4-अप्रैल-2026
एसआरएचयू में कला का महासंगमः नया थिएटर ने बिखेरा लोक शैली और शेक्सपियर का जादू
डोईवाला।_________


स्पिक मैके द्वारा स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू) जौलीग्रांट में आयोजित कार्यक्रम के तहत नया थियेटर ने एक बार फिर विलियम शेक्सपियर के कालजयी नाटक ए मिडसमर नाइट्स ड्रीम को अपने विशिष्ट अंदाज में कामदेव का अपना, बसंत ऋतु का सपना शीर्षक से मंचित किया। इस अनोखी प्रस्तुति ने दर्शकों को यह सोचने पर विवश कर दिया कि क्या 16वीं सदी का इंग्लैंड और आज का छत्तीसगढ़ी ग्रामीण परिवेश एक ही मंच पर समान रूप से जीवंत हो सकते हैं।
शनिवार को एसआरएचयू के हिमालयन रिक्रिएशन क्लब एंड वैलफेयर ट्रस्ट की ओर नर्सिंग सभागार में ए मिडसमर नाइट्स ड्रीम नाटक का आयोजन किया गया।
शास्त्रीय नाटक और लोक कला का अनूठा संगम
नाटक की सबसे बड़ी विशेषता इसका भाषाई और सांस्कृतिक तालमेल रही। जहाँ राजा और अभिजात वर्ग के पात्रों ने शुद्ध हिंदुस्तानी और उर्दू मिश्रित संवादों का प्रयोग किया, वहीं नाटक के मुख्य आकर्षण रहे कारीगर, जिन्होंने मंच पर शुद्ध छत्तीसगढ़ी बोली का जादू बिखेरा। इन कलाकारों के सरल और हास्यपूर्ण अभिनय ने शेक्सपियर के जटिल कथानक को आम जनता के लिए बेहद सुलभ बना दिया।
जंगल का जादू और पक की शरारत
कहानी प्रेमियों के उस समूह के इर्द-गिर्द घूमती है, जो सामाजिक बंधनों को तोड़कर जंगल की ओर भाग निकलते हैं। परियों के राजा ओबेरॉन और रानी टिटानिया के बीच का विवाद, और उनके चंचल सेवक पक की जादुई शरारतों ने दर्शकों को अंत तक बाँधे रखा। विशेष रूप से, पक द्वारा निक बॉटम का सिर गधे में बदलना और जादुई औषधि के प्रभाव में परी रानी का उस पर मोहित होना, नाटक का सबसे मनोरंजक हिस्सा रहा।
लोक संगीत ने फूँकी जान
नया थिएटर की इस प्रस्तुति में छत्तीसगढ़ी लोक संगीत और नृत्य का भरपूर समावेश देखा गया। ढोलक और पारंपरिक वाद्यों की थाप पर थिरकते कलाकारों ने थिएटर को एक जीवंत उत्सव में बदल दिया। नाटक का समापन तीनों प्रेमी जोड़ों के मिलन और कारीगरों द्वारा राजा की शादी में पेश किए गए हास्यपूर्ण पिरामस और थिस्बे के मंचन के साथ हुआ, जिसने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।
इस दौरान HIMS के डीन Dr. A. Sharif, Dr. Harsh Bahadur एवं Rupesh Mehrotra ने कलाकारों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। 🌸🏆
