उत्तराखंड में गोल्डन कार्ड पर शिक्षक कर्मचारियों का प्राइवेट हॉस्पिटलों में निःशुल्क इलाज नहीं होने पर भारी आक्रोश: नेगी


उत्तराखंड में गोल्डन कार्ड पर शिक्षक कर्मचारियों का प्राइवेट हॉस्पिटलों में निःशुल्क इलाज नहीं होने पर भारी आक्रोश नेगी


उत्तराखंड में शिक्षक कर्मचारियों एवं उनके आश्रितों के लिए चयनित प्राइवेट हॉस्पिटलों में निशुल्क इलाज के लिए अटल आयुष्मान योजना के तहत गोल्डन कार्ड की सुविधा 18 नवंबर 2020से लागू की गई थी,जिसमें प्रत्येक माह शिक्षक कर्मचारियों का लेवल के अनुसार वेतन से पैसा कटता है और यह धनराशि उत्तराखंड स्वास्थ्य प्राधिकरण के कोष में जमा होती है,अटल आयुष्मान योजना के तहत गोल्डन में शिक्षक कर्मचारियों के माता पिता एवं बच्चों व स्वयं का प्राइवेट हॉस्पिटलों में मुफ्त इलाज किया जाता था, वर्तमान में उत्तराखंड के चयनित प्राइवेट हॉस्पिटलों में गोल्डन कार्ड में किसी भी प्रकार से शिक्षक कर्मचारियों एवं उनके आश्रितों का मुफ्त इलाज नहीं हो रहा है जबकि शिक्षक कर्मचारियों के वेतन से प्रत्येक माह पैसा कट रहा है, प्राइवेट हॉस्पिटलों के संचालकों का कहना है कि लंबे समय से शिक्षक कर्मचारियों एवं उनके आश्रितों का हमारे हास्पिटलों में जो इलाज किया गया उत्तराखंड स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा विलों का भुगतान नहीं किया गया,इस दशा में हम कब तक मुफ्त इलाज करते रहेगें ।सैंन सिंह नेगी मंडलीय सचिव गढ़वाल प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक का कहना है कि जब शिक्षक कर्मचारियों के वेतन से प्रत्येक माह पैसा कट रहा है तो आज शिक्षक कर्मचारियों के लिए चयनित हांस्पिटलों में मुफ्त इलाज करने में ये समस्या उत्पन्न क्यों हो रही है उत्तराखंड का शिक्षक अपने व आश्रितों के इलाज के लिए दर -दर की ठोकर खा रहा है और अपने जेब से लाखों रूपया लगाकर अपना व आश्रितों का इलाज करवा रहा है। सैन सिंह नेगी ने उत्तराखंड सरकार से गुहार लगाई कि गोल्डन कार्ड में शिक्षक कर्मचारियों को चयनित हांस्पिटलों में ओ पी डी में भी निःशुल्क जांच व मुफ्त इलाज की व्यवस्था होनी चाहिए ,जिसे शिक्षक कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान नहीं झेलना पड़ेगा।नेगी ने सरकार से मांग की लगाई है कि उत्तराखंड में गोल्डन कार्ड में कतिपय प्राइवेट हॉस्पिटल चयनित नहीं हैं उन हास्पिटलों को भी गोल्डन कार्ड के दायरे में लाकर शिक्षक कर्मचारियों को बेहतर इलाज की सुविधा प्रदान की जानी चाहिए,यदि गोल्डन कार्ड में कटौती धनराशि में बढ़ोतरी करनी है तो उसके लिए शिक्षक सहर्ष स्वीकार्य हैं। अखिल भारतीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के राष्ट्रीय महामंत्री सुभाष चौहान ने भी उत्तराखंड सरकार से शिक्षक कर्मचारियों को गोल्डन कार्ड में निःशुल्क इलाज की मांग की,जिसे शिक्षक कर्मचारियों में आक्रोश ना बना रहें।
सैन सिंह नेगी
मंडलीय सचिव गढ़वाल
प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ उत्तराखंड