आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें क्रोध और जल्दबाजी से बचें

वृषभ राशि (Taurus) –
17 फरवरी 2026 का सूर्य ग्रहण वृषभ राशि के जातकों के लिए अंतर्मन, अवचेतन, खर्च, एकांत और आध्यात्मिक विकास से जुड़े विषयों को सक्रिय करेगा। यह समय बाहरी गतिविधियों की बजाय आंतरिक परिवर्तन और आत्मचिंतन का संकेत देता है। कार्य और करियर में असमंजस की स्थिति बन सकती है। कुछ योजनाएँ अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ेंगी। विदेश से जुड़े कार्य, अस्पताल, रिसर्च, आध्यात्मिक क्षेत्र या परदे के पीछे काम करने वालों के लिए यह समय महत्वपूर्ण संकेत देगा। कार्यस्थल पर गुप्त राजनीति से सावधान रहें। आर्थिक दृष्टि से, अचानक खर्च बढ़ सकते हैं – विशेषकर स्वास्थ्य, यात्रा या कानूनी मामलों में। आय बनी रहेगी, लेकिन बचत प्रभावित हो सकती है। उधार लेने या देने से बचना बेहतर रहेगा। मानसिक और भावनात्मक स्तर पर, यह ग्रहण आपको अधिक संवेदनशील बना सकता है। पुराने डर, चिंताएँ या अधूरी बातें मन में उभर सकती हैं। नींद की कमी या बेचैनी महसूस हो सकती है। ध्यान, जप और आध्यात्मिक गतिविधियाँ आपको संतुलन प्रदान करेंगी। स्वास्थ्य में पैरों, आंखों, हार्मोनल असंतुलन या मानसिक तनाव से जुड़ी समस्या संभव है। स्वयं को अकेला महसूस न होने दें और नियमित दिनचर्या बनाए रखें।
उपाय
सोमवार को शिव पूजा करें ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करें सफेद वस्तुओं का दान करें

मिथुन राशि (Gemini) –
17 फरवरी 2026 को लगने वाला सूर्य ग्रहण मिथुन राशि के जातकों के लिए मित्रता, सामाजिक दायरा, आय के स्रोत और भविष्य की योजनाओं को प्रभावित करने वाला रहेगा। यह समय आपको यह समझने में मदद करेगा कि आपके जीवन में कौन लोग और कौन-सी योजनाएँ वास्तव में उपयोगी हैं। कार्यक्षेत्र और व्यवसाय में नए विचार और योजनाएँ बनेंगी, लेकिन उन्हें तुरंत लागू करने से पहले ठोस रणनीति बनाना जरूरी होगा। मित्रों, सहयोगियों या नेटवर्क के माध्यम से नए अवसर मिल सकते हैं, परंतु कुछ पुराने संबंधों में दूरी या मतभेद भी उभर सकते हैं। यह ग्रहण आपको यह सिखाएगा कि हर मुस्कुराने वाला व्यक्ति शुभचिंतक नहीं होता। आर्थिक दृष्टि से, आय के नए साधनों पर विचार होगा, लेकिन लाभ में विलंब संभव है। शेयर बाजार, क्रिप्टो या सट्टा जैसे क्षेत्रों में अत्यधिक जोखिम से बचना चाहिए। किसी मित्र को उधार दिया गया धन फँस सकता है। मानसिक और भावनात्मक स्तर पर, अपेक्षाओं के टूटने से मन थोड़ा विचलित हो सकता है। लेकिन यही समय आपको आत्मनिर्भर बनने और अपने लक्ष्य स्वयं तय करने की प्रेरणा देगा। सोशल मीडिया या बाहरी दिखावे से दूरी बनाना मानसिक शांति देगा। स्वास्थ्य में कंधे, हाथ, नसों और नींद से जुड़ी समस्या हो सकती है। अत्यधिक सोच और स्क्रीन टाइम कम करें।
उपाय
बुधवार को गणेश जी और बुध की पूजा करें ॐ बुं बुधाय नमः मंत्र का जाप करें हरी वस्तुओं का दान करें

कर्क राशि (Cancer) –
17 फरवरी 2026 का सूर्य ग्रहण कर्क राशि के जातकों के लिए करियर, प्रतिष्ठा, सामाजिक छवि और जिम्मेदारियों को गहराई से प्रभावित करेगा। यह समय आपके जीवन की दिशा तय करने वाला हो सकता है, जहाँ आपको अपने कर्म और महत्वाकांक्षाओं पर गंभीरता से विचार करना पड़ेगा। कार्य और करियर में बड़ा बदलाव संभव है। पद परिवर्तन, नई जिम्मेदारी या कार्यक्षेत्र में असंतोष की स्थिति बन सकती है। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मतभेद से बचना अत्यंत आवश्यक होगा, क्योंकि आपकी छवि पर प्रभाव पड़ सकता है। जो लोग सरकारी सेवा, प्रशासन, राजनीति या सार्वजनिक जीवन से जुड़े हैं, उनके लिए यह समय विशेष सावधानी का है। पारिवारिक जीवन और कार्य के बीच संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण रहेगा। घर के मामलों के कारण मन विचलित हो सकता है। माता के स्वास्थ्य या घरेलू वातावरण पर ध्यान देना आवश्यक होगा। आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी, लेकिन करियर से जुड़े निर्णयों के कारण भविष्य की चिंता बढ़ सकती है। जल्दबाजी में नौकरी बदलने या बड़ा फैसला लेने से बचें। मानसिक और स्वास्थ्य पक्ष पर प्रभाव स्पष्ट रहेगा। तनाव, अनिद्रा, छाती या पेट से जुड़ी समस्या उभर सकती है। भावनाओं को दबाने की बजाय किसी भरोसेमंद व्यक्ति से साझा करें।
उपाय
सोमवार को चंद्र देव की पूजा करें ॐ सोम सोमाय नमः मंत्र का जाप करें दूध या सफेद वस्तुओं का दान करें
सिंह राशि (Leo) –
17 फरवरी 2026 को लगने वाला सूर्य ग्रहण सिंह राशि के जातकों के लिए भाग्य, धर्म, उच्च शिक्षा, गुरु और जीवन-दृष्टिकोण से जुड़े विषयों में गहरा परिवर्तन लाने वाला रहेगा। सिंह राशि के स्वामी स्वयं सूर्य हैं, इसलिए इस ग्रहण का प्रभाव आपके आत्मविश्वास, निर्णय क्षमता और मान-सम्मान पर प्रत्यक्ष रूप से पड़ेगा। इस समय आपके विचारों और विश्वासों में बदलाव आ सकता है। जिन सिद्धांतों को आप लंबे समय से सही मानते आ रहे थे, उन पर प्रश्न उठ सकते हैं। उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, विदेश यात्रा या कानूनी मामलों में देरी या बाधा संभव है। पिता, गुरु या मार्गदर्शक समान व्यक्ति के साथ मतभेद की स्थिति भी बन सकती है, इसलिए अहंकार से बचना अत्यंत आवश्यक होगा। करियर और व्यवसाय में यह समय धैर्य की परीक्षा लेगा। भाग्य का साथ अपेक्षा से कम मिल सकता है, लेकिन कर्म के बल पर आप स्थिति को संभाल पाएँगे। धार्मिक, शैक्षणिक, प्रशासनिक या सलाहकार क्षेत्रों से जुड़े लोगों को अपनी छवि और विचारों में संतुलन रखना होगा। आर्थिक रूप से, यह समय स्थिर रहेगा, परंतु बड़े जोखिम लेने से बचना चाहिए। अचानक यात्रा या कानूनी खर्च सामने आ सकते हैं। स्वास्थ्य में जांघ, कमर, लिवर या रक्तचाप से जुड़ी समस्या हो सकती है। मानसिक तनाव भी महसूस हो सकता है।
उपाय
गुरुवार को गुरु पूजन और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें सूर्य को अर्घ्य दें, लेकिन अहंकार से दूर रहें पीली वस्तुओं का दान करें

कन्या राशि (Virgo) –
17 फरवरी 2026 का सूर्य ग्रहण कन्या राशि के जातकों के लिए गूढ़ विषयों, अचानक परिवर्तन, मानसिक गहराई और गोपनीय मामलों को सक्रिय करेगा। यह समय जीवन में अप्रत्याशित घटनाओं के माध्यम से आपको भीतर से बदलने वाला सिद्ध हो सकता है। आर्थिक दृष्टि से, यह ग्रहण सावधानी की मांग करता है। अचानक खर्च, कर्ज, टैक्स, बीमा या विरासत से जुड़े मामले सामने आ सकते हैं। निवेश करते समय विशेष सतर्कता रखें। साझेदारी में पारदर्शिता बेहद जरूरी होगी, अन्यथा गलतफहमी नुकसान पहुँचा सकती है। कार्य और करियर में गुप्त राजनीति, अचानक बदलाव या जिम्मेदारियों में वृद्धि संभव है। रिसर्च, मेडिकल, ज्योतिष, गूढ़ विद्या, बीमा या जांच-पड़ताल से जुड़े क्षेत्रों में कार्य करने वालों के लिए यह समय महत्वपूर्ण रह सकता है। मानसिक और भावनात्मक स्तर पर, यह ग्रहण आपको अधिक चिंतनशील बना सकता है। भय, असुरक्षा या भविष्य को लेकर चिंता बढ़ सकती है, लेकिन यही समय आत्मबल विकसित करने का भी है। ध्यान और आध्यात्मिक अभ्यास आपको स्थिरता देंगे। स्वास्थ्य में पाचन तंत्र, आंत, त्वचा या हार्मोनल असंतुलन की समस्या उभर सकती है। अनियमित दिनचर्या से बचें और शरीर के संकेतों को नज़रअंदाज़ न करें।
उपाय
मंगलवार या शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करें जरूरतमंदों की सेवा करें

तुला राशि (Libra) –
17 फरवरी 2026 का सूर्य ग्रहण तुला राशि के जातकों के लिए विवाह, साझेदारी, रिश्ते और सामाजिक समझौतों की गहन परीक्षा लेकर आएगा। यह समय आपके जीवन में यह स्पष्ट करेगा कि कौन से संबंध संतुलन पर आधारित हैं और कौन केवल मजबूरी पर। वैवाहिक और प्रेम जीवन में तनाव या भावनात्मक दूरी महसूस हो सकती है। अपेक्षाएँ बढ़ सकती हैं, लेकिन संवाद की कमी उन्हें पूरा नहीं होने देगी। जो रिश्ते मजबूत नींव पर हैं, वे इस परीक्षा में और परिपक्व होंगे, जबकि कमजोर रिश्तों में अलगाव की स्थिति बन सकती है। व्यवसाय और साझेदारी में यह ग्रहण अत्यंत सावधानी की माँग करता है। पार्टनर के साथ मतभेद, कानूनी उलझन या समझौते टूटने की संभावना है। किसी भी दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करने से पहले पूरी जाँच करें। आर्थिक रूप से, आय स्थिर रहेगी, लेकिन साझेदारी से जुड़े मामलों में धन अटक सकता है। अनावश्यक विवाद से बचना ही लाभकारी रहेगा। मानसिक और स्वास्थ्य पक्ष पर भी प्रभाव पड़ेगा। तनाव, अनिद्रा, त्वचा या किडनी से संबंधित समस्या संभव है। भावनात्मक असंतुलन को नजरअंदाज न करें।
उपाय
शुक्रवार को माता लक्ष्मी की पूजा करें ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः मंत्र का जाप करें सफेद मिठाई या चावल का दान करें

वृश्चिक राशि (Scorpio) –
17 फरवरी 2026 को होने वाला सूर्य ग्रहण वृश्चिक राशि के जातकों के लिए कार्य, स्वास्थ्य, शत्रु और दैनिक जीवन से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण परिवर्तन लेकर आएगा। यह ग्रहण आपको अपनी दिनचर्या, कार्यशैली और जिम्मेदारियों पर पुनर्विचार करने के लिए बाध्य करेगा। लंबे समय से चली आ रही थकान या असंतोष अब स्पष्ट रूप से महसूस हो सकता है। कार्य और नौकरी के क्षेत्र में, काम का दबाव बढ़ सकता है। सहकर्मियों या अधीनस्थों से मतभेद की संभावना है। गुप्त शत्रु सक्रिय हो सकते हैं, लेकिन आपकी मेहनत और सतर्कता आपको उनसे ऊपर रखेगी। सरकारी, मेडिकल, सुरक्षा, रिसर्च या गुप्त कार्यों से जुड़े लोगों के लिए यह समय निर्णायक हो सकता है। स्वास्थ्य इस ग्रहण का सबसे संवेदनशील पक्ष रहेगा। पेट, आंत, संक्रमण, ब्लड प्रेशर या तनाव से जुड़ी समस्याएँ उभर सकती हैं। लापरवाही भारी पड़ सकती है, इसलिए नियमित दिनचर्या और समय पर जांच आवश्यक है। मानसिक तनाव भी बढ़ सकता है, विशेषकर यदि आप भावनाओं को दबाकर रखते हैं। आर्थिक दृष्टि से, अचानक खर्च सामने आ सकते हैं, विशेषकर इलाज, कर्ज या कानूनी मामलों में। उधार देने या लेने से फिलहाल बचें। मानसिक रूप से यह ग्रहण आपको अधिक आत्मविश्लेषणशील और गंभीर बनाएगा। यह समय आपको सिखाएगा कि संघर्ष से भागने के बजाय उसका सामना कैसे किया जाए।

उपाय
मंगलवार को हनुमान जी की पूजा करें ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करें लाल मसूर या गुड़ का दान करें

धनु राशि (Sagittarius) –
17 फरवरी 2026 को लगने वाला सूर्य ग्रहण धनु राशि के जातकों के लिए प्रेम, संतान, शिक्षा, रचनात्मकता और आत्म-अभिव्यक्ति से जुड़े क्षेत्रों में महत्वपूर्ण परिवर्तन का संकेत देता है। यह समय भावनाओं और विवेक के बीच संतुलन बनाने की परीक्षा ले सकता है। आप अपने जीवन में यह सोचने लगेंगे कि क्या आप दिल से निर्णय ले रहे हैं या केवल परिस्थितियों के दबाव में। प्रेम और वैवाहिक जीवन में भावनात्मक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। प्रेम संबंधों में गलतफहमियाँ या अपेक्षाओं का टकराव संभव है। जो लोग प्रेम विवाह की योजना बना रहे हैं, उन्हें धैर्य रखना चाहिए। विवाहित जातकों को संतान या पारिवारिक जिम्मेदारियों को लेकर मानसिक तनाव हो सकता है। संतान और शिक्षा के क्षेत्र में, बच्चों की पढ़ाई, करियर या व्यवहार को लेकर चिंता रह सकती है। विद्यार्थियों के लिए यह समय एकाग्रता की कमी ला सकता है, लेकिन आत्मनिरीक्षण के माध्यम से वे अपनी दिशा स्पष्ट कर सकते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे जातकों को निरंतर अभ्यास बनाए रखना चाहिए। आर्थिक दृष्टि से, यह समय जोखिम लेने का नहीं है। शेयर बाजार, सट्टा या जल्द लाभ वाले निवेश से दूरी रखना बेहतर रहेगा। अचानक खर्च या किसी योजना में धन अटकने की स्थिति बन सकती है। मानसिक और स्वास्थ्य पक्ष पर भी ध्यान देना आवश्यक है। तनाव, पेट से जुड़ी समस्या या हार्मोनल असंतुलन संभव है। ध्यान, योग और सकारात्मक रचनात्मक गतिविधियाँ लाभकारी रहेंगी।
उपाय
गुरुवार को भगवान विष्णु या गुरु की पूजा करें ॐ गुरवे नमः मंत्र का 108 बार जाप करें पीली वस्तुओं या चने की दाल का दान करें

मकर राशि (Capricorn) –
17 फरवरी 2026 को होने वाला सूर्य ग्रहण मकर राशि के जातकों के लिए घर, माता, मानसिक शांति और संपत्ति से जुड़े विषयों को विशेष रूप से प्रभावित करेगा। यह समय बाहरी उपलब्धियों की बजाय आंतरिक स्थिरता पर ध्यान देने का संकेत देता है। जीवन में यह प्रश्न उभर सकता है कि आप केवल जिम्मेदारियाँ निभा रहे हैं या वास्तव में संतुलित जीवन जी रहे हैं। पारिवारिक जीवन में कुछ असहज परिस्थितियाँ बन सकती हैं। माता के स्वास्थ्य, घरेलू वातावरण या पुराने पारिवारिक मुद्दे फिर से सामने आ सकते हैं। घर की मरम्मत, स्थान परिवर्तन या संपत्ति से जुड़े निर्णय लेने की स्थिति बन सकती है। ऐसे मामलों में भावनाओं के बजाय व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाना बेहतर रहेगा। करियर और कार्यक्षेत्र में यह ग्रहण आपको यह समझने का अवसर देगा कि काम और परिवार के बीच संतुलन कितना आवश्यक है। कार्य का दबाव बना रह सकता है, लेकिन घर से जुड़े मामलों के कारण ध्यान बँट सकता है। सरकारी या प्रशासनिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों को दस्तावेज़ों और नियमों में विशेष सावधानी रखनी चाहिए। आर्थिक दृष्टि से, यह समय स्थिरता बनाए रखने का है। बड़े निवेश या जोखिम भरे निर्णय फिलहाल टालना उचित रहेगा। जमीन, मकान या वाहन से जुड़े खर्च संभव हैं। मानसिक और स्वास्थ्य संबंधी प्रभाव भी महत्वपूर्ण रहेंगे। अत्यधिक चिंता, नींद की कमी या भावनात्मक थकान महसूस हो सकती है। छाती, हृदय क्षेत्र और पीठ से संबंधित समस्या उभर सकती है, इसलिए दिनचर्या में विश्राम और ध्यान शामिल करें।
उपाय
शनिवार को शनि देव की पूजा करें ॐ शं शनैश्चराय नमः मंत्र का 108 बार जाप करें बुजुर्गों और माता की सेवा करें

कुंभ राशि (Aquarius) –
17 फरवरी 2026 को लगने वाला सूर्य ग्रहण कुम्भ राशि के जातकों के लिए साहस, संचार, विचार शक्ति और निकट संबंधों को गहराई से प्रभावित करेगा। यह समय आपके सोचने के तरीके, निर्णय क्षमता और संवाद शैली में महत्वपूर्ण परिवर्तन लेकर आएगा। आप जो कहते हैं और जिस प्रकार कहते हैं, उसका सीधा प्रभाव आपके संबंधों और कार्यक्षेत्र पर पड़ेगा। कार्य और करियर के क्षेत्र में, यह ग्रहण नई योजनाओं और नए विचारों को जन्म देगा, लेकिन उन्हें तुरंत लागू करने की बजाय पहले पूरी रणनीति बनाना आवश्यक होगा। मीडिया, लेखन, सोशल मीडिया, टेक्नोलॉजी, ज्योतिष, परामर्श या संचार से जुड़े क्षेत्रों में कार्य करने वालों के लिए यह समय आत्ममंथन और पुनः दिशा तय करने का है। भाई-बहनों या करीबी सहयोगियों के साथ मतभेद की संभावना बन सकती है, इसलिए संयम और धैर्य से काम लें। आर्थिक दृष्टि से, अचानक छोटे-छोटे खर्च बढ़ सकते हैं। यात्राओं, संचार उपकरणों या दस्तावेज़ों से जुड़े खर्च सामने आ सकते हैं। किसी को बिना सोचे-समझे धन उधार देना हानि पहुँचा सकता है। मानसिक और भावनात्मक स्तर पर, यह ग्रहण आपको अधिक संवेदनशील बना सकता है। कभी-कभी निर्णय लेने में असमंजस रहेगा, लेकिन यह स्थिति आपको भीतर से अधिक परिपक्व भी बनाएगी। ध्यान रखें कि जल्दबाजी या ग़ुस्से में लिया गया निर्णय भविष्य में पछतावे का कारण बन सकता है। स्वास्थ्य के मामले में, कंधे, हाथ, गर्दन और तंत्रिका तंत्र से जुड़ी समस्याएँ उभर सकती हैं। मोबाइल, लैपटॉप और स्क्रीन टाइम सीमित रखना लाभकारी रहेगा।
उपाय
शनिवार को शनि मंत्र – ॐ शं शनैश्चराय नमः – का 108 बार जाप करें काले तिल या नीली वस्तुओं का दान करें प्रतिदिन कुछ समय मौन या ध्यान में बिताएँ

मीन राशि (Pisces) –
यह सूर्य ग्रहण मीन राशि के जातकों के लिए धन, वाणी, परिवार और आत्म-मूल्यांकन से जुड़े विषयों पर गहरा प्रभाव डालने वाला सिद्ध होगा। सूर्य ग्रहण का प्रभाव व्यक्ति की सोच, निर्णय क्षमता और जीवन की प्राथमिकताओं में परिवर्तन लाता है। इस दौरान आपको यह समझने का अवसर मिलेगा कि आप अपने संसाधनों, संबंधों और समय का उपयोग किस प्रकार कर रहे हैं। आर्थिक दृष्टि से, यह समय थोड़ा सतर्क रहने का है। अचानक खर्च बढ़ सकते हैं, विशेषकर परिवार, स्वास्थ्य या घर से संबंधित मामलों में। आय के स्रोत बने रहेंगे, लेकिन धन का प्रवाह असंतुलित हो सकता है। निवेश, उधार देना या बड़ा आर्थिक निर्णय लेने से पहले सोच-विचार अवश्य करें। वाणी से जुड़े व्यवसाय (जैसे सलाह, शिक्षा, ज्योतिष, लेखन) करने वालों के लिए यह समय आत्मनिरीक्षण का है। पारिवारिक जीवन में संवाद की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रहेगी। आपकी वाणी में तीखापन या भावनात्मक प्रतिक्रिया रिश्तों में तनाव ला सकती है। इसलिए बोलने से पहले सोचें। किसी पुराने पारिवारिक मुद्दे का समाधान भी इस अवधि में निकल सकता है। मानसिक और भावनात्मक स्तर पर, यह ग्रहण आपको भीतर से संवेदनशील बना सकता है। आत्म-संदेह, चिंता या असमंजस की स्थिति बन सकती है, लेकिन यही समय आपको आत्मबल विकसित करने का अवसर भी देगा। ध्यान, जप और आध्यात्मिक गतिविधियाँ आपको संतुलन प्रदान करेंगी। स्वास्थ्य में गला, दांत, आंखें और तनाव से जुड़ी समस्या हो सकती है। खान-पान और दिनचर्या पर विशेष ध्यान दें।
उपाय
गुरुवार को गुरु पूजन करें. पीले फल या केले का दान करें. प्रतिदिन ॐ गुरवे नमः मंत्र का 108 बार जाप करें.