उत्तराखंड सरकार शिक्षकों की जैनविन मांगों व समस्याओं के समाधान पर खामोश शिक्षकों में भारी आक्रोश

उत्तराखंड सरकार शिक्षकों की जैनविन मांगों व समस्याओं के समाधान पर खामोश शिक्षकों में भारी आक्रोश

,,,,,उत्तराखंड जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ लंबे समय से शिक्षकों की जैनविन मांग व समस्याओं के समाधान के लिए सरकार से गुहार लगा रहा है साथ ही चरणबद्ध आंदोलन कर सरकार को जगाने का काम कर रहा है इसके बावजूद सरकार शिक्षकों की मांग व समस्याओं का समाधान करने के बजाय खामोश बना हुआ है।जिस कारण छात्रों का अनहित हो रहा है और शिक्षक तनाव के दौर से गुजर रहे हैं ,इसे बच्चों का पठन पाठन सुचारू रूप से नहीं हो पा रहा है। अखिल भारतीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेश त्यागी ने कहा कि 29 मई को उत्तराखंड जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के एक दिवसीय धरना प्रदर्शन में राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी निदेशालय में आंदोलन में उपस्थित थे और निदेशक माध्यमिक शिक्षा उत्तराखंड के द्वारा तेरह सूत्रीय मांग पत्र का ज्ञापन लेते समय शिक्षक पदाधिकारियों को आश्वस्त किया था कि जो भी मांगे हमारे स्तर की होगी उसका शीघ्र समाधान किया जायेगा और जो मांगे शासन स्तर की होगी उसका प्रस्ताव शासन को भेजा जायेगा, अफसोस की बात है कि एक माह बीत जाने के बाबजूद आज तक शासन व विभाग से शिक्षकों की किसी भी प्रकार की कोई मांग नहीं मानी गई और ना हीं किसी भी समस्या का समाधान किया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेश त्यागी ने कहा कि यदि उत्तराखंड सरकार शिक्षकों की जैनविन मांग नहीं मानती है और समस्याओं का समाधान नहीं करती है तो उत्तराखंड जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ को सड़कों पर उतरकर आंदोलन करना होगा जिसमें अखिल भारतीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ पूर्ण रूप से सहयोग करेगा।अखिल भारतीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के राष्ट्रीय महामंत्री सुभाष चौहान ने कहा कि उत्तराखंड जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ लंबे समय से केन्द्र की तर्ज पर त्रिस्तरीय कैडर व्यवस्था लागू करने की बात कर रहा है जिसमें शिक्षकों को किसी भी प्रकार की अतिरिक्त धनराशि सरकार को नहीं देनी पड़ रही है, सुभाष चौहान ने कहा कि यदि त्रिस्तरीय कैडर व्यवस्था लागू नहीं होती है तो 14 नवंबर 2016 का शासनादेश बहाल करते हुए उच्चीकृत जूनियर हाईस्कूलों का पृथक संचालन करवाया जाए। सुभाष चौहान ने यह भी कहा कि 1-1-2006 से पदोन्नत शिक्षकों को 17140 वेतनमान का लाभ दिया जा रहा है और 28 दिसंबर 2018 से वित सचिव महोदय ने एक शासनादेश निकाला है जिसमें साफ लिखा है कि 1-1-2006 से पदोन्नत शिक्षकों को 17140 का लाभ दिया जाए लेकिन इस शासनादेश में नोशनली शब्द जोड़ा गया है जिस कारण 2009 से 2018 के बीच शिक्षकों से 17140 की रिकवरी की जा रही है जो न्याय संगत नहीं है। सुभाष चौहान ने कहा कि 28 दिसंबर 2018 के शासनदेश से नोशनली शब्द को हटाकर शिक्षकों को 1-1-2006 से 17140 वेतनमान पर किसी भी प्रकार से रिकवरी नहीं की जानी चाहिए ।राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेश त्यागी ने कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट ने एक सितंबर 2025 को समस्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करने का फैसला सुनाया है जिसका देश भर में विरोध हो रहा है इस पर भी केन्द्र सरकार अध्यादेश लाकर 2011 से पूर्व सेवा में आए शिक्षकों को राहत देगी ऐसा हमें विश्वास है ।सुभाष चौहान राष्ट्रीय महामंत्री अखिल भारतीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ