भगवान श्रीकृष्ण के प्रकट होते ही भक्तिमय हुआ वातावरण, झूम उठा पूरा पंडाल

भगवान श्रीकृष्ण के प्रकट होते ही भक्तिमय हुआ वातावरण, झूम उठा पूरा पंडाल कलियुग में श्रीमद्भागवत कथा ही ईश्वर से जुड़ने का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम : कथा व्यास सुभाष जोशी

देहरादून_________ 7 मई। विकास लोक, सहस्त्रधारा रोड स्थित जयसवाल निवास में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस पर श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा के दौरान जड़भरत चरित्र, भक्त प्रह्लाद, वामन अवतार, गंगा अवतरण एवं भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के दिव्य प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया गया। भगवान श्रीकृष्ण के प्रकट होते ही पूरा पंडाल “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोषों से गूंज उठा और श्रद्धालु भक्ति रस में झूम उठे।सुप्रसिद्ध कथा व्यास पंडित सुभाष जोशी जी ने कहा कि “श्रीमद्भागवत महापुराण केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि साक्षात भगवान का स्वरूप है। इसके श्रवण मात्र से मनुष्य के जीवन के दुख, अज्ञान और पापों का नाश होता है तथा आत्मा को परम शांति और आनंद की प्राप्ति होती है।”उन्होंने कहा कि सनातन धर्म के अट्ठारह पुराणों में श्रीमद्भागवत का विशेष स्थान है। महर्षि वेदव्यास द्वारा रचित यह महापुराण भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं के माध्यम से मानव जीवन को धर्म, भक्ति और मोक्ष का मार्ग दिखाता है। कलियुग में भागवत कथा ही ईश्वर से जुड़ने का सबसे सरल, पवित्र और प्रभावी उपाय है।कथा व्यास ने कहा कि जिस प्रकार सूर्य संपूर्ण सृष्टि के अंधकार को दूर कर प्रकाश फैलाता है, उसी प्रकार श्रीमद्भागवत महापुराण मनुष्य के भीतर व्याप्त अज्ञान रूपी अंधकार को समाप्त कर ज्ञान और भक्ति का प्रकाश उत्पन्न करता है। भागवत श्रवण मन को पवित्र करने वाला दिव्य अनुष्ठान है और यह सौभाग्य अनेक जन्मों के पुण्यों के फलस्वरूप प्राप्त होता है।उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि भागवत कथा अमृत के समान है, जिसका जितना अधिक श्रवण किया जाए, आत्मा उतनी ही अधिक तृप्त होती है। भागवत सप्ताह के दौरान देवता भी आकाश में स्थिर होकर कथा श्रवण करते हैं, क्योंकि ऐसा दुर्लभ अवसर स्वर्गलोक में भी सहज उपलब्ध नहीं होता।

कथा के उपरांत श्रद्धालुओं को टपकेश्वर महादेव मंदिर के पूज्य दिगंबर भारत गिरी जी महाराज का पावन आशीर्वाद भी प्राप्त हुआ, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो गया।

इस अवसर पर श्रीमती आशा एवं अनिल कुमार जायसवाल, श्रीमती पूजा एवं मनोज कुमार जायसवाल, श्रीमती पूजा एवं मनीष कुमार जायसवाल, श्रीमती श्रद्धा एवं आशीष कुमार जायसवाल, सिद्धांत, अभिनव, आर्यन, अनुरूध, यथार्थ, अनुष्का एवं वैभव कुमार जायसवाल सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। आयोजन समिति द्वारा सभी अतिथियों का पुष्पमालाओं एवं सम्मान के साथ स्वागत किया गया।

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