देहरादून __________31/8/26________पंजीकृत वसीयत से मिली संपत्ति पर जबरन कब्जे का आरोप, ताले-CCTV/DVR तोड़कर नकदी, आभूषण व सामान ले जाने की शिकायत

गुंजन उपाध्याय ने देहरादून पुलिस अधीक्षक से भारतीय न्याय संहिता, 2023 की सुसंगत धाराओं में तत्काल मुकदमा दर्ज करने और आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की
देहरादून________ 31 अगस्त 2026 देहरादून निवासी गुंजन उपाध्याय पुत्री स्वर्गीय गोविन्द उपाध्याय ने अपने भाई रंजन उपाध्याय, उनकी पत्नी किरन कौशल उपाध्याय, उनके साथ आए परिजनों तथा अन्य अज्ञात सहयोगियों के विरुद्ध गंभीर आरोप लगाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जनपद देहरादून से तत्काल अभियोग पंजीकृत कर प्रभावी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।गुंजन उपाध्याय की ओर से दी गई शिकायत के अनुसार, मामला केवल पारिवारिक अथवा दीवानी विवाद का नहीं है, बल्कि इसमें ताले तोड़कर जबरन प्रवेश, CCTV/DVR को क्षतिग्रस्त करना, नकदी व स्वर्ण आभूषण सहित सामान गायब करना तथा संपत्ति पर बलपूर्वक कब्जा करने जैसे गंभीर आपराधिक कृत्यों के आरोप लगाए गए हैं।
पंजीकृत वसीयत के माध्यम से संपत्ति गुंजन के पक्ष में किए जाने का दावाशिकायत में बताया गया है कि गुंजन उपाध्याय की माता स्वर्गीय श्रीमती धर्मशीला उपाध्याय पत्नी स्वर्गीय गोविन्द उपाध्याय, निवासी ई-140, ईस्ट एक्साइज कॉलोनी, आवास विकास, नेहरू कॉलोनी, देहरादून ने अपनी संपत्ति खाता संख्या 346, फसली वर्ष 1428 से 1433, खसरा संख्या 54 मिन, रकबा 107 वर्गमीटर, मौजा गजियावाला, देहरादून, जिस पर दो मंजिला भवन एवं दो दुकानें निर्मित हैं, को गुंजन उपाध्याय के पक्ष में दिनांक 07.10.2020 की पंजीकृत वसीयत, पंजीकरण संख्या 424/2020 के माध्यम से वसीयत किया था।___
___शिकायतकर्ता का कहना है कि उक्त पंजीकृत वसीयत में उसके भाई रंजन उपाध्याय को संपत्ति से स्पष्ट रूप से बेदखल किया गया था।माता के निधन के बाद गुंजन का शांतिपूर्ण कब्जा होने का दावा शिकायत के अनुसार, गुंजन उपाध्याय की माता का निधन 13 मई 2026 को हुआ। माता के निधन के पश्चात उक्त भवन, दोनों दुकानों एवं पूरी संपत्ति पर गुंजन उपाध्याय का वैध एवं शांतिपूर्ण कब्जा था।शिकायत में बताया गया है कि भवन का एक कमरा किरायेदार हिमांशु बोहरा को दिया गया था, जबकि भवन के शेष हिस्से में गुंजन का घरेलू सामान, नकदी एवं आभूषण सुरक्षित रखे हुए थे। शिकायतकर्ता के अनुसार संपत्ति के बिजली-पानी के संयोजन भी उसके नाम पर हैं।
25 अगस्त को भाई पर परिजनों व सहयोगियों के साथ पहुंचकर जबरन प्रवेश का आरोप_____________गुंजन उपाध्याय ने शिकायत में आरोप लगाया है कि 25 अगस्त 2026 को उसका भाई रंजन उपाध्याय, पुत्र स्वर्गीय गोविन्द उपाध्याय, निवासी डी-1, विवेकानन्द, फेज-2, जोगीवाला, देहरादून, अपनी पत्नी किरन कौशल उपाध्याय, अपने सास-ससुर तथा अन्य सहयोगियों के साथ उक्त भवन पर पहुंचा।शिकायत के मुताबिक, सभी लोग एकराय होकर और बिना किसी वैधानिक अधिकार अथवा गुंजन की अनुमति के भवन में दाखिल हुए तथा गुंजन और उसके किरायेदार के कमरों के ताले तोड़कर जबरन प्रवेश किया CCTV/DVR तोड़ने और लाखों के सामान के गायब होने का आरोप शिकायत में आगे आरोप लगाया गया है कि उक्त व्यक्तियों ने भवन में लगे CCTV कैमरों एवं DVR को तोड़ दिया तथा कमरों एवं अलमारी में रखी लगभग ₹2.50 लाख की नकदी, सोने के आभूषण तथा गुंजन एवं उसके किरायेदार का अन्य सामान निकाल लिया/गायब कर दिया।_______इसके बाद आरोपियों द्वारा पूरे भवन एवं दुकानों पर बलपूर्वक कब्जा कर लिया गया और गुंजन उपाध्याय को उसकी अपनी संपत्ति में प्रवेश करने से रोक दिया गया।घटना के लगभग एक घंटे के भीतर पुलिस को सूचना देने का दावा ______गुंजन उपाध्याय के अनुसार, घटना की सूचना उसने घटना घटित होने के लगभग एक घंटे के भीतर पुलिस को दे दी थी, लेकिन शिकायत दिए जाने तक आरोपियों के विरुद्ध अपेक्षित प्रभावी वैधानिक कार्रवाई नहीं की गई।______शिकायतकर्ता ने पुलिस से मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। मां ने जीवनकाल में ही बेटे को संपत्ति से बेदखल किया था—शिकायत में यह भी गंभीर आरोप लगाया गया है कि रंजन उपाध्याय को उसकी माता ने अपने जीवनकाल में ही उक्त संपत्ति से बेदखल कर दिया था।गुंजन के अनुसार, रंजन के कथित उत्पीड़न एवं मारपीट से परेशान होकर उसकी माता ने पूर्व में समाचार-पत्रों में सार्वजनिक सूचनाएं भी प्रकाशित कराई थीं तथा जिला प्रशासन एवं पुलिस को शिकायतें भी दी थीं।शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन पूर्व घटनाओं एवं परिस्थितियों से यह प्रतीत होता है कि वर्तमान में किया गया कथित कब्जा पूर्व नियोजित एवं आपराधिक उद्देश्य से किया गया है।संपत्ति का स्वरूप बदलने और साक्ष्य खुर्द-बुर्द किए जाने की आशंका गुंजन उपाध्याय ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि संबंधित लोग प्रभावशाली व्यक्ति हैं। उसे गंभीर आशंका है कि उसके द्वारा शिकायत किए जाने के बाद संपत्ति का स्वरूप बदला जा सकता है, वहां रखे सामान एवं महत्वपूर्ण साक्ष्यों को खुर्द-बुर्द किया जा सकता है तथा उसके अथवा उसके किरायेदार के साथ कोई अप्रिय घटना भी कारित की जा सकती है।“यह केवल पारिवारिक या दीवानी विवाद नहीं”—शिकायतकर्ता गुंजन उपाध्याय ने पुलिस के समक्ष स्पष्ट रूप से कहा है कि इस मामले को मात्र पारिवारिक अथवा दीवानी विवाद मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, क्योंकि शिकायत के अनुसार आरोपियों द्वारा एकराय होकर ताले तोड़ना, भवन में जबरन प्रवेश करना, CCTV/DVR क्षतिग्रस्त करना, नकदी, आभूषण एवं अन्य सामान चोरी करना तथा बलपूर्वक कब्जा करना जैसे स्पष्ट संज्ञेय अपराध किए गए हैं।_________
पुलिस से की गई प्रमुख मांगेंगुंजन उपाध्याय ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून से निम्नलिखित मांगें की हैं
1. रंजन उपाध्याय, किरन कौशल उपाध्याय, उनके साथ आए परिजनों तथा अन्य अज्ञात सहयोगियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की सुसंगत धाराओं में तत्काल अभियोग पंजीकृत किया जाए।
2. घटनास्थल का तत्काल निरीक्षण एवं वीडियोग्राफी कराकर टूटे हुए ताले, CCTV/DVR तथा अन्य सभी भौतिक एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित किया जाए।
3. आसपास लगे सभी CCTV कैमरों की फुटेज तत्काल प्राप्त कर सुरक्षित कराई जाए, ताकि घटना में शामिल व्यक्तियों एवं घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच हो सके।
4. चोरी हुई नकदी, स्वर्ण आभूषण एवं अन्य सामान की बरामदगी कराई जाए तथा घटना में शामिल सभी व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए।
5. गुंजन उपाध्याय एवं उसके किरायेदार की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा आरोपियों को संपत्ति का स्वरूप बदलने, उसे हस्तांतरित करने अथवा सामान एवं महत्वपूर्ण साक्ष्यों को खुर्द-बुर्द करने से रोका जाए।
6. गुंजन उपाध्याय द्वारा दी गई शिकायत पर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई से उसे लिखित रूप में अवगत कराया जाए।दस्तावेजों के आधार पर कार्रवाई की मांग शिकायत के साथ गुंजन उपाध्याय की ओर से निम्न दस्तावेज संलग्न किए गए हैं—स्वर्गीय श्रीमती धर्मशीला उपाध्याय द्वारा गुंजन उपाध्याय के पक्ष में निष्पादित पंजीकृत वसीयत दिनांक 07.10.2020 की छायाप्रति।गुंजन उपाध्याय के आधार कार्ड की छायाप्रति।समाचार-पत्रों में पूर्व में प्रकाशित सार्वजनिक सूचनाओं/प्रकाशनों की छायाप्रतियां।गुंजन उपाध्याय, मूल निवासी ग्राम गजियावाला, कैंट, देहरादून तथा वर्तमान निवासी शक्ति भवन, डोईवाला, देहरादून, ने पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष, गंभीर एवं त्वरित जांच कराते हुए संपत्ति, दस्तावेजों, CCTV फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों तथा कथित रूप से गायब नकदी एवं आभूषणों की बरामदगी सुनिश्चित करने की मांग की है।शिकायतकर्ता का कहना है कि पंजीकृत वसीयत, पूर्व प्रकाशित सार्वजनिक सूचनाओं, पूर्व शिकायतों तथा वर्तमान घटना से संबंधित सभी साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए मामले में तत्काल कानूनी कार्रवाई होना आवश्यक है, ताकि संपत्ति और साक्ष्यों के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ न हो तथा शिकायतकर्ता और उसके किरायेदार की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
