देश में छात्रों की एकता और अखंडता को देखकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया स्तिफा ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,देश में लंबे समय से पेपर लीक बेरोज़गारी को देखते हुए दिल्ली जंतर मंतर में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन प्रारंभ किया जिसमें सोनम वांगचुक जी ने पच्चीस दिन तक आमरण अनशन किया और देश के युवाओं ने दिल्ली जंतर मंतर पर लगातार छब्बीस दिन तक शांतिप्रिय आंदोलन चलाया ,जिसके लिए देश के समस्त छात्रों छात्राओं को ढेर सारी बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएं।छात्रों की मांग थी कि देश में बार बार पेपर लीक हो रहें हैं बेरोज़गारी चरम सीमा पर चल रही है जिसे बच्चों का भविष्य दांव पर लग रहा है ।इस संदर्भ में छात्रों का कहना था कि सरकार ऐसे मामलों में जबाब देही तय करें कि जिस स्तर से गलतियां हो रही है उसमें दोषियों को कठोर से कठोर सजा दिलाकर सिस्टम में सुधार लाएं,लेकिन लंबे समय तक सरकार द्वारा बच्चों की जायज मांग को अनसुना किया गया जिसे आंदोलन उग्र रूप लेने लगा।छात्रों की एकता और अखंडता को देखते हुए आज माननीय शिक्षा मंत्री जी के द्वारा स्तिफा दिया गया जो लोकतंत्र की जीत मानी जायेगी। अखिल भारतीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के राष्ट्रीय महामंत्री सुभाष चौहान ने कहा कि संगठन लंबे समय से 2011 से पूर्व पच्चीस लाख शिक्षकों के भविष्य को मध्य नजर रखते हुए टेट शिक्षक पात्रता परीक्षा से मुक्त रखने की बात कर रहा है लेकिन सरकार इस गंभीर मामले में कोई ठोस निर्णय नहीं ले रहा है जिसे लाखों शिक्षक तनाव के दौर से गुजर रहे हैं।सुभाष चौहान ने कहा कि 1 अप्रैल 2010 से आर० टी० ई० अधिनियम लागू हुआ था उसे पूर्व शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करना अनिवार्य नहीं था।लेकिन माननीय सुप्रीम कोर्ट के द्वारा 1 सितंबर 2025 को एक फैसला सुनाया गया जिसमें बेसिक के समस्त सेवारत शिक्षकों को टी०ई०टी० पास करना अनिवार्य हो गया जो न्याय संगत नहीं है। राष्ट्रीय महामंत्री सुभाष चौहान ने केन्द्र सरकार से अनुरोध किया कि 2011 से पूर्व सेवा में आए शिक्षकों को टी०ई०टी० से मुक्त रखने के लिए कैबिनेट में अध्यादेश लाकर शिक्षकों को राहत दी जाए। सुभाष चौहान ने कहा कि यदि सरकार शिक्षकों के पक्ष में कोई ठोस निर्णय नहीं लेती है तो संगठन को देश के पच्चीस लाख शिक्षकों के भविष्य को देखते हुए कोई ठोस निर्णय लेकर आगे की रणनीति के तय करनी पड़ेगी।
