DAV कॉलेज कार्यक्रम में बवाल: मंच से विवादित प्रस्तुति, छात्र घायल, जांच शुरू

DAV कॉलेज कार्यक्रम में बवाल: मंच से विवादित प्रस्तुति, छात्र घायल, जांच शुरू
📍 देहरादून विशेष रिपोर्ट

देहरादून के DAV PG कॉलेज में आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम उस समय विवादों में घिर गया, जब मंच से हुई एक प्रस्तुति ने पूरे माहौल को गर्मा दिया। जिस मंच को शिक्षा और संस्कारों का प्रतीक माना जाता है, वहीं कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा और “गन कल्चर” से जुड़े गीतों ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

🎤 गायक की प्रस्तुति पर उठे सवाल
कार्यक्रम में पहुंचे गायक Masoom Sharma की प्रस्तुति को लेकर विवाद खड़ा हो गया। आरोप है कि मंच से अशोभनीय शब्दों और विवादित गानों का प्रयोग किया गया, जिससे वहां मौजूद छात्रों और समाज में गलत संदेश गया।

❗ सबसे बड़ा सवाल: जिम्मेदार लोग चुप क्यों?
सूत्रों के मुताबिक कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि और वीवीआईपी मौजूद थे, लेकिन जब मंच की मर्यादा पर सवाल उठ रहे थे, तब किसी ने हस्तक्षेप नहीं किया। यह चुप्पी अब लोगों के बीच सबसे बड़ा मुद्दा बन गई है।

🚨 पुलिस एक्शन में, जांच शुरू
देहरादून पुलिस ने वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
एसएसपी के निर्देश पर:
वायरल वीडियो को साक्ष्य के रूप में खंगाला जा रहा है
कार्यक्रम की अनुमति और शर्तों की जांच की जा रही है
आयोजकों से पूछताछ की संभावना
FIR पर अंतिम फैसला जांच रिपोर्ट के बाद होगा

कार्यक्रम में हंगामा, छात्र घायल
कार्यक्रम के दौरान दो छात्र गुटों के बीच झड़प भी हुई।
एक छात्र गौरव के हाथ में चोट आई, जिसे तुरंत दून मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।
शुरुआती खबरों में चाकू हमले की बात सामने आई थी, लेकिन पुलिस ने स्पष्ट किया कि चोट भीड़ के दबाव में रेलिंग से टकराने के कारण लगी।

🎙️ गायक ने बीच में छोड़ा कार्यक्रम
स्थिति बिगड़ती देख गायक Masoom Sharma कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर चले गए।
कुछ रिपोर्ट्स में उनके द्वारा माफी मांगने की बात भी सामने आई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।

🔥 जनता में नाराजगी
इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय लोगों, छात्र संगठनों और अभिभावकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
लोग सवाल उठा रहे हैं:
क्या यही उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान है?
शिक्षा संस्थानों में ऐसे कार्यक्रमों की अनुमति क्यों?
युवाओं को आखिर क्या संदेश दिया जा रहा है?

👀 अब सरकार पर नजर
अब सभी की निगाहें सरकार और प्रशासन पर टिकी हैं:
👉 क्या इस मामले में सख्त कार्रवाई होगी?
👉 क्या भविष्य में ऐसे आयोजनों के लिए नए नियम बनाए जाएंगे?_____
यह मामला सिर्फ एक कार्यक्रम का नहीं, बल्कि “संस्कार बनाम मनोरंजन” की उस बहस का हिस्सा बन गया है, जो आज हर शिक्षा संस्थान के सामने खड़ी है।
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जरूरी है, लेकिन सामाजिक मर्यादा और जिम्मेदारी उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है।

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