
28अगस्त 2026________चंद्र ग्रहण – प्रभाव, सूतक काल साल 2026 का आखिरी चंद्र ग्रहण 28 अगस्त 2026 को शुक्रवार के दिन लगेगा। यह एक गहरा आंशिक चंद्र ग्रहण होगा, जिसमें चंद्रमा का लगभग 96% हिस्सा पृथ्वी की छाया से ढक जाएगा। 28 अगस्त 2026 के चंद्र ग्रहण के समय चंद्रमा की राशि कुंभ (Aquarius) रहेगी। वैदिक/साइडेरियल गणना के अनुसार ग्रहण लगभग कुंभ राशि 10°37′, शतभिषा नक्षत्र में होगा। चूँकि यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा, इसलिए यहाँ सूतक काल मान्य रहेगा। नीचे ग्रहण का समय, दृश्यता, सूतक और धार्मिक उपायों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।चंद्र ग्रहण 2026 का समय (भारतीय समयानुसार) -उपच्छाया ग्रहण प्रारंभ : सुबह 6:54 बजे वास्तविक/आंशिक ग्रहण प्रारंभ : सुबह 8:04 बजे ग्रहण का मध्य/अधिकतम : सुबह 9:43 बजे आंशिक ग्रहण समाप्त : सुबह 11:22 बजे उपच्छाया ग्रहण समाप्त : दोपहर 12:32 बजे
भारत में कितनी देर दिखाई देगा?_______यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा क्योंकि इस दौरान यहाँ चंद्रमा क्षितिज के नीचे होगा।
सूतक काल कब लगेगा? ________चूंकि यह ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा, इसलिए धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यहाँ सूतक काल मान्य नहीं होगा।
कहां कहां दिखाई देगा चंद्र ग्रहण _______-यह चंद्र ग्रहण अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका और कुछ अन्य क्षेत्रों में दिखाई देगा. इसलिए जो भारतीय इन क्षेत्रों में रह रहे हैं, वे अपनी धार्मिक परंपराओं के अनुसार ग्रहण से जुड़े नियमों का पालन कर सकते हैं.
चंद्र ग्रहण कैसे लगता है?________ जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है।सूर्य की रोशनी चंद्रमा तक नहीं पहुंच पाती और उस पर पृथ्वी की छाया पड़ जाती है।इस समय चंद्रमा लालिमा लिए दिखाई देता है, जिसे ही ब्लड मून कहते हैं।
चंद्र ग्रहण के दौरान किए जाने वाले आध्यात्मिक उपायग्रहण काल को साधना और आत्मशुद्धि के लिए विशेष समय माना गया है। इस दौरान किए गए जप-तप का फल सामान्य समय से अधिक माना जाता है।
1. मंत्र जाप करें“ॐ सोमाय नमः”“ॐ चंद्राय नमः”महामृत्युंजय मंत्रइन मंत्रों का श्रद्धा से जप करने से मानसिक शांति और चंद्र दोष शमन में सहायता मानी जाती है।
2. दान करेंग्रहण समाप्ति के बाद दान करना अत्यंत पुण्यकारी माना गया है।विशेष रूप से दान करें:सफेद वस्त्र चावल चीनी दूध चांदी
3. स्नान एवं शुद्धिकरणग्रहण समाप्त होने के बाद गंगाजल मिले जल से स्नान करें।घर में गंगाजल का छिड़काव कर शुद्धिकरण करें।
4. तुलसी या कुश का प्रयोगग्रहण से पहले बने भोजन में तुलसी पत्ती या कुश डालने की परंपरा है।ऐसा करने से भोजन को अशुद्ध नहीं माना जाता।
5. गर्भवती महिलाओं के लिए सावधानीनुकीली या तेज वस्तुओं का प्रयोग न करेंघर से बाहर निकलने से बचेंपेट पर धारदार वस्तु न रखेंधार्मिक ग्रंथों का पाठ या मंत्र जाप करें
6. ध्यान और साधनाग्रहण का समय ध्यान, मौन साधना और आत्मचिंतन के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना गया है।इस दौरान मन की एकाग्रता अधिक होती है, इसलिए सकारात्मक संकल्प लेना लाभकारी माना जाता है।_________जाने चंद्रग्रहण के बारे मेंसाल 2026 का आखिरी चंद्र ग्रहण 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को पड़ रहा है। शास्त्रों के अनुसार चंद्र ग्रहण का समय अच्छा नहीं होता है। जिसके कारण इस समय विशेष सावधानियां रखने की आवश्यकता होती है। कहा जाता है की चंद्र ग्रहण के दौरान नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव बहुत अधिक हो जाता है। जिसके बचाव के लिए व्यक्ति को बहुत से उपाय भी करने होतें है।_______दो तरह के होते हैं चन्द्रग्रहण -सूर्यग्रहण एवं चन्द्रग्रहण भी मुख्यत: दो प्रकार के होते हैं- खग्रास और खण्डग्रास। जब ग्रहण पूर्णरूपेण दृश्यमान होता है तो उसे “खग्रास” एवं जब ग्रहण कुछ मात्रा में दृश्यमान होता है तब उसे “खण्डग्रास” कहा जाता है।
ग्रहण के समय क्या करना चाहिए ?ग्रहण के समय मंत्रों का जाप करने से किसी भी प्रकार के बुरे प्रभाव व्यक्ति को कष्ट नहीं पंहुचा पातें है। ठीक उसी प्रकार ग्रहण के प्रभावों को विफल करने के लिए ग्रहण के बाद दान करना भी बहुत उत्तम माना जाता है, इस बार का चंद्र ग्रहण पूर्णिमा के दिन होने वाला, जिसके कारण इस दिन गुरु यानि भगवान विष्णु के सत्य स्वरुप की आराधना करना भी बहुत फलदायक होगा। बहुत से लोग इस दिन सत्यनारायण भगवान की कथा का पाठ भी करतें है। साथ ही ब्राह्मण रुपी गुरु को भोज करवाया जाता है। कहा जाता है ब्राह्मण ईश्वर के सबसे निकट होता है जिसके कारण उन्हें कथा के पश्चात् भोज करवाने से बहुत ही उत्तम फल की प्राप्ति होती है।_________चंद्र ग्रहण के समय करें इन मंत्रों का जाप -चंद्र ग्रहण दिखे या न दिखे लेकिन इसके कारण तमाम राशियों पर प्रभाव पड़ता है। मान्यता है कि यदि चंद्र ग्रहण वाले दिन चंद्रमा के मंत्र “ॐ सों सोमाय नमः” अथवा भगवान शिव के मंत्र “ॐ नम: शिवाय” का जप रुद्राक्ष की माला से करना चाहिए। इससे अशुभ प्रभाव खत्म होते हैं।_____________कैसे लगता है चंद्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण?______असल में यह एक खगोलीय घटना होती है। चंद्र ग्रहण उस खगोलीय घटना को कहा जाता है जब चंद्रमा पृथ्वी के ठीक पीछे उसकी प्रच्छाया में आ जाता है। वहीं, सूर्य ग्रहण तब माना जाता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच से होकर गुजरता है।_________चंद्र ग्रहण कैसे देख सकते हैं?चंद्र ग्रहण को देखने के लिए किसी विशेष सावधानी की जरूरत नहीं होती है। चंद्र ग्रहण पूरी तरह से सुरक्षित होता है इसलिए आप इसे डायरेक्ट आंखों से देख सकते हैं। आप चाहें तो टेलिस्कोप की मदद से भी चंद्र ग्रहण देख सकते हैं।जाने चंद्रग्रहण में क्या करें और क्या न करें -___________ग्रहण के समय खाने पीने की मनाही होती है। कहा जाता है की इस दौरान खाना बनाना या खाना नहीं चाहिए। परन्तु यह नियम रोगी, बच्चों और बुजुर्गों पर लागु नहीं होता है।ग्रहण के दौरान सोया भी नहीं जाता है। इस समय किसी भी व्यक्ति को निंद्रा नहीं लेनी चाहिए।ग्रहण काल के समय पूजा – पाठ की मनाही होती है। इस कारण से इस समय पूजा की मूर्ति को छूना मना होता है।गर्भवती महिलाओं को ग्रहण काल में अधिक ध्यान रखना होता है। इस कारण उन्हें ग्रहण के समय अपने पास एक नारियल आवश्य ही रखें चाहिए। ऐसा करने से ग्रहण के प्रभावों का असर बालक पर होने का भय समाप्त होता है।ग्रहण काल में मन, शरीर एवं बुद्धि को सामान्य रखना चाहिए और किसी भी बुरे कार्य को करने का नहीं सोचना चाहिए।ग्रहण काल में सभी के प्रति अच्छा व्यवहार रखना चाहिए। किसी भी व्यक्ति को भूल के भी इस दौरान किसी का अपमान नहीं करना चाहिए और सदैव एक – दूसरे के साथ मिल झूल के रहना चाहिए।शास्त्रों के अनुसार यदि कोई भी व्यक्ति ग्रहण काल में किसी को अपमानित करता है तो शनिदेव के नकारात्मक प्रभावों का भार उसे जीवन भर उठाना पड़ता है।ग्रहण काल के समय सुनसान रास्तें पर नहीं जाना चाहिए।__________चंद्र ग्रहण समाप्त होने पर करें ये काम -चंद्र ग्रहण के दौरान निकलने वाली किरणों का इंसानों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। ऐसे में, ग्रहण खत्म होने के बाद स्नान अवश्य करना चाहिए। यदि संभव को तो नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगा जल भी मिला कर स्नान करें। ग्रहण की समाप्ति के बाद पूरे घर में गंगा जल का छिड़काव करें। साथ ही घर के पूजा स्थल के पास और उसके अंदर गंगा जल का छिड़काव अवश्य करें। इससे नकारात्मकता दूर होता है और घर शुद्ध हो जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार ग्रहण के बुरे प्रभावों से बचने के लिए गाय को रोटी खिलाएं।___________चंद्र ग्रहण का प्रभावजानें क्या होगा आपकी राशि पर प्रभावसाल 2026 का आखिरी चंद्र ग्रहण 28 अगस्त 2026 को शुक्रवार के दिन लगेगा।चंद्र ग्रहण से इन राशियों को होगा फायदा वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सभी ग्रह एक निश्चित अंतराल पर एक से दूसरी राशि में गोचर करते हैं। ग्रहों के गोचर का प्रभाव सभी राशियों के जातकों और पूरी पृथ्वी पर पड़ता है। ग्रहों के राशि परिवर्तन के अलावा समय-समय पर चंद्र और सूर्य ग्रहण जैसे खगोलीय घटनाएं भी होती हैं। चंद्र ग्रहण का प्रभाव वैसे तो सभी राशियों के जातकों पर पड़ेगा लेकिन कुछ राशियां ऐसी होंगी जिनका भाग्य चमक सकता है। ____________चंद्र ग्रहण पर कौन-कौन सी राशियों को मिल सकता है लाभ।_______मेष राशि (Aries) -28 अगस्त 2026 का चंद्र ग्रहण कुंभ राशि के शतभिषा नक्षत्र में होगा। मेष राशि से कुंभ 11वां भाव है, इसलिए ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार यह ग्रहण आय, धन लाभ, व्यापारिक संपर्क, मित्रों और भविष्य की योजनाओं से जुड़े मामलों को प्रभावित कर सकता है। पुराने आर्थिक मामलों या रुके हुए कामों में हलचल हो सकती है और नए अवसर भी सामने आ सकते हैं। हालांकि, ग्रहण के आसपास बड़े निवेश, उधार या जल्दबाजी में कोई महत्वपूर्ण आर्थिक निर्णय लेने से बचना बेहतर रहेगा।सरल उपाय : भगवान शिव को जल अर्पित करके “ॐ नमः शिवाय” का 108 बार जाप करें। शनिवार को जरूरतमंद व्यक्ति को काला तिल या काली उड़द दान कर सकते हैं और हनुमान चालीसा का पाठ भी शुभ माना जाता है। सबसे महत्वपूर्ण है कि इस समय क्रोध, विवाद और जल्दबाजी से बचें तथा अपने धन और व्यापार से जुड़े निर्णय सोच-समझकर लें। वृषभ राशि (Taurus) -28 अगस्त 2026 का चंद्र ग्रहण कुंभ राशि के शतभिषा नक्षत्र में होगा। वृषभ राशि से कुंभ 10वां भाव है, इसलिए ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार यह ग्रहण नौकरी, व्यापार, कार्यक्षेत्र, पद-प्रतिष्ठा और करियर से जुड़े मामलों को प्रभावित कर सकता है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां या बदलाव आ सकते हैं। व्यापार में नई योजनाएं बन सकती हैं, लेकिन बड़े निवेश और महत्वपूर्ण फैसले जल्दबाजी में लेने से बचना बेहतर रहेगा।सरल उपाय : भगवान शिव को जल अर्पित करके “ॐ नमः शिवाय” का 108 बार जाप करें। शनिवार को जरूरतमंद व्यक्ति को काला तिल या काली उड़द दान करना शुभ माना जाता है। कार्यक्षेत्र में वरिष्ठ लोगों से विवाद से बचें और किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय को शांत मन से लें। इस समय धैर्य और संयम बनाए रखना वृषभ राशि वालों के लिए विशेष रूप से लाभदायक रहेगा।____________मिथुन राशि (Gemini) -28 अगस्त 2026 का चंद्र ग्रहण कुंभ राशि के शतभिषा नक्षत्र में होगा। मिथुन राशि से कुंभ 9वां भाव है, इसलिए ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार यह ग्रहण भाग्य, धर्म, उच्च शिक्षा, यात्रा और महत्वपूर्ण निर्णयों से जुड़े मामलों को प्रभावित कर सकता है। इस दौरान कुछ नए अवसर मिल सकते हैं, लेकिन किसी भी बड़े निर्णय में जल्दबाजी करने से बचना बेहतर रहेगा। दूर की यात्रा या महत्वपूर्ण कार्यों की योजना बनाते समय सावधानी रखें।सरल उपाय : भगवान शिव को जल अर्पित करके “ॐ नमः शिवाय” का 108 बार जाप करें। जरूरतमंद व्यक्ति को काला तिल या काली उड़द दान करना शुभ माना जाता है। गुरुजनों और माता-पिता का सम्मान करें तथा महत्वपूर्ण कार्यों में धैर्य और सकारात्मक सोच बनाए रखें। इससे मन को शांति मिलेगी और परिस्थितियों को बेहतर ढंग से संभालने में सहायता मिलेगी।__________कर्क राशि (Cancer) -28 अगस्त 2026 का चंद्र ग्रहण कुंभ राशि के शतभिषा नक्षत्र में होगा। कर्क राशि से कुंभ 8वां भाव है, इसलिए ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार यह ग्रहण अचानक होने वाले बदलाव, स्वास्थ्य, धन, पारिवारिक मामलों और मानसिक तनाव से जुड़े विषयों को प्रभावित कर सकता है। इस समय अनावश्यक चिंता से बचें और धन से जुड़े मामलों में विशेष सावधानी रखें। किसी भी बड़े निवेश या महत्वपूर्ण निर्णय को सोच-समझकर लेना बेहतर रहेगा।सरल उपाय : भगवान शिव को जल अर्पित करके “ॐ नमः शिवाय” का 108 बार जाप करें। शनिवार को जरूरतमंद व्यक्ति को काला तिल या काली उड़द दान करना शुभ माना जाता है। परिवार के साथ मधुर व्यवहार रखें और अनावश्यक विवाद से बचें। इस समय संयम, सकारात्मक सोच और नियमित पूजा-पाठ आपके लिए लाभदायक माने जाते हैं।____________सिंह राशि (Leo) -28 अगस्त 2026 का चंद्र ग्रहण कुंभ राशि के शतभिषा नक्षत्र में होगा। सिंह राशि से कुंभ 7वां भाव है, इसलिए ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार यह ग्रहण विवाह, दांपत्य जीवन, साझेदारी, व्यापारिक संबंध और सामाजिक संबंधों से जुड़े मामलों को प्रभावित कर सकता है। इस दौरान जीवनसाथी या व्यापारिक साझेदार के साथ किसी बात को लेकर मतभेद हो सकते हैं, इसलिए बातचीत में संयम रखें। साझेदारी से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय जल्दबाजी में लेने से बचना बेहतर रहेगा।सरल उपाय : भगवान शिव को जल अर्पित करके “ॐ नमः शिवाय” का 108 बार जाप करें। शनिवार को जरूरतमंद व्यक्ति को काला तिल या काली उड़द दान करना शुभ माना जाता है। जीवनसाथी और साझेदार के साथ मधुर व्यवहार रखें तथा क्रोध और अहंकार से बचें। शांत मन और सकारात्मक सोच बनाए रखना सिंह राशि वालों के लिए विशेष रूप से लाभदायक रहेगा।___________कन्या राशि (Virgo) -28 अगस्त 2026 का चंद्र ग्रहण कुंभ राशि के शतभिषा नक्षत्र में होगा। कन्या राशि से कुंभ 6वां भाव है, इसलिए ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार यह ग्रहण नौकरी, स्वास्थ्य, ऋण, शत्रु और दैनिक कार्यों से जुड़े मामलों को प्रभावित कर सकता है। कार्यक्षेत्र में कुछ नई जिम्मेदारियां आ सकती हैं और पुराने कामों को पूरा करने का अवसर मिलेगा। स्वास्थ्य और धन से जुड़े मामलों में लापरवाही न करें तथा अनावश्यक तनाव और विवाद से बचें।सरल उपाय : भगवान शिव को जल अर्पित करके “ॐ नमः शिवाय” का 108 बार जाप करें। शनिवार को जरूरतमंद व्यक्ति को काला तिल या काली उड़द दान करना शुभ माना जाता है। नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करें और अपने कार्यों में अनुशासन बनाए रखें। विवादों से दूर रहकर धैर्य और संयम बनाए रखना कन्या राशि वालों के लिए लाभदायक रहेगा।___________तुला राशि (Libra) -28 अगस्त 2026 का चंद्र ग्रहण कुंभ राशि के शतभिषा नक्षत्र में होगा। तुला राशि से कुंभ 5वां भाव है, इसलिए ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार यह ग्रहण शिक्षा, संतान, प्रेम संबंध, रचनात्मक कार्य और निवेश से जुड़े मामलों को प्रभावित कर सकता है। इस दौरान पढ़ाई और रचनात्मक कार्यों में नए अवसर मिल सकते हैं, लेकिन प्रेम संबंधों और आर्थिक निवेश में जल्दबाजी से बचना बेहतर रहेगा। संतान से जुड़े मामलों में भी धैर्य और समझदारी से काम लें।सरल उपाय : भगवान शिव को जल अर्पित करके “ॐ नमः शिवाय” का 108 बार जाप करें। जरूरतमंद व्यक्ति को काला तिल या काली उड़द दान करना शुभ माना जाता है। विद्यार्थियों को नियमित रूप से पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए और निवेश संबंधी निर्णय सोच-समझकर लेने चाहिए। मन को शांत रखकर सकारात्मक सोच बनाए रखना तुला राशि वालों के लिए लाभदायक रहेगा।___________वृश्चिक राशि (Scorpio) -28 अगस्त 2026 का चंद्र ग्रहण कुंभ राशि के शतभिषा नक्षत्र में होगा। वृश्चिक राशि से कुंभ 4वां भाव है, इसलिए ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार यह ग्रहण घर-परिवार, माता, संपत्ति, वाहन और मानसिक शांति से जुड़े मामलों को प्रभावित कर सकता है। इस दौरान घर-परिवार में कुछ तनाव या बदलाव की स्थिति बन सकती है। संपत्ति या वाहन से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लेते समय सावधानी रखें और परिवार के सदस्यों के साथ अनावश्यक विवाद से बचें।सरल उपाय : भगवान शिव को जल अर्पित करके “ॐ नमः शिवाय” का 108 बार जाप करें। शनिवार को जरूरतमंद व्यक्ति को काला तिल या काली उड़द दान करना शुभ माना जाता है। माता का सम्मान करें और घर में शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखें। क्रोध और चिंता से बचकर धैर्य एवं सकारात्मक सोच बनाए रखना वृश्चिक राशि वालों के लिए लाभदायक रहेगा।______________धनु राशि (Sagittarius) -28 अगस्त 2026 का चंद्र ग्रहण कुंभ राशि के शतभिषा नक्षत्र में होगा। धनु राशि से कुंभ 3वां भाव है, इसलिए ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार यह ग्रहण साहस, पराक्रम, छोटे भाई-बहन, यात्रा, संचार और कार्यक्षेत्र में प्रयासों से जुड़े मामलों को प्रभावित कर सकता है। इस दौरान नए कार्य शुरू करने और अपनी योजनाओं को आगे बढ़ाने के अवसर मिल सकते हैं, लेकिन भाई-बहनों या करीबी लोगों के साथ किसी भी तरह के विवाद से बचना बेहतर रहेगा। यात्रा और महत्वपूर्ण कागजी कार्यों में भी सावधानी रखें।सरल उपाय : भगवान शिव को जल अर्पित करके “ॐ नमः शिवाय” का 108 बार जाप करें। शनिवार को जरूरतमंद व्यक्ति को काला तिल या काली उड़द दान करना शुभ माना जाता है। छोटे भाई-बहनों के साथ मधुर व्यवहार रखें और महत्वपूर्ण कार्यों में जल्दबाजी न करें। साहस के साथ धैर्य और सकारात्मक सोच बनाए रखना धनु राशि वालों के लिए लाभदायक रहेगा।___________मकर राशि (Capricorn) -28 अगस्त 2026 का चंद्र ग्रहण कुंभ राशि के शतभिषा नक्षत्र में होगा। मकर राशि से कुंभ 2वां भाव है, इसलिए ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार यह ग्रहण धन, परिवार, वाणी, बचत और आर्थिक मामलों से जुड़े विषयों को प्रभावित कर सकता है। इस दौरान धन से जुड़े मामलों में सावधानी रखें और अनावश्यक खर्च से बचें। परिवार में किसी बात को लेकर मतभेद हो सकते हैं, इसलिए अपनी वाणी पर संयम रखना और सोच-समझकर बोलना बेहतर रहेगा।सरल उपाय : भगवान शिव को जल अर्पित करके “ॐ नमः शिवाय” का 108 बार जाप करें। शनिवार को जरूरतमंद व्यक्ति को काला तिल या काली उड़द दान करना शुभ माना जाता है। धन का लेन-देन सावधानी से करें और परिवार के सदस्यों के साथ मधुर व्यवहार रखें। संयमित वाणी, बचत पर ध्यान और सकारात्मक सोच बनाए रखना मकर राशि वालों के लिए लाभदायक रहेगा।__________कुंभ राशि (Aquarius) -28 अगस्त 2026 का चंद्र ग्रहण कुंभ राशि के शतभिषा नक्षत्र में होगा। कुंभ राशि से कुंभ 1वां भाव है, इसलिए ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार यह ग्रहण स्वास्थ्य, व्यक्तित्व, मानसिक स्थिति, आत्मविश्वास और व्यक्तिगत निर्णयों से जुड़े मामलों को प्रभावित कर सकता है। इस दौरान मन में कुछ असमंजस या बेचैनी हो सकती है, इसलिए बड़े निर्णय जल्दबाजी में न लें। अपने स्वास्थ्य और आराम का ध्यान रखें तथा अनावश्यक तनाव से बचें।सरल उपाय : भगवान शिव को जल अर्पित करके “ॐ नमः शिवाय” का 108 बार जाप करें। शनिवार को जरूरतमंद व्यक्ति को काला तिल या काली उड़द दान करना शुभ माना जाता है। हनुमान चालीसा का पाठ करें और नकारात्मक विचारों से दूर रहें। संयम, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच बनाए रखना कुंभ राशि वालों के लिए लाभदायक रहेगा।
मीन राशि (Pisces) -28 अगस्त 2026 का चंद्र ग्रहण कुंभ राशि के शतभिषा नक्षत्र में होगा। मीन राशि से कुंभ 12वां भाव है, इसलिए ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार यह ग्रहण खर्च, विदेश यात्रा, एकांत, नींद और मानसिक शांति से जुड़े मामलों को प्रभावित कर सकता है। इस दौरान अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखें और आर्थिक मामलों में सावधानी बरतें। विदेश या लंबी यात्रा की योजना बना रहे हैं तो कागजी कार्यों और जरूरी दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच करें तथा मानसिक तनाव से बचने के लिए पर्याप्त आराम करें।सरल उपाय : भगवान शिव को जल अर्पित करके “ॐ नमः शिवाय” का 108 बार जाप करें। शनिवार को जरूरतमंद व्यक्ति को काला तिल या काली उड़द दान करना शुभ माना जाता है। जरूरतमंदों की सहायता करें और अनावश्यक खर्च व विवाद से दूर रहें। धैर्य, सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक गतिविधियों पर ध्यान देना मीन राशि वालों के लिए लाभदायक रहेगा।________चंद्र ग्रहण के दौरान करें ये उपाय साल 2026 का आखिरी चंद्र ग्रहण 28 अगस्त 2026 को शुक्रवार के दिन लगेगा। चन्द्र ग्रहण 28 अगस्त को सुबह 6:54 बजे शुरू होकर दोपहर 12:32 बजे तक रहने वाला है। इस दिन कौन से उपाय आपको लाभ दिला सकते हैं, आइए इनके बारे में जानते हैं।
चंद्र ग्रहण के उपाय -चंद्र ग्रहण में किए जाने योग्य कुछ महत्वपूर्ण उपाय जो आर्थिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभ देने वाले होंगे :चंद्र ग्रहण में करने योग्य उपायआध्यात्मिक उपाय -मंत्र जप -“ॐ नमः शिवाय” या “ॐ चन्द्राय नमः” का जप करें।ग्रहण काल में एक-एक मंत्र का जाप सामान्य समय से कई गुना फल देता है।ध्यान और साधना -ध्यान लगाने से मन शांत होगा और मानसिक तनाव दूर होगा।कुंभ राशि का ग्रहण होने से आध्यात्मिक जागृति का योग प्रबल रहेगा।आर्थिक लाभ के उपाय-कुबेर मंत्र का जप -“ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं क्लीं वित्तेश्वराय नमः” का जप ग्रहण के दौरान करें।इससे धन वृद्धि और आर्थिक लाभ के मार्ग खुलते हैं।चांदी का सिक्का/धन पर जल छिड़कना -ग्रहण के दौरान गंगाजल में तुलसी डालकर रखें।
ग्रहण खत्म होने पर उस जल से अपने धन स्थान/तिजोरी पर छिड़कें।लक्ष्मी पूजन बाद ग्रहण -स्नान करके लक्ष्मी माता को कमल का फूल और धूप-दीप अर्पित करें।”ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः” मंत्र से 108 बार जप करें।गृहस्थ जीवन और शांति के उपाय-ग्रहण उपरांत स्नान और शुद्धि -ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान करें और घर में गंगाजल छिड़कें। इससे नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है।दान पुण्य -ग्रहण उपरांत गरीबों और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, तिल, चावल, गुड़, दूध आदि का दान करें।यह पापों का नाश और पुण्य लाभ दिलाता है।पितृ तर्पण -क्योंकि यह ग्रहण भाद्रपद पूर्णिमा पर है और इसके अगले दिन पितृपक्ष शुरू होंगे,इसलिए पितरों का स्मरण और तर्पण विशेष शुभ होगा।विशेष ध्यान रखें -ग्रहण काल में किए गए साधारण से उपाय भी कई गुना फल देते हैं। इसलिए जप, दान और स्नान-शुद्धि को अवश्य अपनाएँ।
