आचार्य श्री 108 सौरभ सागर जी महामुनिराज के मंगल सानिध्य में आचार्य श्री शांति सागर जी महामुनिराज की पुण्यतिथि एव आचार्य श्री आदि सागर जी महामुनिराज की जयंती मनाई गयी

परम पूज्य संस्कार प्रणेता ज्ञानयोगी जीवन आशा हॉस्पिटल प्रेरणा स्तोत्र उत्तराखंड के राजकीय अतिथि आचार्य श्री 108 सौरभ सागर जी महामुनिराज के मंगल सानिध्य में आज मंगलवार दिनांक 26.08.25
को श्री दिगंबर जैन पंचायती मंदिर गाँधी रोड में आचार्य श्री शांति सागर जी महामुनिराज की पुण्यतिथि एव आचार्य श्री आदि सागर जी महामुनिराज की जयंती मनाई गयी।
इस अवसर पर पूज्य आचार्य श्री ने अपने मंगल प्रवचन में कहा कि
शास्त्रो में अंगधारी आचार्यो का उल्लेख मिलता है लेकिन उस समय मुनिराज का अभाव नहीं था तो मुनिराज की कोई चिंता नहीं थी। उस समय ज्ञान का अभाव होने लग गया तो ग्रंथ की चिंता होने लगी। ग्रंथ की चिंता हुई तो आचार्य धरसेन स्वामी ने पुष्पदंत और भूतबलि महाराज को पूरा का पूरा षटखण्डागम का ज्ञान दे दिया। और 683 वर्षों के बाद भले ही संस्कृति मिटी लेकिन आगम के कारण से मुनिराज की चर्या, जैनत्व का ज्ञान फिर से उभरके हमारे बीच में आ गया।_______मधु सचिन जैन
मीडिया कोऑर्डिनेटर
देहरादून जैन समाज