माननीय सर्वोच्च न्यायालय के फैसले: निराश:प्रदेशीय एवं अखिल भारतीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ


माननीय सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से हमें अपनी बात लिखते हुए हृदय भर आया।देश की सरकार देश के हर अमीर,गरीब,नौकरी पेशा की अभिभावक एवं पालक पोषक होती है। परन्तु भारत सरकार द्वारा देश के लाखों बेसिक शिक्षक भाइयों और बहनों के पेट पर ठोकर मारते हुए NCTE कानून में चोरी से 10 अगस्त 2017 को संशोधन करते हुए देश के सभी बेसिक शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करना अनिवार्य कर दिया।और पूर्व के उस नियम को हटा दिया जिसमें यह व्यवस्था थी कि 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को TET से मुक्त रखा गया था।और यह सब भारत सरकार इतनी चतुराई से देश के बेसिक शिक्षकों की पीठ में छुरा भोकने का काम किया,कि किसी को इसकी भनक तक नहीं लगने दी।एक सिम्बर 2025 को उसी नियम के तहत माननीय सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय आया है।
साथियो उक्त संशोधित कानून में व्यवस्था कर दी थी कि 2021 तक सभी को TET करना अनिवार्य होगा।चाहे वह कितना भी पुराना शिक्षक क्यों न हो।इस सबके बावजूद इस संशोधन को इतने दिन बीत जाने के पश्चात भी जानबूझ कर देश के बेसिक शिक्षकों को बाहर का रास्ता दिखाने हेतु साजिशन गोपनीय एवं दबाए रखा।
अब हमें आपको पहले इस संशोधित कानून को रद्द कराने के लिए लड़ना होगा।देश भर के प्रभावित लाखो लाख बेसिक शिक्षकों को एक बहुत बड़े अनवरत,वृहद आंदोलन किये जाने की तत्काल आवश्यकता है।साथ ही माननीय सर्वोच्च न्यायालय में सभी बिंदुओं को समाहित करते हुए पुनर्विचार याचिका सीनियर एडवोकेट के माध्यम से कराने की जरूरत है।साथ ही सरकार पर भी दबाब बनाकर याचिका कराने की जरूरत है।और सरकार से कहना है कि इस संशोधित कानून को अध्यादेश के जरिये निष्क्रिय किया जाए ततपश्चात संसद में इसे निरस्त किया जाए।हम आपको किसान कानूनों की वापसी की तरह अनवरत लाखों लाख बेसिक शिक्षकों को दिल्ली में एकत्र होना पड़ेगा।आप सब तैयार हों हम तैयार हैं।उत्तर प्रदेश का लाखों बेसिक शिक्षक इस काले कानून को वापस होने तक सड़कों पर रात और दिन बिताने के लिए तैयार है।
हम आवाहन करते है उन सभी मान्यता प्राप्त शिक्षक संगठनों से कि अपने अपने संगठनों के नीतियों,सिद्धांतों को किनारे रख कर शिक्षको के समाप्त हो रहे आस्तित्व को बचाने के लिए सभी ईगो,और कटुता तो भुलाकर सन्युक्त संघर्ष मोर्चा बनाते हुए एक मंच से निर्णायक संघर्ष किया जाए।और भारत सरकार से इस काले कानून को वापस कराया जाए।इस संघर्ष में उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ उत्तर प्रदेश तथा अखिल भारतीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ संघर्ष के लिए तैयार है।यदि कोई मान्यता प्राप्त संघ साथ नहीं आएगा तो हम इस लड़ाई को तन मन धन से लड़ेंगे और सफल होंगे।
सादर आपका
योगेश त्यागी नरेश कौशिक,सुभाष चौहान, सुरेश सिंह,कुलदीप पाण्डेय
प्रदेशीय एवं अखिल भारतीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ