

वीतराग विज्ञान प्रतियोगिता -103 दिनांक २५ अगस्त 2025 दिन रविवार प्रातः 10 बजे श्री कुन्दकुन्द कहान दिगम्बर स्वाध्याय मंदिर में सम्पन्न हुई।________सर्वप्रथम णमोकार मंत्र व महावीर प्रार्थना के साथ पंच परमेष्ठी प्रभु का स्मरण हुआ। तत्पश्चात वीतराग विज्ञान पाठशाला के बच्चों ने पाठशाला की महत्ता दर्शाते हुए पंच परमेष्ठी का स्वरूप चौबीस तीर्थकरो का स्वरूप कविता के माध्यम से प्रस्तुत करते हुये पंचम गति सिद्धालय में जाने का संदेश दिया।____वीतराग विज्ञान पाठशाला की अध्यक्षा श्रीमति वीना जी ने जैन मिलन के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष माननीय नरेश चंद जैन व केंद्रीय महिला संयोजिका श्रीमती मधु सचिन जी से वीतराग विज्ञान प्रतियोगिता-104 का विमोचन कराया।
अध्यापिकाओं में वंदना जैन प्रीति अनुभा आदि ने सभी अतिथियों व पदाधिकारियों का स्वागत किया। इस सभा में उत्तराखण्ड जैन समाज के अध्यक्ष माननीय सुखमाल जी, मुनेन्द्र जी सचिन जैन ,नरेन्द्र जी डा० संजीव जी, श्री सुभाष जी, मंत्री महेश जी, दिनेश जी, आर के. जैन व एस.के. जैन आदि अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
अब से 1500 बर्ष पूर्व योगीन्दु देव द्वारा रचित योगसार ग्रन्थ का पिछले वर्ष से अध्ययन चल रहा है आज योगसार ग्रंथ के तीसरे चरण के अध्याय की प्रतियोगिता हुई दूसरे चरण की प्रतियोगिता का पारितोषिक वितरण हुआ व चतुर्थ एवं अंतिम चरण का साहित्य वितरण हुआ।।
अंत में सूक्ष्म जलपान द्वारा सभा का समापन हुआ।_____मधु जैन
मीडिया कोऑर्डिनेटर
देहरादून जैन समाज
