
🌿🌳🌴🌲“पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेकर एसआरएचयू में गूंजी हरियाली की आवाज़ — साइकिल रैली, पौधारोपण और नेचर क्लब का भव्य शुभारंभ”
डोईवाला_____________ विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू), जॉलीग्रांट में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने हेतु भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर साइकिल रैली, पौधारोपण अभियान एवं विभिन्न जागरूकता गतिविधियों ने पूरे परिसर को पर्यावरणीय संदेश से सराबोर कर दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत पर्यावरण संरक्षण की शपथ के साथ हुई, जिसमें विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी एवं विद्यार्थियों ने यह संकल्प लिया कि वे न केवल स्वयं पर्यावरण की रक्षा करेंगे, बल्कि समाज में भी इसके प्रति जागरूकता फैलाएंगे।इस अवसर पर आयोजित साइकिल रैली में बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रैली का उद्देश्य पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली को बढ़ावा देना और प्रदूषण मुक्त भविष्य की दिशा में संदेश देना रहा।इसके साथ ही विश्वविद्यालय के विभिन्न स्कूलों—स्कूल ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, स्कूल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, स्कूल ऑफ योगा साइंसेज, स्कूल ऑफ बायो साइंसेज, स्कूल ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज, हिमालयन कॉलेज ऑफ नर्सिंग एवं हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज—में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत व्यापक पौधारोपण किया गया।कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अपने संकल्प लिखे तथा सतत एवं पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। वहीं ‘ट्रैश टू ट्रेजर’ गतिविधि के माध्यम से पुरानी एवं अनुपयोगी वस्तुओं से उपयोगी सामग्री तैयार कर पुनः उपयोग (रीयूज़) और अपशिष्ट प्रबंधन का प्रभावी संदेश दिया गया।एसआरएचयू में नेचर क्लब का शुभारंभविश्व पर्यावरण दिवस पर विश्वविद्यालय में ‘एसआरएचयू नेचर क्लब’ की भी विधिवत शुरुआत की गई। इस क्लब का उद्देश्य छात्रों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना तथा सतत विकास की भावना को मजबूत करना है।डॉ. संजय दास ने जानकारी देते हुए बताया कि नेचर क्लब वर्षभर वृक्षारोपण, बागवानी, प्रकृति भ्रमण, बर्ड वॉचिंग, इको-ट्रिप, कैंपिंग, वन्यजीव एवं प्रकृति फोटोग्राफी, स्वच्छता अभियान, पर्यावरण प्रदर्शनी, विशेषज्ञ व्याख्यान, वाद-विवाद एवं प्रश्नोत्तरी जैसी विविध गतिविधियों का आयोजन करेगा।
कार्यक्रम ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता, जिम्मेदारी और सामूहिक सहभागिता का सशक्त संदेश दिया।
