टी ई टी के विरोध में माह मार्च के अंतिम सप्ताह में देश के पच्चीस लाख शिक्षक भरेंगे दिल्ली में हुंकार


टी ई टी के विरोध में माह मार्च के अंतिम सप्ताह में देश के पच्चीस लाख शिक्षक भरेंगे दिल्ली में हुंकार

सुप्रीम कोर्ट द्वारा परिषदीय शिक्षकों के लिए 1 सितंबर 2025 को टीईटी पास करने की अनिवार्यता का फैसला सुनाया गया है जिसे देश के 25 लाख शिक्षकों में भूचाल सा आ गया है,शिक्षकों को कहना है कि टीईटी की अनिवार्यता 2011 से लागू की गई थी ,उसे पहले शिक्षक अपनी योग्यता के अनुसार सेवा में आए थे। अखिल भारतीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के राष्ट्रीय महा मंत्री सुभाष चौहान ने कहा कि शिक्षक बजट सत्र में उम्मीद लगाए बैठे थे कि केंद्र सरकार 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी में छूट देगी परंतु केन्द्र सरकार ने इस संबंध में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया अब टीईटी के विरोध में 22 फरवरी को 2 से 4 बजे तक सोसल मीडिया एक्स पर अभियान चलाया जाएगा ,23 से 25 फरवरी तक शिक्षक काली पट्टी बांधकर काम करेगें।26 फरवरी को जिला मुख्यालय मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय में धरना देगें, तत्पश्चात मार्च के अंतिम सप्ताह में दिल्ली के जंतर मंतर /रामलीला मैदान में देश व्यापी आंदोलन होगा,जिसका प्रतिकूल प्रभाव बच्चों की शिक्षा व्यवस्था पर पडे़गा। सुभाष चौहान ने यह भी कहा कि पच्चीस से तीस वर्ष की सेवा में शिक्षकों ने अपने कर्तव्यों का बखूबी से निर्वहन करके बच्चों को अच्छी शिक्षा देकर देश के सर्वोच्च पदों पर पहुंचाए हैं आज शिक्षकों को टीईटी पास करने का फरमान जारी किया जा रहा जो हमें कदापि स्वीकार नहीं है।सुभाष चौहान ने कहा कि माह मार्च के अंतिम सप्ताह में अखिल भारतीय शिक्षक संघर्ष मोर्चा के बेनर तले दिल्ली के जंतर मंतर में देश व्यापी आंदोलन होगा जिसमें समस्त शिक्षक शिक्षिकाएं बढ़ चढ़कर हिस्सा लेगें। उत्तराखंड प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ गढ़वाल के मंडलीय सचिव सैन सिंह नेगी ने उत्तराखंड के प्राथमिक व जूनियर के शिक्षकों से अपील की है आखिल भारतीय शिक्षक मोर्चा के बेनर तले टीईटी के विरोध में दिल्ली जंतर मंतर पर आंदोलन होने जा है सभी शिक्षक शिक्षिकाएं इस आंदोलन को सफल बनाने के लिए तैयार रहें ।
सुभाष चौहान
महा मंत्री
अखिल भारतीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ