दून मेडिकल कॉलेज में नारी शक्ति वंदन का भव्य आयोजन, महिला सशक्तिकरण को मिला नया आयाम

दून मेडिकल कॉलेज में नारी शक्ति वंदन का भव्य आयोजन, महिला सशक्तिकरण को मिला नया आयाम

देहरादून। _________राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में आयोजित नारी शक्ति वंदन टाउन हॉल सम्मेलन में महिला सशक्तिकरण, सम्मान और अधिकारों को लेकर एक सशक्त संदेश दिया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मातृशक्ति की उपस्थिति ने यह साबित कर दिया कि आज की नारी हर क्षेत्र में अपनी मजबूत भागीदारी दर्ज करा रही है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर नारी शक्ति वंदन अधिनियम को देश की महिलाओं के लिए एक ऐतिहासिक और युगांतकारी पहल बताते हुए कहा कि यह कानून केवल आरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को नीति-निर्माण की मुख्यधारा में शामिल करने का एक क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के माध्यम से लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है, जो लोकतंत्र को और अधिक समावेशी बनाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति ही राष्ट्र की वास्तविक शक्ति है। उन्होंने शास्त्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि “शक्ति के बिना शिव भी अधूरे हैं”, यह दर्शाता है कि नारी के बिना सृजन और प्रगति की कल्पना भी संभव नहीं है।
उन्होंने प्रधानमंत्री के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि वर्ष 2014 के बाद देश में महिलाओं के उत्थान के लिए अनेक ऐतिहासिक योजनाएं शुरू की गईं। इनमें “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ”, “सुकन्या समृद्धि योजना”, “प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना”, “प्रधानमंत्री जन-धन योजना”, “मातृत्व वंदना योजना”, “स्वच्छ भारत मिशन” और “लखपति दीदी योजना” जैसी योजनाएं महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की महिला केवल घर तक सीमित नहीं है, बल्कि वह खेत में मेहनत करने वाली किसान भी है, स्टार्टअप खड़ा करने वाली उद्यमी भी, पंचायत में निर्णय लेने वाली जनप्रतिनिधि भी और संसद में नीति निर्धारण करने वाली सशक्त नेता भी है।
प्रदेश सरकार की पहलें: आत्मनिर्भर बन रही मातृशक्ति
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा रहा है।
“सशक्त बहना उत्सव योजना” और “मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना” महिलाओं को स्वरोजगार के नए अवसर दे रही हैं।
“मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना” के तहत महिला समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों को ब्रांड के रूप में विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि “वोकल फॉर लोकल” और “लोकल टू ग्लोबल” अभियान के अंतर्गत “हाउस ऑफ हिमालयाज” ब्रांड की शुरुआत की गई है, जिससे स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान मिल रही है।
प्रदेश में 2.65 लाख से अधिक “लखपति दीदियां” अपनी वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक कर चुकी हैं, जो महिला आत्मनिर्भरता का मजबूत उदाहरण है।
इसके अलावा:
सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30% आरक्षण
महिलाओं की सुरक्षा के लिए समान नागरिक संहिता लागू
जैसे महत्वपूर्ण कदम भी उठाए गए हैं।
महिलाओं को मिलेगा निर्णय लेने का अधिकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विशेष सत्र प्रस्तावित है और लंबे समय से लंबित महिला आरक्षण का सपना अब साकार होने जा रहा है।
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को बढ़ाएगा और उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका देगा।
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि यह कानून महिलाओं को केवल प्रतिनिधित्व ही नहीं, बल्कि नेतृत्व के केंद्र में स्थापित करने वाला ऐतिहासिक कदम है।
सम्मानित हुईं उत्कृष्ट महिलाएं
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, विधायक सविता कपूर, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना, पद्मश्री माधुरी बर्थवाल, दीप्ति रावत, रूचि भट्ट सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।
यह सम्मेलन न केवल महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की बात करता है, बल्कि यह स्पष्ट संदेश देता है कि नारी सशक्तिकरण ही विकसित भारत की नींव है। आने वाले समय में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी देश को नई ऊंचाइयों तक

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