चंद्र ग्रहण – प्रभाव, सूतक काल

साल 2025 का दूसरा चंद्र ग्रहण 07/08 सितम्बर 2025 को लगेगा, जो 07 सितम्बर को रात करीब 10 बजे से शुरू होगा और जो 08 सितंबर की मध्य रात्रि तक चलेगा। ग्रहण का स्पर्श काल रात 11 बजकर 09 मिनट रहेगा। ग्रहण का मध्यकाल रात 11 बजकर 42 मिनट तक रहेगा। ग्रहण का मोक्ष काल रात 12 बजकर 23 मिनट तक रहेगा। चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा ऐसे में ग्रहण का सूतक काल मान्य रहेगा। चंद्र ग्रहण सूतककाल ग्रहण के लगने के 9 घंटे जबकि सूर्य ग्रहण में 5 घंटे पहले शुरू हो जाता है।
साल 2025 का दूसरा चंद्र ग्रहण: ब्लड मून का नजारा

चंद्र ग्रहण 2025 की खास बातें –
साल 2025 का दूसरा चंद्र ग्रहण 7 और 8 सितंबर की दरमियान लगेगा।
यह एक पूर्ण चंद्र ग्रहण (ब्लड मून) होगा।
भारत में यह ग्रहण दिखाई देगा इसलिए इसका सूतक काल मान्य रहेगा।
यह चंद्र ग्रहण करीब 82 मिनट तक चलेगा।
ग्रहण के दौरान चंद्रमा सुर्ख लाल रंग (Blood Moon) का दिखाई देगा।
चंद्र ग्रहण 2025 का समय (भारतीय समयानुसार) –
ग्रहण की शुरुआत (स्पर्श काल) : रात 11:09 बजे
ग्रहण का मध्यकाल : रात 11:42 बजे
ग्रहण का मोक्ष (समाप्ति) : रात 12:23 बजे (8 सितंबर)

सूतक काल कब लगेगा? –
चंद्र ग्रहण का सूतक काल ग्रहण से 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है।
इस बार सूतक काल 07 सितंबर दोपहर 12:57 बजे से शुरू होगा।
सूतक काल में –
पूजा-पाठ, शुभ कार्य वर्जित रहते हैं।
मंदिरों के पट बंद कर दिए जाते हैं।
पंचांग और ज्योतिषीय दृष्टि से महत्व –
यह चंद्र ग्रहण भाद्रपद माह की पूर्णिमा तिथि को लगेगा।
इसी दिन से पितृपक्ष की शुरुआत होगी।
चंद्र ग्रहण कुंभ राशि में लगेगा।
ग्रहण के दौरान चंद्रमा पूर्वाभाद्रपद और शतभिषा नक्षत्र में रहेगा।
चंद्र ग्रहण कैसे लगता है? –
जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है।
सूर्य की रोशनी चंद्रमा तक नहीं पहुंच पाती और उस पर पृथ्वी की छाया पड़ जाती है।
इस समय चंद्रमा लालिमा लिए दिखाई देता है, जिसे ही ब्लड मून कहते हैं।
ग्रहण कहाँ दिखाई देगा? –
भारत
ऑस्ट्रेलिया (विशेषकर पश्चिम और कुछ पूर्वी भाग)
मध्य एशिया
कुछ क्षेत्रीय रूस
जापान
पूर्वी अफ्रीका
कुछ भाग दिखाई देगा (चंद्रमा उगते या ढलते समय दिख सकता है) –
यूरोप
अफ्रीका
पूर्वी ऑस्ट्रेलिया
न्यूजीलैंड
पूरी तरह नहीं दिखाई देगा –
अमेरिका के अधिकांश हिस्सों (नॉर्थ और साउथ अमेरिका) में यह ग्रहण चंद्रमा के अस्त होने के कारण नहीं दिखाई देगा। केवल अलास्का का पश्चिमी हिस्सा आंशिक ग्रहण देख सकेगा।
जाने चंद्रग्रहण के बारे में
साल का यह दूसरा चंद्र ग्रहण 07/08 सितम्बर 2025 को लगेगा। शास्त्रों के अनुसार चंद्र ग्रहण का समय अच्छा नहीं होता है। जिसके कारण इस समय विशेष सावधानियां रखने की आवश्यकता होती है। कहा जाता है की चंद्र ग्रहण के दौरान नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव बहुत अधिक हो जाता है। जिसके बचाव के लिए व्यक्ति को बहुत से उपाय भी करने होतें है। 07/08 सितम्बर को लगने वाले चंद्र ग्रहण की कुल अवधि 1 घंटे 22 मिनट की होगी।
दो तरह के होते हैं चन्द्रग्रहण –
सूर्यग्रहण एवं चन्द्रग्रहण भी मुख्यत: दो प्रकार के होते हैं- खग्रास और खण्डग्रास। जब ग्रहण पूर्णरूपेण दृश्यमान होता है तो उसे “खग्रास” एवं जब ग्रहण कुछ मात्रा में दृश्यमान होता है तब उसे “खण्डग्रास” कहा जाता है।
ग्रहण के समय क्या करना चाहिए ?
ग्रहण के समय मंत्रों का जाप करने से किसी भी प्रकार के बुरे प्रभाव व्यक्ति को कष्ट नहीं पंहुचा पातें है। ठीक उसी प्रकार ग्रहण के प्रभावों को विफल करने के लिए ग्रहण के बाद दान करना भी बहुत उत्तम माना जाता है, इस बार का चंद्र ग्रहण पूर्णिमा के दिन होने वाला, जिसके कारण इस दिन गुरु यानि भगवान विष्णु के सत्य स्वरुप की आराधना करना भी बहुत फलदायक होगा। बहुत से लोग इस दिन सत्यनारायण भगवान की कथा का पाठ भी करतें है। साथ ही ब्राह्मण रुपी गुरु को भोज करवाया जाता है। कहा जाता है ब्राह्मण ईश्वर के सबसे निकट होता है जिसके कारण उन्हें कथा के पश्चात् भोज करवाने से बहुत ही उत्तम फल की प्राप्ति होती है।
चंद्र ग्रहण के समय करें इन मंत्रों का जाप –

चंद्र ग्रहण दिखे या न दिखे लेकिन इसके कारण तमाम राशियों पर प्रभाव पड़ता है। मान्यता है कि यदि चंद्र ग्रहण वाले दिन चंद्रमा के मंत्र “ॐ सों सोमाय नमः” अथवा भगवान शिव के मंत्र “ॐ नम: शिवाय” का जप रुद्राक्ष की माला से करना चाहिए। इससे अशुभ प्रभाव खत्म होते हैं।
कैसे लगता है चंद्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण?
असल में यह एक खगोलीय घटना होती है। चंद्र ग्रहण उस खगोलीय घटना को कहा जाता है जब चंद्रमा पृथ्वी के ठीक पीछे उसकी प्रच्छाया में आ जाता है। वहीं, सूर्य ग्रहण तब माना जाता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच से होकर गुजरता है।
चंद्र ग्रहण कैसे देख सकते हैं?
चंद्र ग्रहण को देखने के लिए किसी विशेष सावधानी की जरूरत नहीं होती है। चंद्र ग्रहण पूरी तरह से सुरक्षित होता है इसलिए आप इसे सीधे तौर पर आंखों से देख सकते हैं। आप चाहें तो टेलिस्कोप की मदद से भी चंद्र ग्रहण देख सकते हैं।
जाने चंद्रग्रहण में क्या करें और क्या न करें –
ग्रहण के समय खाने पीने की मनाही होती है। कहा जाता है की इस दौरान खाना बनाना या खाना नहीं चाहिए। परन्तु यह नियम रोगी, बच्चों और बुजुर्गों पर लागु नहीं होता है।
ग्रहण के दौरान सोया भी नहीं जाता है। इस समय किसी भी व्यक्ति को निंद्रा नहीं लेनी चाहिए।
ग्रहण काल के समय पूजा – पाठ की मनाही होती है। इस कारण से इस समय पूजा की मूर्ति को छूना मना होता है।
गर्भवती महिलाओं को ग्रहण काल में अधिक ध्यान रखना होता है। इस कारण उन्हें ग्रहण के समय अपने पास एक नारियल आवश्य ही रखें चाहिए। ऐसा करने से ग्रहण के प्रभावों का असर बालक पर होने का भय समाप्त होता है।
ग्रहण काल में मन, शरीर एवं बुद्धि को सामान्य रखना चाहिए और किसी भी बुरे कार्य को करने का नहीं सोचना चाहिए।
ग्रहण काल में सभी के प्रति अच्छा व्यवहार रखना चाहिए। किसी भी व्यक्ति को भूल के भी इस दौरान किसी का अपमान नहीं करना चाहिए और सदैव एक – दूसरे के साथ मिल झूल के रहना चाहिए।
शास्त्रों के अनुसार यदि कोई भी व्यक्ति ग्रहण काल में किसी को अपमानित करता है तो शनिदेव के नकारात्मक प्रभावों का भार उसे जीवन भर उठाना पड़ता है।
ग्रहण काल के समय सुनसान रास्तें पर नहीं जाना चाहिए।
चंद्र ग्रहण समाप्त होने पर करें ये काम –
चंद्र ग्रहण के दौरान निकलने वाली किरणों का इंसानों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। ऐसे में, ग्रहण खत्म होने के बाद स्नान अवश्य करना चाहिए। यदि संभव को तो नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगा जल भी मिला कर स्नान करें। ग्रहण की समाप्ति के बाद पूरे घर में गंगा जल का छिड़काव करें। साथ ही घर के पूजा स्थल के पास और उसके अंदर गंगा जल का छिड़काव अवश्य करें। इससे नकारात्मकता दूर होता है और घर शुद्ध हो जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार ग्रहण के बुरे प्रभावों से बचने के लिए गाय को रोटी खिलाएं। ग्रहण समाप्त होने के बाद कुछ दान अवश्य करें।

चंद्र ग्रहण का प्रभाव
जानें क्या होगा आपकी राशि पर प्रभाव
ग्रहण का प्रभाव
यह चंद्र ग्रहण कुंभ राशि और पूर्वाभाद्रपद व शतभिषा नक्षत्र में लग रहा है। ऐसे में इसका असर खास तौर पर कुंभ राशि वालों पर अधिक रहेगा। बाक़ी राशियों पर भी अलग-अलग फलदायी और चुनौतीपूर्ण प्रभाव देखने को मिलेंगे।
चंद्र ग्रहण से इन राशियों को होगा फायदा
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सभी ग्रह एक निश्चित अंतराल पर एक से दूसरी राशि में गोचर करते हैं। ग्रहों के गोचर का प्रभाव सभी राशियों के जातकों और पूरी पृथ्वी पर पड़ता है। ग्रहों के राशि परिवर्तन के अलावा समय-समय पर चंद्र और सूर्य ग्रहण जैसे खगोलीय घटनाएं भी होती हैं। चंद्र ग्रहण का प्रभाव वैसे तो सभी राशियों के जातकों पर पड़ेगा लेकिन कुछ राशियां ऐसी होंगी जिनका भाग्य चमक सकता है।
आइए जानते हैं चंद्र ग्रहण पर कौन-कौन सी राशियों को मिल सकता है लाभ।

1____मेष राशि (Aries) –
करियर में अचानक बदलाव आ सकता है।
नए अवसर मिलेंगे लेकिन धैर्य से काम लेना होगा।
स्वास्थ्य का ध्यान रखें, सिरदर्द या तनाव बढ़ सकता है।
2____वृषभ राशि (Taurus) –
भाग्य का साथ कम मिलेगा, यात्राएं टल सकती हैं।
उच्च शिक्षा या प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वालों को सतर्क रहना चाहिए।
परिवार में धार्मिक कार्यों में भागीदारी होगी।
3_____मिथुन राशि (Gemini) –
आर्थिक मामलों में उतार-चढ़ाव रहेगा।
उधारी और निवेश से बचें।
दांपत्य जीवन में कुछ गलतफहमियां हो सकती हैं।
4_____कर्क राशि (Cancer) –
दांपत्य जीवन में मधुरता और सामंजस्य की आवश्यकता।
व्यापारिक साझेदारी में सावधानी बरतें।
पुराने विवाद सुलझ सकते हैं।
5_____सिंह राशि (Leo) –
कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिल सकती है।
सेहत का ध्यान रखें, पेट और पाचन संबंधी परेशानी हो सकती है।
सहकर्मियों से तालमेल बनाकर चलें।
6_____कन्या राशि (Virgo) –
प्रेम संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी।
विद्यार्थियों के लिए यह ग्रहण शुभ परिणाम ला सकता है।
रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी।
7____तुला राशि (Libra) –
परिवार में माहौल थोड़ा तनावपूर्ण रह सकता है।
घर और संपत्ति संबंधी मामलों में सोच-समझकर कदम उठाएं।
माता की सेहत का ध्यान रखें।
8_____वृश्चिक राशि (Scorpio) –
छोटे भाई-बहनों से संबंध मधुर होंगे।
साहस और आत्मविश्वास बढ़ेगा।
यात्रा में लाभ के योग हैं।
9____धनु राशि (Sagittarius) –
धन संबंधी मामलों में सतर्कता रखें।
खर्चे बढ़ सकते हैं, बचत पर ध्यान दें।
वाणी में संयम रखें, वाद-विवाद से बचें।
10_____मकर राशि (Capricorn) –
यह ग्रहण आपके लिए शुभ रहेगा।
आत्मविश्वास बढ़ेगा, कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी।
नए अवसर और पहचान प्राप्त होगी।
11______कुंभ राशि (Aquarius) –
चंद्र ग्रहण आपकी ही राशि में हो रहा है।
मानसिक तनाव और निर्णय लेने में कठिनाई हो सकती है।
सेहत और रिश्तों दोनों पर ध्यान देना जरूरी।
जीवन में बड़ा बदलाव संभव है।
12_____मीन राशि (Pisces) –
आध्यात्मिकता की ओर रुचि बढ़ेगी।
परोपकार और सेवा कार्यों में भाग लेंगे।
गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें।
विदेश संबंधी मामलों में लाभ के योग हैं।
चंद्र ग्रहण के दौरान करें ये उपाय
इस दिन कौन से उपाय आपको लाभ दिला सकते हैं, आइए इनके बारे में जानते हैं।
चंद्र ग्रहण के उपाय –
चंद्र ग्रहण 7–8 सितंबर 2025 में किए जाने योग्य कुछ महत्वपूर्ण उपाय जो आर्थिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभ देने वाले होंगे :
चंद्र ग्रहण 2025 में करने योग्य उपाय
आध्यात्मिक उपाय –
मंत्र जप –
“ॐ नमः शिवाय” या “ॐ चन्द्राय नमः” का जप करें।
ग्रहण काल में एक-एक मंत्र का जाप सामान्य समय से कई गुना फल देता है।
ध्यान और साधना –
ध्यान लगाने से मन शांत होगा और मानसिक तनाव दूर होगा।
कुंभ राशि का ग्रहण होने से आध्यात्मिक जागृति का योग प्रबल रहेगा।
आर्थिक लाभ के उपाय-
कुबेर मंत्र का जप –
“ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं क्लीं वित्तेश्वराय नमः” का जप ग्रहण के दौरान करें।
इससे धन वृद्धि और आर्थिक लाभ के मार्ग खुलते हैं।
चांदी का सिक्का/धन पर जल छिड़कना –
ग्रहण के दौरान गंगाजल में तुलसी डालकर रखें।
ग्रहण खत्म होने पर उस जल से अपने धन स्थान/तिजोरी पर छिड़कें।
लक्ष्मी पूजन ग्रहण बाद-
स्नान करके लक्ष्मी माता को कमल का फूल और धूप-दीप अर्पित करें।
“ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः” मंत्र से 108 बार जप करें।
गृहस्थ जीवन और शांति के उपाय-
ग्रहण उपरांत स्नान और शुद्धि –
ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान करें और घर में गंगाजल छिड़कें।
इससे नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है।
दान पुण्य –
ग्रहण उपरांत गरीबों और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, तिल, चावल, गुड़, दूध आदि का दान करें।
यह पापों का नाश और पुण्य लाभ दिलाता है।

पितृ तर्पण –
क्योंकि यह ग्रहण भाद्रपद पूर्णिमा पर है और इसके अगले दिन पितृपक्ष शुरू होंगे,
इसलिए पितरों का स्मरण और तर्पण विशेष शुभ होगा।
विशेष ध्यान रखें –
ग्रहण काल में किए गए साधारण से उपाय भी कई गुना फल देते हैं। इसलिए जप, दान और स्नान-शुद्धि को अवश्य अपनाएँ।🙏🕉️🌿📿 हर हर महादेव
