

शिक्षक कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाली की मांग
……………..……………
अखिल भारतीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेश त्यागी ने कहा कि संगठन भारत वर्ष के समस्त राज्यों में शिक्षक कर्मचारियों को पुरानी पेंशन की मांग करता है।, त्यागी ने कहा कि कतिपय राज्यों की सरकारों ने 2005 के बाद सरकारी सेवा में नियुक्ति पाने वाले शिक्षक कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का लाभ दिया है और कुछ राज्यों में आज तक पुरानी पेंशन शिक्षक कर्मचारियों को लागू नहीं की गई है जिसे कर्मचारियों में आक्रोश बना हुआ है। अखिल भारतीय जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के राष्ट्रीय महामंत्री सुभाष चौहान ने कहा कि भारत वर्ष में माननीय सांसद व माननीय विधायक को एक बार नहीं पद पर विराजमान होने पर कई बार पेंशन का लाभ दिया जाता है जिसका हम स्वागत करते हैं ,हम सरकार से मांग करते हैं कि शिक्षक कर्मचारियों को भी पुरानी पेंशन का लाभ दिया जाना चाहिए,ताकि कर्मचारियों के लिए बुढा़पे में पेंशन एक सहारा बनकर रह जायेगी।सुभाष चौहान ने यह भी कहा है कि दस अप्रैल को गैरसैण में शिक्षक कर्मचारियों की पुरानी पेंशन की मांग के लिए रामलीला मैदान में एक आक्रोश रैली होने जा रही है, समस्त शिक्षक कर्मचारी इस आक्रोश रैली में बढ़ चढ़कर भाग लेने का कष्ट करें। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रवीन्द्र पुंडीर ने कहा कि आज उत्तराखंड में शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है।सरकार शिक्षा में कोई ठोस नीति नहीं बना पाई है ,जिस कारण नौनिहालों का भविष्य अंधकारमय बना हुआ है।सुभाष चौहान ने कहा कि आज भी सुदूरवर्ती क्षेत्रों के विद्यालयों में अध्यापकों का अभाव बना हुआ है,जिस कारण लोगों को पलायन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है ,सरकारी विद्यालयों में घटती छात्र संख्या का कारण यही है कि विद्यालयों में विषयवार अध्यापकों की तैनाती नहीं की गई है, पहाड़ी क्षेत्रों में सरकारी अस्पतालों में आज डाक्टर नहीं हैं विद्यालयों में अध्यापक नहीं हैं जिस कारण गरीब जनता घुट घुटकर जीवन यापन कर रही है।सुभाष चौहान ने कहा कि नवीन सत्र प्रारंभ हो गया है और अभी तक विद्यालयों में किताबें नहीं पहुंच पाई है आखिर कब बच्चों को किताब मिलेगी और कब बच्चा पढ़ेगा ये बहुत ही सोचनीय विषय है। उत्तराखंड में आज उच्चीकृत जूनियर हाई स्कूलो़ की दशा बहुत ही दयनीय बनी है,इन विद्यालयों में स्थानांतरण व पदोन्नति में अध्यापक नहीं भेजे जा रहे है़,जिस कारण उच्चीकृत जूनियर हाई स्कूल मझधार में चल रहे हैं। उत्तराखंड में जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ लंबे समय से त्रिस्तरीय कैडर व्यवस्था लागू करने की मांग कर रहा है, सरकार में बैठे जिम्मेदार लोग लगातार आश्वासन देकर पदाधिकारियों को बेवकूफ बना रहें हैं। जिसे शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है और गरीब बच्चों का भविष्य अंधकार में डूबता जा रहा है।हमारी सरकार से मांग है कि एक ठोस नीति के तहत समय रहते विद्यालयों में विषयवार अध्यापकों की तैनाती की जाए,और संगठनों की जायज मांग मानी जाए,तभी जाकर शिक्षा में सुधार होगा और पहाड़ों से पलायन भी रूकेगा। सुभाष चौहान ने समस्त राज्यों के जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के पदाधिकारियों से अपील है कि अपनी जायज मांगों के लिए आगे आए, साथ ही शिक्षक कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाली में सहयोग करें ,जिसके लिए हम पूर्ण रूप से आप लोगों का सहयोग करेगें।