देहरादून को मिला नया नेतृत्व : डॉ. आशीष चौहान ने संभाली जिलाधिकारी की कमानजनसेवा, पारदर्शिता और नवाचार आधारित प्रशासन होगा प्राथमिकता

देहरादून, 25 मई_____देहरादून जनपद को नए जिलाधिकारी के रूप में एक संवेदनशील, दूरदर्शी और जनकेंद्रित प्रशासनिक नेतृत्व मिला है। भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) 2012 बैच के अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सोमवार को विधिवत रूप से देहरादून के जिलाधिकारी पद का कार्यभार ग्रहण कर लिया। इससे पूर्व कार्यरत जिलाधिकारी सविन बंसल का शासन स्तर पर सचिवालय में स्थानांतरण किया गया है।कार्यभार ग्रहण करने के बाद डॉ. आशीष चौहान ने कोषागार पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों और कर्मचारियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की। उन्होंने रिकॉर्ड के व्यवस्थित एवं सुरक्षित संरक्षण, डिजिटल माध्यम से पेंशनरों के सत्यापन और प्रशासनिक कार्यों में तकनीकी दक्षता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।नव नियुक्त जिलाधिकारी डॉ. चौहान ने स्पष्ट कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध, पारदर्शी और सरल तरीके से आमजन तक पहुंचाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने चारधाम यात्रा प्रबंधन को और अधिक सशक्त बनाने, आपदा प्रबंधन कार्यों को गति देने तथा विकास योजनाओं को समयसीमा के भीतर पूर्ण कराने की प्रतिबद्धता जताई।डॉ. आशीष चौहान इससे पूर्व पिथौरागढ़, उत्तरकाशी और पौड़ी जैसे चुनौतीपूर्ण पर्वतीय जनपदों में जिलाधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनकी कार्यशैली को तकनीक आधारित समाधान, संवेदनशील प्रशासन और जनहितकारी नवाचारों के लिए विशेष पहचान मिली है।पौड़ी जनपद में उनके नेतृत्व में शुरू किया गया “सेफ सफर ऐप” सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में एक अभिनव पहल के रूप में सामने आया, जबकि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से विकसित “काव्या ऐप” ने पहाड़ी क्षेत्रों में सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी इन पहलों को राज्य स्तर पर व्यापक सराहना मिली।पर्यटन और सांस्कृतिक विकास के क्षेत्र में भी डॉ. चौहान की सोच प्रभावशाली रही है। पौड़ी में हिमालय दर्शन स्थल के समीप विकसित हो रहा “त्रिशूल पार्क” धार्मिक एवं प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वाकांक्षी परियोजना मानी जा रही है। यहां स्थापित किया जा रहा 56 फीट ऊंचा भव्य त्रिशूल भविष्य में प्रमुख आकर्षण केंद्र बनने जा रहा है।वहीं पूर्व जिलाधिकारी सविन बंसल ने भी अपने कार्यकाल के दौरान देहरादून में प्रशासन को जनसरोकारों से जोड़ने का उल्लेखनीय प्रयास किया। “नंदा-सुनंदा” जैसी पहल के माध्यम से बालिकाओं की शिक्षा और सुरक्षा को नई दिशा मिली, जबकि भिक्षावृत्ति एवं कूड़ा बीनने वाले बच्चों के पुनर्वास के लिए चलाए गए अभियानों ने समाज के कमजोर वर्गों तक प्रशासन की संवेदनशील पहुंच सुनिश्चित की।जनसुनवाई, त्वरित शिकायत निस्तारण और जरूरतमंदों तक योजनाओं की प्रभावी पहुंच के कारण सविन बंसल को एक “पीपुल्स एडमिनिस्ट्रेटर” के रूप में पहचान मिली। उनके स्थानांतरण के दौरान अधिकारियों, कर्मचारियों और आमजन द्वारा दी गई भावुक विदाई इसी विश्वास और जुड़ाव का प्रतीक रही।अब देहरादून की जनता को उम्मीद है कि डॉ. आशीष चौहान के नेतृत्व में जनपद विकास, सुशासन, तकनीकी नवाचार और संवेदनशील प्रशासन के नए आयाम स्थापित करेगा।
