ए.आई.आई.ई.ए. के 76वें स्थापना दिवस पर देहरादून मंडल ने रचा सेवा का नया कीर्तिमान158 यूनिट रक्तदान कर मानवता को समर्पित किया प्लेटिनम जुबली वर्ष

देहरादून________भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के कर्मचारी संगठन ए.आई.आई.ई.ए. (ऑल इंडिया इंश्योरेंस एम्प्लॉइज एसोसिएशन) ने अपने प्लेटिनम जुबली वर्ष एवं 76वें स्थापना दिवस के अवसर पर देहरादून मंडल की विभिन्न शाखाओं में विशाल रक्तदान शिविर आयोजित कर 158 यूनिट रक्तदान का उल्लेखनीय कीर्तिमान स्थापित किया।रक्तदान अभियान में हरिद्वार, ऋषिकेश, नई टिहरी, कोटद्वार, विकासनगर, देहरादून शाखा-1, शाखा-2, सीएबी, पी. एंड जी.एस. तथा देहरादून शाखा-3 के कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर मानव सेवा का प्रेरणादायी संदेश दिया। केंद्रीय कार्यक्रम देहरादून शाखा-1 में आयोजित हुआ।इस अवसर पर देहरादून मंडल के महासचिव कॉमरेड नंदलाल शर्मा ने कहा कि वर्ष 1951 में स्थापित ए.आई.आई.ई.ए. ने बीमा कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के साथ-साथ बीमा उद्योग के राष्ट्रीयकरण के लिए ऐतिहासिक संघर्ष किया, जिसके परिणामस्वरूप 1956 में जीवन बीमा उद्योग का राष्ट्रीयकरण हुआ। उन्होंने कहा कि संगठन अपने स्थापना काल से ही कर्मचारियों के हितों के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों और जनसेवा के कार्यों में भी अग्रणी भूमिका निभाता रहा है।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ मंडल प्रबंधक श्री एस.पी. पंत ने ए.आई.आई.ई.ए. को प्लेटिनम जुबली वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए रक्तदान जैसे सामाजिक सरोकार से जुड़े अभियान की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि संगठन केवल कर्मचारियों के हितों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का भी उत्कृष्ट निर्वहन कर रहा है।विशिष्ट अतिथि राज्य बाल कल्याण परिषद उत्तराखंड एवं रेड क्रॉस सोसाइटी के कोषाध्यक्ष मोहन सिंह खत्री ने कहा कि समाज में स्वैच्छिक रक्तदान की संस्कृति को मजबूत करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि वे अब तक 145 रक्तदान शिविरों का सफल आयोजन कर चुके हैं और प्रत्येक नागरिक से इस पुनीत अभियान में सहभागी बनने का आह्वान किया।कार्यक्रम में मदन सिंह पंवार, आशीष राठौर, अरुण कैंथोला, अमित चक्रवर्ती, सुबोध पुरोहित, आर.एस. तोमर, कैलाश खुकसाल, श्रीमती गीता जोशी, प्रेरणा जोशी, रजनी पोखरियाल, नीता बिष्ट, शांति रावत सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।ए.आई.आई.ई.ए. के 76वें स्थापना दिवस पर आयोजित यह रक्तदान अभियान संगठन की सामाजिक प्रतिबद्धता, मानवीय संवेदनाओं और जनसेवा के प्रति समर्पण का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा।
