उत्तराखंड में स्मार्ट मीटरों के कारण उपभोक्ताओं की बढ़ी हुई बिजली रीडिंग एवं अन्य संबंधित परेशानियों के समाधान हेतु तत्काल आवश्यक कार्रवाई की मांग।

सेवा में,
माननीय प्रबंध निदेशक,
उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL),
देहरादून।

विषय: उत्तराखंड में स्मार्ट मीटरों के कारण उपभोक्ताओं की बढ़ी हुई बिजली रीडिंग एवं अन्य संबंधित परेशानियों के समाधान हेतु तत्काल आवश्यक कार्रवाई की मांग

महोदय,
मैं, नवीन पंत, जिला अध्यक्ष, राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी, की ओर से यह ज्ञापन प्रस्तुत कर रहा हूं। हमारी पार्टी उत्तराखंड के उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध रही है। वर्तमान में, उत्तराखंड में स्मार्ट मीटरों के स्थापना एवं संचालन से जुड़ी अनेक समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं, जो लाखों बिजली उपभोक्ताओं को आर्थिक एवं मानसिक रूप से प्रभावित कर रही हैं। इन समस्याओं ने उपभोक्ताओं में व्यापक असंतोष पैदा कर दिया है, तथा इससे राज्य की बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।_______मुख्य समस्याएं निम्नलिखित हैं:
बढ़ी हुई रीडिंग एवं अनुचित बिलिंग: स्मार्ट मीटर लगाने के बाद उपभोक्ताओं को सामान्य से कई गुना अधिक बिजली बिल प्राप्त हो रहे हैं। उदाहरणस्वरूप, हल्द्वानी क्षेत्र में एक उपभोक्ता को मात्र एक माह के लिए 46 लाख रुपये का बिल प्राप्त हुआ, जो स्पष्ट रूप से मीटर की तकनीकी खराबी या रीडिंग त्रुटि का परिणाम है।
इसी प्रकार, देहरादून एवं अन्य जिलों में भी बिलिंग की गुत्थी उलझ गई है, जहां आंकड़ों में भूलभुलैया के कारण उपभोक्ता भ्रमित हो रहे हैं।_______बिना पूर्व सूचना के मीटर परिवर्तन: ऊर्जा विभाग द्वारा उपभोक्ताओं को बिना किसी पूर्व सूचना या सहमति के पुराने मीटरों को हटाकर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, जिससे बिलिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी हो रही है। इससे उपभोक्ताओं को अचानक भारी बिलों का सामना करना पड़ रहा है।______अन्य परेशानियां:
मीटरों में तकनीकी दोषों के कारण रीडिंग में असंगति, जैसे छेड़छाड़ की आशंका या गलत डेटा ट्रांसमिशन।
शिकायत निवारण प्रक्रिया की धीमी गति, जहां उपभोक्ताओं को टोल-फ्री नंबर 1912 पर संपर्क करने के बावजूद त्वरित समाधान नहीं मिल रहा।_____विद्युत नियामक आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, मीटर एवं बिजली बिल से जुड़ी शिकायतें सबसे अधिक हैं, जो स्मार्ट मीटरों के कार्यान्वयन से बढ़ी हैं।_____हल्द्वानी सहित विभिन्न क्षेत्रों में स्मार्ट मीटरों के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, जहां उपभोक्ता पारदर्शिता एवं सटीक बिलिंग की मांग कर रहे हैं।_______ये समस्याएं न केवल उपभोक्ताओं के आर्थिक बोझ को बढ़ा रही हैं, बल्कि राज्य सरकार की ‘स्मार्ट’ ऊर्जा नीति की विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिह्न लगा रही हैं। हमारी पार्टी को विश्वास है कि UPCL इस मुद्दे को गंभीरता से लेगी, क्योंकि स्मार्ट मीटरों का उद्देश्य सुविधा प्रदान करना है, न कि परेशानी।*******हमारी मांगें निम्नानुसार हैं:
सभी प्रभावित उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटरों की तत्काल एवं स्वतंत्र जांच कराई जाए, तथा दोषपूर्ण मीटरों को तुरंत बदल दिया जाए।
बढ़ी हुई रीडिंग वाले बिलों का पुनर्मूल्यांकन किया जाए तथा अतिरिक्त राशि का समायोजन/वापसी सुनिश्चित की जाए।
मीटर स्थापना से पूर्व सभी उपभोक्ताओं को लिखित सूचना एवं सहमति अनिवार्य की जाए।
शिकायत निवारण हेतु एक विशेष टास्क फोर्स गठित की जाए, जो 15 दिनों के अंदर सभी शिकायतों का समाधान करे।
उपभोक्ताओं को जागरूक करने हेतु पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाए, तथा स्मार्ट मीटरों की सटीकता पर प्रमाणित रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
हम आशा करते हैं कि UPCL इस ज्ञापन पर शीघ्र संज्ञान लेगा एवं आवश्यक कार्रवाई करेगा। अन्यथा, हमारी पार्टी को मजबूरन आंदोलनरत होना पड़ेगा, जो राज्य के हित में नहीं होगा। कृपया इस पर तत्काल प्रतिक्रिया प्रदान करें।
धन्यवाद।

भवदीय,
नवीन पंत
जिला अध्यक्ष
राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी
कालीदास रोड, गढीकैंट रोड
देहरादून
संपर्क: [9997315070]*******प्रतिलिपि:
मुख्य सचिव, उत्तराखंड सरकार, देहरादून।
विद्युत नियामक आयोग, उत्तराखंड।
स्थानीय मीडिया हेतु।