रक्तदाता किसी देवदूत से कम नहीं : रितु डोभाल155 बार रक्तदान करने वाले डॉ. अनिल वर्मा को ‘डॉ. कार्ल लैंडस्टीनर रक्तदान क्रांतिवीर अवार्ड’ से सम्मानित

रक्तदाता किसी देवदूत से कम नहीं : रितु डोभाल155 बार रक्तदान करने वाले डॉ. अनिल वर्मा को ‘डॉ. कार्ल लैंडस्टीनर रक्तदान क्रांतिवीर अवार्ड’ से सम्मानित

देहरादून विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर वीरा फाउंडेशन द्वारा शिमला बाईपास स्थित कार्यालय में रक्तदान जागरूकता संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में रक्तदान, स्वास्थ्य जागरूकता और समाजसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले वरिष्ठ रक्तदाता डॉ. अनिल वर्मा को 155 बार स्वैच्छिक रक्तदान तथा नेत्रदान, अंगदान एवं संपूर्ण देहदान के संकल्प के लिए ‘डॉ. कार्ल लैंडस्टीनर रक्तदान क्रांतिवीर अवार्ड’ से सम्मानित किया गया।मुख्य वक्ता डॉ. अनिल वर्मा ने रक्त संचरण के जनक डॉ. कार्ल लैंडस्टीनर के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके द्वारा एबीओ ब्लड ग्रुप प्रणाली और बाद में आरएच फैक्टर की खोज ने चिकित्सा विज्ञान में नई क्रांति ला दी। इसी उपलब्धि के लिए उन्हें वर्ष 1930 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि आज दुनिया भर में करोड़ों लोगों का जीवन सुरक्षित रक्त उपलब्ध होने के कारण बचाया जा रहा है।डॉ. वर्मा ने बताया कि उन्होंने अब तक 155 से अधिक बार रक्तदान किया है तथा 100 से अधिक रक्तदान शिविरों के माध्यम से हजारों यूनिट रक्त एकत्र कराने और एक लाख से अधिक युवाओं को रक्तदान के लिए प्रेरित करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि उनका जीवन लक्ष्य है कि “कोई भी मरीज रक्त के अभाव में न मरे और कोई भी स्वस्थ व्यक्ति रक्तदान किए बिना न रहे।”वीरा फाउंडेशन की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रितु डोभाल ने कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा जीवनदान है। रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प उपलब्ध नहीं है, इसलिए जरूरतमंद मरीज के लिए रक्तदाता किसी देवदूत से कम नहीं होता। उन्होंने सभी स्वस्थ नागरिकों से नियमित स्वैच्छिक रक्तदान करने की अपील की।फाउंडेशन के मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) विनोद डोभाल ने बताया कि संस्था अब तक 35 रक्तदान शिविर आयोजित कर चुकी है। उन्होंने कहा कि कम्पोनेंट थेरेपी के माध्यम से एक यूनिट रक्त तीन से चार लोगों का जीवन बचा सकता है, इसलिए नियमित रक्तदान अत्यंत आवश्यक है।संस्था के सह-संस्थापक यशवीर सिंह राणा ने रक्तदान को निःस्वार्थ सेवा और मानवता का सर्वोच्च उदाहरण बताते हुए युवाओं से इस महाअभियान से जुड़ने का आह्वान किया।कार्यक्रम में प्रेरणा प्रजापति, अदिति डंग और आर्यन सिंह मिंगवाल सहित अन्य वक्ताओं ने भी रक्तदान के महत्व पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन ऋचा उनियाल ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन निरंजन कौर ने प्रस्तुत किया।