Breaking High voltage News रेणु सेमवाल _________
देहरादून/ऋषिकेश _________ओवरटेक की एक गलती, और सब कुछ खत्म

सड़क पर तेज रफ्तार और गलत तरीके से ओवरटेक करना आज गंभीर चिंता का विषय बन चुका है। कुछ सेकंड बचाने की जल्दबाजी कई बार पूरी जिंदगी छीन लेती है। हर वर्ष हजारों परिवार सड़क दुर्घटनाओं के कारण अपनों को खो देते हैं, और इनमें बड़ी संख्या ऐसे हादसों की होती है जिन्हें थोड़ी सावधानी और नियमों के पालन से रोका जा सकता था।
कोई भी व्यक्ति जानबूझकर किसी की जान नहीं लेना चाहता, लेकिन जब नियमों की अनदेखी की जाती है, कम उम्र के बच्चों को वाहन थमा दिया जाता है, या सड़क को खेल का मैदान समझ लिया जाता है, तब दुर्घटनाएं होती हैं। हादसे के बाद केवल एक व्यक्ति नहीं मरता, बल्कि एक पूरा परिवार टूट जाता है। किसी का बेटा, किसी की बेटी, किसी का पिता या किसी की मां हमेशा के लिए बिछड़ जाते हैं।
आज सबसे चिंताजनक बात यह है कि कई परिवार स्वयं अपने नाबालिग बच्चों को बाइक और कार चलाने के लिए दे देते हैं। जिन बच्चों को अभी यातायात नियमों की पूरी समझ नहीं होती, उन्हें सड़क पर उतार देना केवल कानून का उल्लंघन नहीं बल्कि समाज और मानव जीवन के साथ खिलवाड़ है।
यदि कोई अभिभावक जानबूझकर कम उम्र के बच्चे को वाहन चलाने देता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। ऐसे मामलों में केवल चालान काटना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जिम्मेदार अभिभावकों पर कड़ी सजा होनी चाहिए और वाहन जब्त करने जैसे कठोर कदम भी उठाए जाने चाहिए ताकि दूसरों के लिए भी यह एक सबक बने।
18 वर्ष की आयु के बाद वाहन चलाने का अधिकार मिलता है, लेकिन इसके साथ जिम्मेदारी भी आती है। वाहन चलाना कोई शौक या दिखावा नहीं, बल्कि एक गंभीर उत्तरदायित्व है। माता-पिता अपने बच्चों को बड़े सपनों के साथ पालते हैं। वे चाहते हैं कि उनका बच्चा सुरक्षित घर लौटे। ऐसे में कुछ क्षणों की लापरवाही पूरे परिवार की खुशियां छीन सकती है।
कठोर कानून बनने के बावजूद कुछ लोग अपनी जान और दूसरों की जिंदगी की कीमत नहीं समझते। तेज रफ्तार, खतरनाक ओवरटेक, हेलमेट और सीट बेल्ट की अनदेखी तथा नाबालिगों को वाहन सौंपना ऐसी गलतियां हैं जिनकी कीमत कई बार मौत के रूप में चुकानी पड़ती है।
हर युवा को यह समझना होगा कि सड़क पर उसकी जिम्मेदारी केवल अपने परिवार तक सीमित नहीं है। उसकी एक गलती किसी दूसरे परिवार का चिराग भी बुझा सकती है। इसलिए वाहन चलाते समय संयम रखें, नियमों का पालन करें और यह याद रखें कि घर पर कोई आपका इंतजार कर रहा है।
संदेश युवाओं और अभिभावकों के लिए:”नाबालिग को वाहन देना प्यार नहीं, उसकी और दूसरों की जिंदगी को खतरे में डालना है।”
“ओवरटेक से पहले सोचिए, क्योंकि एक गलती कई परिवारों को उजाड़ सकती है।””गाड़ी चलाने का अधिकार उम्र के साथ मिलता है, जिम्मेदारी के बिना नहीं।””कुछ मिनट की जल्दी के लिए पूरी जिंदगी दांव पर मत लगाइए।”सुरक्षित चलें, नियमों का पालन करें और जीवन को प्राथमिकता दें — क्योंकि दुर्घटना के बाद पछताने का मौका हमेशा नहीं मिलता।
शराब पीकर वाहन चलाना _______गंभीर विषय_____शराब पीकर वाहन चलाने वालों को रोज लगभग पूरे उत्तराखंड में हजारों चालान होते है परंतु लोगों को जुर्माना देना मंजूर है पर सुधार बिल्कुल नहीं करना है कुछ लोगों ने बस सोचा हुआ है पीना है तो पीना है बस अब ऐसे मै आप उनको क्या कहोगे जो शादी के नाम पर एक दिन पहले कॉकटेल पार्टी रखते है तो सबसे पहले तो सरकार और पुलिस प्रशासन को इस विषय पर गंभीर होना होगा कि जो शादी पे कॉकटेल रखे सबसे पहले उनके लाखों में चालान काटे जाये ______शादी समारोह में लोग आए शराब पिए फिर जाते समय अपने परिवार या किसी ओर के परिवार का जीवन समाप्त कर दे तो कॉकटेल रखने वाले पर भरी जुर्माना होना चाहिए
जीवन ओर मृत्यु ईश्वर के लिखे अनुसार है जिसका काल जैसा आया है उसको वैसे ले जाएगा परंतु आपकी समझदारी और ओर सड़कों पर चलने के नियमों का पालन करना और वाहन कंट्रोल गति में रखना समय पर पहुंचने के लिए घर से 1 से आधा घंटा पूर्व निकलना ये आपकी सुरक्षा मै शामिल है क्योंकि एक घर में 4 लोग है तो 4 वाहन होना संभव है जिस कारण ट्रैफिक का भी सामना होता है नियमों का पालन करे सुरक्षित रहे ____हर हर महादेव सबका कल्याण हो🙏🏼
