
दून शूटआउट का ‘झारखंड कनेक्शन’
जिम के बाहर मारा गया विक्रम शर्मा निकला कुख्यात अपराधी, 50+ मुकदमे और 30 हत्याओं के आरोप
देहरादून के रेसकोर्स स्थित सिटी सेंटर जिम के बाहर शुक्रवार सुबह हुई सनसनीखेज गोलीबारी की घटना ने उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि झारखंड के आपराधिक नेटवर्क तक हलचल मचा दी है। जिस व्यक्ति को स्थानीय स्तर पर ‘स्टोन क्रेशर संचालक’ के रूप में जाना जा रहा था, उसकी पहचान अब झारखंड के कुख्यात गैंग से जुड़े विक्रम शर्मा के रूप में हुई है।
क्राइम प्रोफाइल: ‘अदृश्य’ रहकर चलाता था नेटवर्क
पुलिस सूत्रों और उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार:
विक्रम शर्मा पर 50 से अधिक मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं।
हत्या, रंगदारी, अपहरण सहित करीब 30 हत्याओं में संलिप्तता के आरोप सामने आए हैं।
अपराध संचालन में वह तथाकथित ‘3P मॉडल’ (पुलिस, पॉलिटिशियन और प्रेस मैनेजमेंट) के लिए कुख्यात था।
उसका नाम झारखंड के चर्चित अपराधी अखिलेश सिंह से भी जोड़ा जाता रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स में उसे अखिलेश सिंह का ‘गुरु’ बताया गया है, हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि जांच एजेंसियों द्वारा की जानी बाकी है।
मार्शल आर्ट और अपराध का संगम
बताया जाता है कि विक्रम शर्मा मार्शल आर्ट में दक्ष था और ब्लैक बेल्ट धारक होने का दावा करता था। वह अपने सहयोगियों को शारीरिक रूप से मजबूत बनाने पर जोर देता था और कथित रूप से उन्हें मार्शल आर्ट आधारित फिल्में दिखाकर मानसिक रूप से तैयार करता था।
2004 से 2009 के बीच झारखंड में उसकी पकड़ मजबूत बताई जाती है, जहां उसने कथित रूप से अपराध और प्रभाव का नेटवर्क तैयार किया।
संपत्ति विवाद और गंभीर आरोप
विक्रम पर अपने ही करीबी ट्रांसपोर्टर अशोक शर्मा की हत्या में संलिप्तता का आरोप भी जुड़ा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हत्या के बाद संपत्ति विवाद को लेकर पारिवारिक स्तर पर भी घटनाक्रम हुए, जिनकी जांच उस समय संबंधित एजेंसियों द्वारा की गई थी।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विक्रम शर्मा हाल के समय में देहरादून के रेसकोर्स क्षेत्र में रह रहा था। घटना के समय उसके पास हथियार होने की भी चर्चा है, जिससे यह संकेत मिलता है कि उसे खतरे का अंदेशा हो सकता था।
हमलावरों ने उसे संभलने का मौका दिए बिना फायरिंग की। अब जांच एजेंसियां यह पड़ताल कर रही हैं:
क्या यह गैंगवार की कड़ी है?
क्या बाहरी राज्यों के अपराधी देहरादून को शरणस्थली के रूप में उपयोग कर रहे हैं?
स्थानीय स्तर पर निगरानी तंत्र में कहाँ चूक हुई?
👮 पुलिस की कार्रवाई
देहरादून पुलिस द्वारा सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और आपराधिक पृष्ठभूमि की विस्तृत जांच की जा रही है। संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें
