अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ एवं अखिल भारतीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के साथ देश के कई नामचीन शिक्षक संगठन एक मंच पर

दिल्ली******* अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ एवं अखिल भारतीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के साथ देश के कई नामचीन शिक्षक संगठन एक मंच पर आ गए हैं। प्राथमिक शिक्षक संगठन के केंद्रीय कार्यालय शिक्षक भवन दिल्ली में आयोजित बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष बशीराव गुरिकर, राष्ट्रीय महासचिव कमलाकांत त्रिपाठी, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष उमाशंकर सिंह, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजय मिश्रा, राष्ट्रीय संगठन सचिव अर्जुन सिंह, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष विनय तिवारी और अखिल भारतीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेश तिवारी ने संयुक्त रूप से एक बड़े आंदोलन की दिशा में आगे बढ़ाने की रणनीति बनाई।********अखिल भारतीय शिक्षक संघर्ष मोर्चे का गठन********बैठक में सर्वसम्मति से अखिल भारतीय शिक्षक संघर्ष मोर्चे का गठन किया गया है, जो टीईटी से संबंधित शिक्षकों की लड़ाई को अनिवार्यता से लड़ेगा। इस मोर्चे में यूनाइटेड टीचर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश तथा अन्य कई संगठनों ने मोर्चे के साथ मिलकर निर्णायक लड़ाई लड़ने का आवाहन किया है।**********आंदोलन की रणनीति*********बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि अन्य शिक्षकों को भी एक मंच पर लाया जाएगा और आगे की रणनीति तय करते हुए केंद्र सरकार पर सेवा सुरक्षित करने के लिए चल रहे आंदोलन को सामूहिक रूप से और तेज गति प्रदान करने की सहमति बनी है। यदि केंद्र सरकार देश के शिक्षकों की सेवा सुरक्षित करने की दिशा में कदम नहीं बढ़ती है, तो संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान देश के शिक्षक दिल्ली के जंतर मंतर पर विशाल प्रदर्शन करेंगे।*********बैठक में उपस्थित पदाधिकारी***********बैठक में अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बशीराव गुरिकर, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष उमाशंकर सिंह, जूनियर स्कूल शिक्षक संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेश तिवारी, राष्ट्रीय महामंत्री सुभाष चौहान, कार्यकारी महासचिव विनोद ठाकरान, उत्तर प्रदेश के प्राथमिक शिक्षक संगठन के समस्त पदाधिकारी और समस्त जनपदों के अध्यक्ष मंत्री गण उपस्थित रहे।**********आंदोलन की आगे की दिशा________राष्ट्रीय महामंत्री सुभाष चौहान ने कहा कि इस आंदोलन को राज्यों तक ले जाकर क्रमबद्ध रूप से शिक्षकों की लड़ाई को लड़ा जाएगा। शिक्षकों का उत्पीड़न कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उन्हें न्याय दिलाकर रहेंगे।