दिल्ली जंतर मंतर पर TET अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों ने विशाल प्रदर्शन में किया प्रतिभाग


दिल्ली जंतर मंतर पर TET अनिवार्यता के विरोध में देश के 22 राज्यों के बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों में उत्तराखंड के शिक्षकों ने भी विशाल प्रदर्शन में किया प्रतिभाग


1 सितंबर 2025 को माननीय सुप्रीम कोर्ट के द्वारा देश के समस्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करने का फैसला सुनाया गया, जिसमें देश के बेसिक शिक्षा परिषद के 1 से 8 तक पठन पाठन करने वाले समस्त शिक्षक शिक्षिकाओं का कहना है कि NCET ने 23 अगस्त 2010 से TET पास करने का फरमान जारी किया था,इसे पहले शिक्षक अपनी योग्यता के अनुसार विभाग में नियुक्त हुए हैं, सुप्रीम कोर्ट के फैसले से मुखर होकर देश के बेसिक शिक्षा परिषद के समस्त शिक्षक संगठनों ने अखिल भारतीय शिक्षक संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर समस्त घटक दलों ने TET के विरोध में 24 नवंबर को दिल्ली जंतर मंतर पर एक विशाल प्रदर्शन किया।शिक्षकों का कहना है कि 23 अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को TET अनिवार्यता से मुक्त रखा जाए,शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर जबरन शिक्षकों से TET पास करने की बाध्यता की बात करती है तो इसका दुष्प्रभाव बच्चों की शिक्षा व्यवस्था पर पड़ेगा । अखिल भारतीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उतर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के अध्यक्ष योगेश त्यागी ने कहा कि हम सरकार से मांग करते हैं कि 23 अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करने से मुक्त रखा जाए,यदि केन्द्र सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले में बदलाव नहीं लाती है तो शीतकालीन सत्र में देश के समस्त राज्यों के शिक्षक दिल्ली में विशाल प्रदर्शन करने को मजबूर होगें,जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी। अखिल भारतीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के राष्ट्रीय महामंत्री सुभाष चौहान ने केंद्र सरकार से TET अनिवार्यता के संबंध में एक अध्यादेश जारी करने की मांग की जिसमें 23 अगस्त 2010 से पूर्व शिक्षकों को TET से मुक्ति मिल सके। सुभाष चौहान ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से शिक्षक तनाव के दौर से गुजर रहें हैं जिस कारण शिक्षण व्यवस्था सुचारू रूप से नहीं चल पा रही हैं। उत्तराखंड जूनियर हाईस्कूल शिक्षक के प्रदेश अध्यक्ष विनोद थापा ने कहा कि आज उत्तराखंड का शिक्षक, शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करने के फैसले से मुखर है और शिक्षकों को शिक्षण कार्य छोड़कर सड़कों पर आंदोलन के लिए आना पड़ रहा है जो छात्र हित में अच्छा नहीं है थापा ने कहा कि अच्छा होता केन्द्र सरकार शिक्षक पात्रता परीक्षा पास की अनिवार्यता में अध्यादेश लाकर 23 अगस्त 2010 से पूर्व शिक्षकों को TET पास करने से मुक्त कर देती,थापा ने यह भी कहा कि यदि सुप्रीम कोर्ट के फैसले में बदलाव नहीं होता है तो उत्तराखंड जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ देश व्यापी आंदोलन में आगे भी बढ़-चढ़कर भाग लेगा।मंडलीय सचिव गढ़वाल प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ उत्तराखंड से सैन सिंह नेगी का कहना है कि 1 सितंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट के द्वारा शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करने का जो फैसला आया है उसे हमारे शिक्षक आहत हैं ,नेगी ने यह भी कहा कि 50 साल की उम्र में कोई भी परीक्षा पास करना संभव नहीं है,यह सरासर शिक्षकों का उत्पीड़न करने का फरमान है, नेगी ने यह भी कहा कि यदि केन्द्र सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर अध्यादेश जारी नहीं करती है तो शिक्षकों को मजबूत होकर सड़कों पर आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा जिसे शिक्षा व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।और गरीब बच्चों का भविष्य अधर में लटक जायेगा, दिल्ली जंतर मंतर पर उत्तराखंड से आंदोलन में प्रतिभाग करने वाले पदाधिकारी एवं शिक्षक शिक्षिकाएं अखिल भारतीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ से ,दलेप सिंह राणा,सरिता बडोनी,कनकलता सेमवाल, रवीन्द्र पुंडीर, जगमोहन रावत हरेंद्र बिष्ट , राजकुमार पाल,वेद प्रकाश भट्ट,रोहिला संदीप रावत,संरक्षक सतीश घिल्डियाल, प्रदेश संयुक्त मंत्री सुरेश भट्ट, प्रदेश कोषाध्यक्ष मनोज शाह,जनपद पोड़ी के अध्यक्ष भगत भंडारी, प्रदेश सलाहकार कुंवर राणा,जनपद उत्तरकाशी के मंत्री जनपद देहरादून के अध्यक्ष सूरज मंद्रवाल ,मंत्री अश्विनी भट्ट,उधमसिंहनगर के मंत्री जितेंद्र प्रताप सिंह ,जनपद हरिद्वार के अध्यक्ष पवन सैनी,मंत्री कीरत पाल ,चमोली के अध्यक्ष उपेन्द्र सती ,मंत्री विक्रम गुसाईं,वरिष्ट उपाध्यक्ष मंजूषा पुंडीर, संयुक्त मंत्री यशपाल बुटोला, कोषाध्यक्ष सर्वेश्वर सिमल्टी , जनपद अल्मोड़ा के मंत्री पुष्कर सिंह,जनपद टिहरी के मंत्री उम्मेद नेगी, उत्तरकाशी के मंत्री दिनेश चौहान,आदि उपस्थित थे।
सुभाष चौहान
महामंत्री
अखिल भारतीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ उत्तराखंड