बैंकिंग में फ्री एआई के लागू होने पर चिंता जताई_______रूपम रॉय
महासचिव, आल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन (एआईबीओसी)
देहरादून______ आल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन (एआईबीओसी) ने आरबीआई द्वारा प्रस्तावित जिम्मेदार और नैतिक एआई सशक्तीकरण के लिए फ्री एआई के लागू होने पर चिंता जताई है। महासचिव रूपम राय ने कहा कि इससे कानूनी अनिश्चितता बढ़ सकती है और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे ग्राहकों के हितों को खतरा हो सकता है।
चिंता के कारण______फ्री एआई के लागू होने से निम्नलिखित समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं:
- कानूनी अनिश्चितता: फ्री एआई के लागू होने से कानूनी अनिश्चितता बढ़ सकती है, जिससे बैंकिंग क्षेत्र में अनिश्चितता की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
- सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों पर दबाव: फ्री एआई के लागू होने से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे उनकी कार्यक्षमता और सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
- ग्राहकों के हितों को खतरा: फ्री एआई के लागू होने से ग्राहकों के हितों को खतरा हो सकता है, जिससे उनकी वित्तीय सुरक्षा और गोपनीयता प्रभावित हो सकती है।
एआईबीओसी की मांगें_____एआईबीओसी ने निम्नलिखित मांगें की हैं:
- पांच दिवसीय कार्य सप्ताह: बैंकिंग उद्योग में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करना, जिससे कर्मचारियों को बेहतर कार्य-जीवन संतुलन मिल सके।
- पर्याप्त भर्ती: सभी कैडर में पर्याप्त भर्ती सुनिश्चित करना, जिससे बैंकिंग सेवाएं बेहतर हो सकें।
- वित्तीय सेवा विभाग के निर्देशों को वापस लेना: प्रदर्शन समीक्षा और पीएलआई पर वित्तीय सेवा विभाग के निर्देशों को वापस लेना, जिससे बैंकों की कार्यक्षमता और सेवाएं प्रभावित न हों।
- सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में कर्मचारी/अधिकारी निदेशकों के पदों को भरना: सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में खाली पदों को तुरंत भरना, जिससे बैंकों की कार्यक्षमता और सेवाएं बेहतर हो सकें।
एआईबीओसी बैंक कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा और बैंकिंग क्षेत्र के हितों को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहा है। हमें उम्मीद है कि सरकार और आरबीआई हमारी मांगों पर विचार करेंगे और बैंकिंग क्षेत्र के हित में निर्णय लेंगे।
