18 मई का आंदोलन बनेगा शिक्षक एकता और शक्ति का ऐतिहासिक प्रदर्शन

18 मई का आंदोलन बनेगा शिक्षक एकता और शक्ति का ऐतिहासिक प्रदर्शन

उत्तराखंड जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने प्रदेश भर के समस्त जनपदीय पदाधिकारियों, विकासखंड पदाधिकारियों, प्रदेश के मनोनीत पदाधिकारियों, विद्वान शिक्षक साथियों एवं विदुषी शिक्षिका बहनों से 18 मई को आयोजित होने वाले महाआंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है।संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि यह आंदोलन केवल मांगों को लेकर किया जाने वाला कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह शिक्षकों की एकजुटता, संकल्प और शक्ति का विराट प्रदर्शन होगा। इस आंदोलन से सरकार को स्पष्ट संदेश जाएगा कि शिक्षक समाज अपनी जायज मांगों के लिए पूरी ताकत के साथ संघर्ष करने को तैयार है।संघ ने कुमाऊं एवं गढ़वाल मंडल के मंडलीय सचिवों से भी आग्रह किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के जनपदीय पदाधिकारियों के माध्यम से शत-प्रतिशत शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करें, ताकि आंदोलन ऐतिहासिक और निर्णायक सिद्ध हो।संघ के नेताओं ने कहा कि यदि 18 मई के आंदोलन के बाद भी सरकार शिक्षकों की न्यायोचित मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो आगामी प्रदेशव्यापी आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा। इस संघर्ष में अखिल भारतीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ भी पूर्ण समर्थन और सक्रिय सहभागिता के साथ आंदोलन को अंतिम मुकाम तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।संघ ने सभी शिक्षक साथियों से आह्वान किया है कि वे अपने अधिकारों, सम्मान और भविष्य की रक्षा के लिए 18 मई को अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर शिक्षक एकता का परिचय दें।”जब शिक्षक एकजुट होता है, तो परिवर्तन निश्चित होता है।________”जारीकर्ता:सुभाष चौहान राष्ट्रीय महामंत्री अखिल भारतीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ

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