चातुर्मास में धार्मिक आयोजनों के बीच नेमीकुमार का हल्दी समारोह संपन्न

चातुर्मास में धार्मिक आयोजनों के बीच नेमीकुमार का हल्दी समारोह संपन्न

चातुर्मास में धार्मिक आयोजनों के बीच नेमीकुमार का हल्दी समारोह संपन्न

देहरादून।________ चातुर्मास की स्वर्णिम बेला में संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज एवं आचार्य श्री समयसागरजी महाराज के आशीर्वाद तथा परम पूज्या आध्यात्मिक श्रमणी आर्यिका रत्न श्री 105 पूर्णमति माताजी के सानिध्य में गांधी रोड स्थित जैन धर्मशाला में ससंघ विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।इन कार्यक्रमों में श्रीजी का अभिषेक, शांतिधारा, नित्य पूजन-पाठ, प्रवचन, माताजी की दिनचर्या के अनुसार आहार, तीन बार सामायिक, भक्तों से मिलना, महिलाओं की धार्मिक कक्षा, बच्चों की पाठशाला तथा सायंकाल गुरु भक्ति के पश्चात महाआरती सहित अनेक धार्मिक आयोजन नियमित रूप से किए जा रहे हैं।परम पूज्य आर्यिका रत्न पूर्णमति माताजी के मंगल वर्षायोग की कलश स्थापना 2 अगस्त 2026, रविवार को जैन धर्मशाला में बड़े भक्तिभाव एवं धूमधाम के साथ संपन्न हुई। जो धर्मप्रेमी श्रद्धालु किसी कारणवश उस अवसर पर उपस्थित नहीं हो पाए थे और जिनके कलश स्थापित नहीं हो सके थे, उनके कलश आज प्रातः 9:30 बजे जैन धर्मशाला में ब्रह्मचारी दीपक भैया जी द्वारा विधि-विधानपूर्वक स्थापित किए गए।इसके पश्चात धर्मसभा को संबोधित करते हुए माताजी ने णमोकार महामंत्र के शुद्ध उच्चारण के साथ सभा का शुभारंभ किया और श्रद्धालुओं को मध्यलोक के 458 अकृत्रिम चैत्यालयों की आध्यात्मिक यात्रा कराई।माताजी ने अपने प्रवचन में कहा कि “वर्षा को रोकना हमारे हाथ में नहीं है, अपने को भीगने से रोकना हमारे हाथ में है। युद्ध में शत्रु के आक्रमण को रोकना हमारे हाथ में नहीं, लेकिन अपने को बचाना हमारे हाथ में है। उदय से प्रभावित नहीं होना और नवीन बंध नहीं करना—यह हमारे हाथ में है।”उन्होंने कहा कि नशे की वस्तु का सेवन कर व्यक्ति बेहोशी की अवस्था में रहता है, लेकिन जिनशासन हमें अपने गुणों को तितर-बितर करने के लिए नहीं, बल्कि सावधान होकर मोह रूपी नशे को उतारकर अध्यात्म में प्रवेश करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि “मेरे बच्चे, मेरा परिवार, मेरा रुपया-पैसा”—इन भावों को हमने अनेक बार परिणामों में धारण किया, लेकिन अंततः कुछ भी हमारा नहीं हुआ। अपने स्वरूप को समझने का यही अवसर है। इसी ओर चलना है और अपनी ही महिमा को पहचानना है। यहाँ हमारा कुछ भी नहीं है।इसी क्रम में दोपहर 3 बजे नेमीकुमार के हल्दी समारोह का आयोजन जैन धर्मशाला में किया गया। इस अवसर पर जीएसटी कमिश्नर श्री प्रतीक जैन ने जैन भवन में गुरु माँ के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मौजूद पदाधिकारियों ने उनका तिलक, पटका एवं माला पहनाकर स्वागत-अभिनंदन किया।हल्दी समारोह में जैन समाज की महिलाओं एवं पुरुषों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। संगीतमय भजनों एवं नृत्य के साथ हल्दी की रस्म धूमधाम से संपन्न हुई। इसके पश्चात सायं 6:30 बजे जैन धर्मशाला मंदिर जी में आचार्य भक्ति का आयोजन भक्तिभाव के साथ किया गया।मीडिया समन्वयक मधु जैन ने बताया कि आगामी कार्यक्रम के तहत कल दोपहर 3 बजे नेमीकुमार को मेंहदी लगाई जाएगी। अन्य सभी धार्मिक कार्यक्रम पूर्व निर्धारित कार्यक्रमानुसार यथावत आयोजित होंगे।इस अवसर पर जैन समाज के बड़ी संख्या में श्रद्धालु, पदाधिकारी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।मधु जैन मीडिया समन्वयक देहरादून जैन समाज