155 बार रक्तदान कर डॉ. अनिल वर्मा बने प्रेरणा के प्रतीक🌟🌿🌟

155 बार रक्तदान कर डॉ. अनिल वर्मा बने प्रेरणा के प्रतीक, राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान सम्मान से सम्मानित राज्य रक्त संचरण परिषद ने मनाया राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस, रक्तदान को बताया मानवता की सबसे बड़ी सेवा

155 बार रक्तदान कर डॉ. अनिल वर्मा बने प्रेरणा के प्रतीक🌟🌿🌟

देहरादून। 🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, उत्तराखंड सरकार, स्टेट ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल (SBTC) एवं उत्तराखंड राज्य एड्स कंट्रोल सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के अवसर पर एनआईईपीवीडी, राजपुर रोड, देहरादून के सभागार में राज्य स्तरीय विचार गोष्ठी एवं सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया।🌿🌿🌿🌿🌿🌿 इस वर्ष कार्यक्रम की थीम “मानवता की एक बूंद : रक्तदान कीजिए—जिंदगियां बचाइये” रही।

कार्यक्रम में रक्तदान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले स्वैच्छिक रक्तदाताओं एवं रक्तदान शिविर आयोजित करने वाली संस्थाओं को सम्मानित किया गया। 🌿🌿🌿🌿समारोह का प्रमुख आकर्षण रहे यूथ रेडक्रॉस सोसायटी से विगत 55 वर्षों से रक्तदान अभियान से जुड़े तथा अब तक 155 बार रक्तदान कर चुके रक्तदाता शिरोमणि डॉ. अनिल वर्मा, जिन्हें उनके असाधारण योगदान के लिए “राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान सम्मान” से विभूषित किया गया।🌿🌿🌿🌿डॉ. अनिल वर्मा ने अपने संबोधन में रक्तदान को मानवता की सेवा का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम बताते हुए कहा कि रक्त की एक बूंद किसी जरूरतमंद के लिए जीवन की उम्मीद बन सकती है। उन्होंने स्वैच्छिक रक्तदान के इतिहास, इसकी आवश्यकता एवं महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए उत्तराखंड में शत-प्रतिशत स्वैच्छिक रक्तदान के लक्ष्य को हासिल करने के लिए युवाओं से आगे आने का आह्वान किया।🌿🌿🌿🌿🌿उन्होंने युवाओं में बढ़ते एनीमिया पर चिंता व्यक्त करते हुए नशे से दूर रहने, जंक फूड एवं फास्ट फूड का त्याग करने और पौष्टिक आहार अपनाने की अपील की। साथ ही उन्होंने थैलेसीमिया मुक्त भारत के संकल्प को मजबूत करने के लिए विवाह से पूर्व वर-वधू की रक्त संबंधी जांच कराने का भी संदेश दिया।🌿🌿🌿🌿🌿🌿कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य रक्त संचरण परिषद के निदेशक एवं एनएचएम के निदेशक डॉ. अमित शुक्ला ने की। उन्होंने रक्तदान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करते हुए कहा कि स्वस्थ एवं पात्र व्यक्ति को नियमित रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए। 🌿🌿🌿🌿🌿उन्होंने युवाओं से डॉ. अनिल वर्मा के 155 बार रक्तदान के प्रेरणादायी सफर से सीख लेते हुए नियमित रक्तदाता बनने का संकल्प लेने का आह्वान किया।🌿🌿🌿🌿🌿🌿इस अवसर पर एसबीटीसी के असिस्टेंट डायरेक्टर बीटीएस प्रदीप हटवाल ने उत्तराखंड में रक्तदान के बढ़ते प्रतिशत को उत्साहजनक बताते हुए प्रदेश द्वारा 95 प्रतिशत स्वैच्छिक रक्तदान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त करने और एनबीटीसी, नई दिल्ली में सम्मान हासिल करने पर प्रसन्नता व्यक्त की।🌿🌿🌿🌿🌿 उन्होंने रक्तदाताओं एवं रक्तदान के लिए निरंतर कार्य कर रही संस्थाओं के योगदान की सराहना की।🌿🌿🌿🌿🌿🌿कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि हुडको के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर संजय भार्गव, एनआईईपीवीडी के असिस्टेंट प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र ढालवाल, एसबीटीसी निदेशक डॉ. अमित शुक्ला, रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमैन डॉ. एमएस अंसारी एवं यूथ रेडक्रॉस सोसायटी के डॉ. अनिल वर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿इस दौरान स्वैच्छिक रक्तदाताओं राकेश रावत, कमल उनियाल, मनीष भट्ट, कमलेश कांडपाल एवं धर्मेंद्र को भी सम्मानित किया गया।🌿🌿🌿🌿🌿 वहीं रक्तदान शिविर आयोजित करने वाली संस्थाओं एवं प्रतिनिधियों में संत निरंकारी मंडल के जोनल प्रभारी हरभजन सिंह, डॉल्फिन इंस्टीट्यूट के विपुल गर्ग, उत्तरांचल यूनिवर्सिटी के डॉ. वीके श्रीवास्तव, साईं इंस्टीट्यूट की डॉ. आरती रौथान एवं चीफ कोऑर्डिनेटर एडमिशन रितिका डिमरी, एसबीएस बालावाला की डॉ. पूजा नौडियाल, टीम वॉरियर की शिवानी बिष्ट, “विचार एक नई सोच” के अवधेश नौटियाल तथा पूर्व एनसीसी अधिकारी मेजर प्रेमलता वर्मा को भी सम्मान प्रदान किया गया।🌿🌿🌿🌿🌿🌿इससे पूर्व यूसेक्स के संयुक्त निदेशक अनिल सती ने राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के इतिहास एवं इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला।🌿🌿🌿🌿🌿🌿 विचार गोष्ठी में डॉ. सुरेंद्र ढालवाल, डॉ. एमएस अंसारी, संजय भार्गव, हरभजन सिंह एवं शिवानी बिष्ट ने भी अपने विचार रखे।🌿🌿🌿🌿🌿🌿कार्यक्रम के दौरान हंसा ग्रुप के निदेशक विनोद ममगाईं एवं इंदु ममगाईं के संयोजन में “रक्तदान-महादान” विषय पर प्रेरणादायक नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया, जिसने उपस्थित लोगों को भावुक करने के साथ रक्तदान के प्रति जागरूक भी किया।इसी अवसर पर संस्थान परिसर में राजकीय दून मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय के ब्लड बैंक की एसोसिएट प्रोफेसर एवं प्रभारी डॉ. नेहा बत्रा डंडोना के संयोजन में रक्तदान शिविर भी आयोजित किया गया।🌿🌿🌿🌿🌿कार्यक्रम का प्रभावी संचालन यूथ रेडक्रॉस सोसायटी के रक्तदाता शिरोमणि डॉ. अनिल वर्मा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन यूसेक्स के ज्वाइंट डायरेक्टर अनिल सती ने किया।🌿🌿🌿🌿🌿कार्यक्रम में यूथ रेडक्रॉस कमेटी के डॉ. अनिल वर्मा एवं मेजर प्रेमलता वर्मा के नेतृत्व में डीएवी पीजी कॉलेज की टीम लीडर रिया बिष्ट, डीबीएस पीजी कॉलेज के टीम लीडर अथर्व थपलियाल एवं कनक उप्रेती, डीएवी इंटर कॉलेज के सात्विक बंसल एवं सारंग बंसल सहित 52 यूथ रेडक्रॉस वालंटियर, सीआईएमएस एवं एनआईईपीवीडी के छात्र-छात्राओं समेत बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।🌿🌿🌿🌿🌿🌿कार्यक्रम के सफल आयोजन में यूसेक्स के ज्वाइंट डायरेक्टर अनिल सती, असिस्टेंट डायरेक्टर सौरभ सहगल, असिस्टेंट डायरेक्टर ओपी सिंह, सुरेंद्र बिष्ट, संजय बिष्ट, जगदीश अधिकारी, शकुंतला सेमवाल, आशीष रॉबर्ट, अखिलेश वर्मा, बालाजी सेवा समिति की श्रीमती चंद्रकांता, होप संस्था की शहनाज एवं फोटोग्राफर प्रशांत पांडेय का विशेष योगदान रहा।समारोह ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि रक्तदान केवल एक सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि किसी अनजान व्यक्ति को जीवन देने वाली मानवता की सबसे बड़ी मिसाल है।