‘जिजीविषा’ महिला अभिव्यक्ति मंच की मासिक बैठक ‘सुर-ताल’ का भव्य आयोजन

कला, संस्कृति, संगीत और सामाजिक जागरूकता के साथ महिला सुरक्षा एवं शिक्षक सम्मान का संदेश


देहरादून।____________ ‘जिजीविषा’ महिला अभिव्यक्ति मंच की मासिक बैठक ‘सुर-ताल’ का आयोजन देहरादून में उत्साह, उमंग और गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम में कला, संस्कृति, संगीत, नृत्य, हास्य और सामाजिक जागरूकता का सुंदर संगम देखने को मिला। 🌿🌿🌿🌿🌿🌿आयोजन का उद्देश्य महिलाओं को अपनी प्रतिभा और विचारों को अभिव्यक्त करने के लिए मंच प्रदान करने के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों और आपसी सहयोग की भावना को मजबूत करना रहा।🌟🌟🌟🌟कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। 💥💥💥अतिथियों का अंगवस्त्र भेंट कर सम्मान पूर्वक स्वागत किया गया। 🌿🌿कार्यक्रम की अध्यक्षता अरुणा चावला द्वारा की गई 🌿🌿🌿🌿🌿🌿कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती आशा रानी पैन्यूली उपस्थित रहीं, जो वर्ष 2024 में शिक्षा विभाग में अपर निदेशक के पद से सेवानिवृत्त हुईं तथा वर्तमान में DNA Defence की निदेशक और उत्तराखंड बाल कल्याण परिषद की महासचिव के रूप में कार्यरत हैं।🌟🌟🌟🌟🌟🌟गेस्ट ऑफ ऑनर कु. इंद्राणी पाँधी रहीं, जो हिमाचल टाइम्स ग्रुप ऑफ न्यूज़ पेपर्स की ओनर एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, फिल्म अभिनेत्री, मॉडल एवं समाजसेवी हैं। इसके साथ ही वे भारतीय जनता मजदूर संघ की प्रदेश महिला अध्यक्ष, सत्य सनातन गौ सेवा संस्थान की राष्ट्रीय महिला युवा अध्यक्ष तथा उत्तरांचल पंजाबी महासभा की प्रदेश अध्यक्ष के रूप में भी सामाजिक एवं संगठनात्मक दायित्व निभा रही हैं।🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿स्पेशल गेस्ट एडवोकेट रेणु सेमवाल रहीं, जो देहरादून कोर्ट में वकालत की प्रैक्टिस कर रही हैं। वे एक न्यूज़ पोर्टल की चीफ एडिटर होने के साथ-साथ क्रिस्टल प्राणिक हीलर भी हैं। 🌟🌟🌟🌟🌟

🌿🌿🌿🌿गणेश स्तुति से हुई सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ विभा दुमका एवं प्रत्यूषा द्वारा प्रस्तुत गणेश स्तुति से हुआ। इसके बाद मंच पर एक के बाद एक शानदार प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। 🌿🌿🌿🌿प्रतिभागियों ने अपनी कला और प्रतिभा के माध्यम से उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।💥💥💥शोभा पराशर ने स्वरचित कृष्ण भजन प्रस्तुत कर आध्यात्मिक वातावरण बनाया। 🌿🌿🌿अनीता गुप्ता एवं स्नेहा ने राधा-कृष्ण नृत्य प्रस्तुत किया, जबकि गीता खन्ना के भजन को भी खूब सराहना मिली। मीना जोशी एवं गीता असवाल ने गढ़वाली नृत्य के माध्यम से उत्तराखंड की लोक संस्कृति की सुंदर झलक प्रस्तुत की।🌿🌿🌿इसी क्रम में अनीता सोनी ने गीत, बीना रस्तोगी ने भजन, सविता मेहता ने गीत तथा संध्या जोशी ने नृत्य प्रस्तुत किया। 🌿🌿🌿🌿🌿🌿यामा शर्मा ने माउथ ऑर्गन की मधुर धुनों से वातावरण को संगीतमय बनाया। 🌿🌿🌿🌿संगीता लखेड़ा ने हरियाणवी नृत्य तथा कल्पना सेनी ने महाराष्ट्रीयन नृत्य प्रस्तुत कर सांस्कृतिक विविधता का परिचय दिया।🌟🌟🌟🌿🌿🌿🌿डॉ. क्षमा कौशिक की प्रस्तुति भी कार्यक्रम के विशेष आकर्षणों में शामिल रही।
हास्य प्रस्तुतियों ने बिखेरी हंसी और उल्लास रुचि करोडीया एवं आभा अग्रवाल की हास्य प्रस्तुति ने भी कार्यक्रम में हंसी और उल्लास के पल जोड़ दिए।🌿🌿🌿🌿
🌿🌟🌿🌟🌿महिला सुरक्षा पर एडवोकेट रेणु सेमवाल ने किया जागरूक कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण एवं उद्देश्यपूर्ण सत्र ‘Women Safety’ विषय पर आयोजित किया गया। 🌿🌿🌿🌿एडवोकेट रेणु सेमवाल ने महिलाओं की सुरक्षा, जागरूकता, आवश्यक सावधानियों तथा विपरीत परिस्थितियों में सजग रहने से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी साझा की।______उन्होंने महिलाओं को अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने तथा आवश्यक जानकारी और सावधानियों को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया। 🌟🌟🌟उपस्थित महिलाओं ने इस संवाद को उपयोगी एवं महत्वपूर्ण बताया।🌟🌟🌟
🌿🌿🌿🌿🌟🌟🌟🌟शिक्षिकाओं का सम्मान कर जताया आभार‘सुर-ताल’ में शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाली शिक्षिकाओं के सम्मान के लिए विशेष शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। 🌿🌿🌿🌿🌿इस अवसर पर डॉ. क्षमा कौशिक, सुभाषिनी डिमरी, संध्या जोशी एवं कुलबीर कौर चन्नी को सम्मानित किया गया।🌿🌿🌿🌿🌿सम्मान समारोह के माध्यम से शिक्षा एवं समाज के निर्माण में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की गई।🌟🌟🌟🌟🌟प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर किया प्रोत्साहित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में प्रतिभाग करने वाले सदस्यों को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कार वितरण भी किया गया।💥💥💥💥 मंचासीन द्वारा प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए गए।🌿🌿🌿🌿🌿 इस सम्मान से प्रतिभागियों में उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ा।🌿🌿🌿🌿
टीमवर्क और एकता का संदेश बना कार्यक्रम की विशेषता‘सुर-ताल’ की खास विशेषताओं में टीमवर्क, आपसी सहयोग और सहभागिता का भाव प्रमुख रहा। 🌿🌿🌿🌿मंच से जुड़े सभी सदस्यों ने मिलकर आयोजन को सफल बनाने में अपनी भूमिका निभाई। 🌿🌿🌿🌿सामूहिक प्रयासों ने कार्यक्रम को यादगार बनाया।🌿🌿🌿कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि जब अलग-अलग प्रतिभाएं एक मंच पर एक-दूसरे का सहयोग करती हैं, तो एक सुंदर आयोजन के साथ-साथ प्रत्येक व्यक्ति को दूसरों से कुछ नया सीखने का अवसर भी मिलता है। इसी भावना के साथ ‘जिजीविषा’ मंच ने अनुशासन, एकता, सहयोग, सहभागिता और निरंतर सीखने का संदेश दिया।🌿🌿🌿🌿🌿कार्यक्रम का सुंदर एवं प्रभावी संचालन डॉ. क्षमा कौशिक ने किया। 🌿🌿🌿🌿अंत में रुचि करोड़ीया ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए मुख्य अतिथि, गेस्ट ऑफ ऑनर, स्पेशल गेस्ट, सम्मानित शिक्षिकाओं, सभी प्रतिभागियों एवं उपस्थित सदस्यों का आभार व्यक्त किया।🌿🌿🌿🌿इस अवसर पर सम्मानित श्रीमती रेणु भटनागर,पिहू, सीमा , गीता, एवं अन्य सम्मानितगण सहित मंच से जुड़े अनेक सदस्य एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿कार्यक्रम के समापन पर सभी ने सामूहिक रूप से रात्रिभोज का आनंद लिया।‘🌿💥🌿🌟💥🌿जिजीविषा’ महिला अभिव्यक्ति मंच की ‘सुर-ताल’ मासिक बैठक ने यह संदेश दिया कि जब महिलाओं को अपनी प्रतिभा और विचारों को अभिव्यक्त करने के लिए मंच मिलता है, तो कला एवं संस्कृति के साथ-साथ आत्मविश्वास, जागरूकता, सहयोग और सामाजिक सरोकारों की भावना भी मजबूत होती है।
