सहारनपुर::::::::समाज सेवा के क्षेत्र में अग्रणी संस्था ‘हेल्पिंग हैंड्स सोसाइटी, सहारनपुर’ द्वारा आज स्थानीय मैसूर पैलेस में एक विशाल स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।

इस मानवीय पहल का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में रक्त की कमी से जूझ रहे मरीजों की सहायता करना तथा समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाना रहा। शिविर में भारी संख्या में युवाओं, महिलाओं और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर रक्तदान किया। शिविर में 450 यूनिट से अधिक रक्तदान हुआ है जो रक्तदान करने वाले लोगों की भारी संख्या और समर्थन का परिणाम रहा है। इस विशेष अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में रेड क्रॉस सोसाइटी, देहरादून के चेयरमैन डॉ. एम.एस. अंसारी एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में संस्था के वाइस पैट्रन डॉ. सरफराज हसन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पधारने पर सोसाइटी के वरिष्ठ पदाधिकारियों द्वारा दोनों अतिथियों का माल्यार्पण कर भावभीना स्वागत किया गया।चिकित्सा विज्ञान, जन-कल्याण और समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं अनुकरणीय योगदान देने के लिए हेल्पिंग हैंड्स सोसाइटी की ओर से डॉ. एम.एस. अंसारी और डॉ. सरफराज हसन को विशेष रूप से सम्मानित व पुरस्कृत किया गया। उन्हें सोसाइटी द्वारा मानद स्मृति चिह्न, शॉल एवं प्रशस्ति पत्र भेंट किया गया।शिविर को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. एम.एस. अंसारी ने कहा, “रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है, क्योंकि यह सीधे तौर पर किसी मरते हुए व्यक्ति को जीवनदान देता है। प्रत्येक स्वस्थ नागरिक को वर्ष में कम से कम दो बार रक्तदान अवश्य करना चाहिए।” उन्होंने सोसाइटी के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविरों के माध्यम से ही हम एक स्वस्थ और जागरूक समाज का निर्माण कर सकते हैं।विशिष्ट अतिथि डॉ. सरफराज हसन ने अपने संबोधन में युवाओं की भारी भागीदारी की प्रशंसा की और कहा कि रक्त का कोई अन्य विकल्प नहीं है, इसे केवल मानवीय संवेदनाओं के माध्यम से ही प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने सोसाइटी के सभी वालंटियर्स के जज्बे को सलाम किया।शिविर की समाप्ति पर हेल्पिंग हैंड्स सोसाइटी के अध्यक्ष एवं सचिव ने संयुक्त रूप से सभी रक्तदाताओं, सहयोगी चिकित्सकों की टीम और कार्यक्रम में पधारे सम्मानित अतिथियों का आभार व्यक्त किया। सोसाइटी ने भविष्य में भी इस प्रकार के जनहितैषी कार्यों को निरंतर जारी रखने का संकल्प दोहराया।
