थ्रीडी मैपिंग से हिम्स जौलीग्रांट में दिल की धड़कन का सटीक इलाज

थ्रीडी मैपिंग से हिम्स जौलीग्रांट में दिल की धड़कन का सटीक इलाज

कार्डियक इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी की अत्याधुनिक सुविधा शुरू, पेसमेकर और सीआरटी जैसी उन्नत सुविधाएं भी उपलब्ध

थ्रीडी मैपिंग से हिम्स जौलीग्रांट में दिल की धड़कन का सटीक इलाज

डोईवाला🌿🌿🌿🌿🌿🌿 7 अक्टूबर 2026
दिल की धड़कन बहुत तेज, बहुत धीमी या अनियमित होने की समस्या से जूझ रहे मरीजों के लिए हिम्स जौलीग्रांट में अत्याधुनिक उपचार सुविधा शुरू की गई है। हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (हिम्स) में कार्डियक इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी एंड डिवाइसेज के अंतर्गत धड़कन संबंधी जटिल बीमारियों की जांच और उपचार आधुनिक तकनीक के माध्यम से किया जा रहा है। पिछले दो माह में थ्रीडी मैपिंग की सहायता से करीब 35 ईपीएस-आरएफए प्रक्रियाएं सफलतापूर्वक की जा चुकी हैं। इसके अलावा मरीजों के लिए पेसमेकर, सीआरटी और कंडक्शन सिस्टम पेसिंग जैसी उन्नत सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।

थ्रीडी मैपिंग से असामान्य धड़कन की सटीक पहचान

हिम्स जौलीग्रांट के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. वत्सल सिंह ने बताया कि हृदय की धड़कन एक विशेष विद्युत प्रणाली के माध्यम से नियंत्रित होती है। इस विद्युत प्रणाली में किसी प्रकार की गड़बड़ी होने पर दिल की धड़कन अनियमित, बहुत तेज या बहुत धीमी हो सकती है। इस स्थिति को एरिथमिया कहा जाता है। यह समस्या जन्मजात कारणों के साथ-साथ विभिन्न हृदय रोगों से पीड़ित मरीजों में भी हो सकती है। ऐसे मामलों में समय पर बीमारी की पहचान और उचित उपचार बेहद महत्वपूर्ण है।

उन्होंने बताया कि थ्रीडी मैपिंग तकनीक की मदद से हृदय के भीतर असामान्य विद्युत संकेत पैदा होने वाले स्थान की सटीक पहचान की जाती है। इसके बाद आधुनिक एब्लेशन तकनीक के माध्यम से उस स्थान का उपचार किया जाता है। इससे जटिल मामलों में उपचार को अधिक सटीक और प्रभावी बनाने में मदद मिलती है।

गंभीर हृदय रोगियों के लिए उन्नत डिवाइस सुविधा

कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अनुराग रावत ने बताया कि हिम्स जौलीग्रांट में पेसमेकर, डिफिब्रिलेटर और कार्डियक रीसिंक्रोनाइजेशन थेरेपी (सीआरटी) जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। ये सुविधाएं विशेष रूप से गंभीर हृदय रोग और हार्ट फेलियर से जूझ रहे मरीजों के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। साथ ही कंडक्शन सिस्टम पेसिंग के माध्यम से जरूरत के अनुसार मरीजों को आधुनिक उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।

उत्तराखंड सहित आसपास के मरीजों को मिलेगा लाभ

हिम्स जौलीग्रांट के निदेशक (अस्पताल सेवाएं) डॉ. हेम चंद्रा ने कहा कि कार्डियक इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी की अत्याधुनिक सुविधा शुरू होने से उत्तराखंड के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को धड़कन संबंधी जटिल बीमारियों के लिए आधुनिक चिकित्सा सुविधा अपने ही क्षेत्र में उपलब्ध हो सकेगी। मरीज की बीमारी और चिकित्सकीय स्थिति के अनुसार विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में जांच एवं उपचार की सुविधा प्रदान की जाएगी।

उन्होंने कहा कि अत्याधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं के माध्यम से जटिल हृदय रोगों के उपचार को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में हिम्स जौलीग्रांट लगातार प्रयासरत है।